विविधा त्वरित न्याय के दायरे में माननीय

त्वरित न्याय के दायरे में माननीय

संदर्भः- सर्वोच्च न्यायालय ने दागी सांसद – विधायकों के मामलों में तय की समय सीमा -प्रमोद भार्गव-  विधायिका जब राजनीतिक कुनबों के दागियों पर अंकुश…

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चुनाव जाट आरक्षण के घोड़े पर कांग्रेस

जाट आरक्षण के घोड़े पर कांग्रेस

-अरविंद जयतिलक-  आमचुनाव सिर पर देख कांग्रेसनीत यूपीए सरकार की कैबिनेट ने आखिरकार जाट आरक्षण पर मुहर लगा ही दी। इससे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल…

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चिंतन मुआवजे के बदले अपमान क्यों? जबकि है अपमानकारी मुआवजे का स्थायी समाधान!

मुआवजे के बदले अपमान क्यों? जबकि है अपमानकारी मुआवजे का स्थायी समाधान!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’-  बलात्कारित स्त्री और मृतक की विधवा, बेटी या अन्य परिजनों को लोक सेवकों के आगे एक बार नहीं बार-बार न मात्र…

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कविता भोलाराम का प्रजातंत्र

भोलाराम का प्रजातंत्र

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव-  जब पवित्र पावक मनमोहक‌ दिन चुनाव का आता है भोलाराम निकलकर घर से वोट डालने जाता है| किसे चुने या किसे वोट दें…

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व्यंग्य योग्य उम्मीदवार

योग्य उम्मीदवार

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव-  चुनाव सिर पर थे और योग्य उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी थी। सभी राजनैतिक दल एक दूसरे को पटकनी देने…

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कविता मीठी वाणी

मीठी वाणी

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव- छत पर आकर बैठा कौवा, कांव-कांव चिल्लाया| मुन्नी को यह स्वर ना भाया, पत्थर मार भगाया| तभी वहां पर कोयल आई, कुहू कुहू…

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चुनाव राष्ट्रहित में संघ की अनूठी पहल

राष्ट्रहित में संघ की अनूठी पहल

-प्रवीण दुबे-  लोकतंत्र का महाकुंभ कहे जाने वाले लोकसभा चुनाव निकट हैं। चुनाव शांतिपूर्ण, व्यवस्थित ढंग से पूर्ण हों यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है।…

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राजनीति भाजपा में अंतर्कलह की स्थिति

भाजपा में अंतर्कलह की स्थिति

-प्रमोद भार्गव-  चुनावी हवा का रुख भांपकर दलबदल और दागी भाजपा में शामिल होने की होड़ में लगे हैं। सत्तामोह की लालच में भाजपा ने…

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चिंतन न्यायपालिका के सामाजिक आधार में विस्तार की जरूरत

न्यायपालिका के सामाजिक आधार में विस्तार की जरूरत

-देवेन्द्र कुमार- भारत की सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था में न्यायपालिका को सामाजिक परिवर्तन के एक हथियार के रूप में देखा जाता रहा है और न्यायपालिका ने अपने…

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जरूर पढ़ें नक्सल हिंसा पर चैनलों की चुप्पी क्यों?

नक्सल हिंसा पर चैनलों की चुप्पी क्यों?

शर्म इनको मगर नहीं आती -गिरीश पंकज- बस्तर की धरती 11 मार्च को एक बार फिर लाल आतंक के कारण लाल हो गयी. 25 मई…

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जन-जागरण नमो-नमो नहीं करने का अर्थ

नमो-नमो नहीं करने का अर्थ

संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बेंगलुरु की प्रतिनिधि सभा के दौरान कह दिया कि ‘हमारा काम नमो-नमो करना नहीं है।’ उनके इस कथन…

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जन-जागरण महात्मा गांधी की हत्या और आरएसएस : बहस जारी

महात्मा गांधी की हत्या और आरएसएस : बहस जारी

पिछले हफ्ते (मार्च 2014) राहुल गांधी ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ”आरएसएस के लोगों ने गांधीजी को मारा और अब…

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