‘मुहावरा रह गई दाल-रोटी’
Updated: February 28, 2014
-भरतचंद्र नायक- हर मुल्क का आत्मदर्शन, प्रतिबद्धताएं और वर्जनाएं होती हैं जो कौम की दिशा निर्देश बनती है। भारत में दाल रोटी की पूर्ति…
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शिवरात्रि को हुई दैवीय प्रेरणा से मूलशंकर महर्षि दयानन्द बने
Updated: February 27, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- महर्षि दयानन्द का जन्म-काल का नाम मूलशंकर था। उनके पिता श्री करषनजी तिवारी पौराणिक ईश्वर शिव के कट्टर भक्त थे। सन्…
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उत्तर प्रदेश में चुनावी समर- हत्या, दंगों और विकास के मुद्दों का असर
Updated: February 27, 2014
-अरविन्द विद्रोही- लोकसभा चुनाव का जंग लड़ने व जीतने के लिए राजनेताओं-राजनैतिक दलों ने चुनावी रण में अपने-अपने योद्धाओं को उतारना शुरू कर दिया…
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सर्वधर्म संभाव का प्रतीक बराड़ा का महाशिवरात्रि उत्सव
Updated: February 27, 2014
-निर्मल रानी- हमारा देश भारतवर्ष स्वयं में अनेकानेक ऐसेे धार्मिक त्यौहारों, सामाजिक आयोजनों तथा परंपराओं को समेटे हुए हैं जो समय-समय पर हमें अपनी प्राचीन…
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अपने ही देश में बेगाने हिंदू
Updated: February 27, 2014
-सचिन शर्मा- कांग्रेसनीत संप्रग -2 सरकार व छद्म सेक्यूर पार्टियों ने लगता है कि देश से हिंदुओं के सफाये का मन पूरी तरह बना…
Read moreजय हो पण्डित लेखराम
Updated: February 27, 2014
-विमलेश बंसल ‘आर्या’- जन्म लिया था रावलपिंडी, पाढीवार के कुहुटा ग्राम-2। तारा का अनमोल सितारा, जय हो पंडित लेखराम-2॥ 1. थे पंडित, विद्वान, साहसी, सच्चे देशभक्त…
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जैसे कैसे हो गया बस !
Updated: February 27, 2014
-अशोक गौतम- बरसों से महसूस होने का सारा सिस्टम खटारा होने के बाद भी कई दिनों से मैं महसूस कर रहा था कि…
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सरफरोशी की तमन्ना अब बड़़ी मुश्किल में है
Updated: February 27, 2014
– सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”- सरफरोशी की तमन्ना को बिस्मिल जी ने किस मनोभाव में लिखा होगा… कभी गौर से पढ़िये तो एक एक शब्द…
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इस तरह का कृत्य क्या राष्ट्र को जिन्दा रखता है ?
Updated: February 27, 2014
-डॉ. अरविंद कुमार सिंह- जनता के वोटों से दिल्ली के तख्त पर पहुंचने वाले राजनेताओं से पूछना चाहता हूं, देश के प्रधानमंत्री की हत्या…
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मीना, मीणा, मैना, मैणा, मेंना, मैंणा आदि सभी पर्यायवाची शब्द
Updated: February 27, 2014
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- जब पहली बार जिस किसी ने भी ‘मीणा’ जाति को जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए किसी बाबू या…
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कुछ सवाल अरविन्द केजरीवाल से
Updated: February 26, 2014
अरविन्द केजरीवाल यह हमेशा भूल जाते हैं कि जब आप एक ऊंगली दूसरे की ओर उठाते हैं, तो तीन ऊंगलियां अपने आप स्वयं की…
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व्यंग्य बाण : कुर्सी की दौड़ में
Updated: February 26, 2014
वैसे तो सभी बच्चे शरारती होते हैं, और जो शरारती न हो, वह बच्चा ही क्या ? पर शर्मा जी के मोहल्ले बच्चे, तौबा-तौबा। वे…
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