कविता मिक्सिंग और फिक्सिंग

मिक्सिंग और फिक्सिंग

-मिलन सिन्हा-  उसने पहले ढंग से जाना गेम का सब ट्रिक्स फिर मैच को अच्छे से किया फिक्स जब शोर हुआ  तब राजनीति से किया…

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कविता अहंकार बलिदान बड़ा है, देह के बलिदान से

अहंकार बलिदान बड़ा है, देह के बलिदान से

-मधुसूदन-  मिट्टी में जब, गड़ता दाना, पौधा ऊपर, तब उठता है। पत्थर से पत्थर, जुड़ता जब, नदिया का पानी, मुड़ता है। अहंकार दाना, गाड़ो तो,…

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चुनाव राजनीति और नैतिकता

राजनीति और नैतिकता

-अमरेन्द्र किशोर-  भारतीय राजनीति और समाज का यह परिवर्तन का दौर है। बदलाव के बयार में कुछ भ्रम है, पशोपेश है और कुछ अंतर्विरोध है।…

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जन-जागरण काजल की कोठरी है, जरा बचके

काजल की कोठरी है, जरा बचके

-मनोहर पुरी-  हमारे पर्वूजों ने बहुत सोच-समझकर यह कहावत बनाई होगी कि काजल की कोठरी में कितना ही सयाना व्यक्ति जाये उसके ऊपर एक लकीर…

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राजनीति विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री

विकीलीक्स के निशाने पर भावी प्रधानमंत्री

-प्रमोद भार्गव-  देश के प्रमुख राष्ट्रीय दलों के भावी प्रधानमंत्रियों को खोजी समाचार वेबसाइट विकीलीक्स ने करारा झटका दिया है। भाजपा द्वारा विकीलीक्स के संस्थापक-संपादक…

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चुनाव लोकसभा चुनाव नवमतदाताओं के लिए चुनौती और अवसर

लोकसभा चुनाव नवमतदाताओं के लिए चुनौती और अवसर

‘लम्हे ने खता की और सदियों ने सजा पायी’ -भरतचंद्र नायक-  विश्व के विकसित, अविकसित और विकासशील कमोवेश 182 देशों में आज भारत सबसे युवा…

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राजनीति एमजे अकबर का भाजपा में आना!

एमजे अकबर का भाजपा में आना!

-फखरे आलम-  एम.जे अकबर, मोबशीर जावेद अकबर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हाँ यह अलग बात है कि उन्होंने जितनी सफलता पत्रकारिता के माध्यम…

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विविधा Default Post Thumbnail

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अद्वितीय सेनानी

: तात्या टोपे -18 अप्रैल जन्मदिन पर विशेष -वीरेन्द्र सिंह परिहार- जब भारतवर्ष करीब-करीब 1857 के स्वतंत्रता की लड़ाई हार चुका था, और पूरे देश…

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मीडिया क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार …!!

क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार …!!

तारकेश कुमार ओझा यह सचमुच विडंबना ही है कि एक अाइपीएल मैच खेल कर कोई क्रिकेट खिलाड़ी करोड़पति बन सकता है, और महज एक अंतरराष्ट्रीय…

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साहित्‍य साहित्य की मुख्य धारा में समकालीन गीत

साहित्य की मुख्य धारा में समकालीन गीत

-भारतेंदु मिश्र-  साहित्य को समाज का दर्पण कहा गया है और वह कई मायने में है भी। अब यदि साहित्य की मुख्यधारा की बात करें…

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मीडिया वर्तमान मीडिया … झूठ का व्यापार

वर्तमान मीडिया … झूठ का व्यापार

-श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’-   बात तब की है तब में एक अंतर्राष्ट्रीय न्यूज चैनल के लिए अपने जिले का प्रतिनिधि संवाददाता हुआ करता था।…

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राजनीति आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!!

आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!!

अन्ना हजारे से अलग होकर अरविंद केजरीवाल ने जब आप नाम से नई पार्टी बनाई तो किसी को भी  इस बात का भान नहीं था…

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