विविधा हिन्दी दिवस नही ‘संस्कृति दिवस’

हिन्दी दिवस नही ‘संस्कृति दिवस’

हिंदी दिवस एक बार पुन: आ गया है। हर वर्ष हम 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाते हैं। हिंदी हमारी राजभाषा है,…

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हिंद स्‍वराज अपने स्वतन्त्रता सैनानियों को हमने बना दिया आदिवासी व जनजाति इत्यादि

अपने स्वतन्त्रता सैनानियों को हमने बना दिया आदिवासी व जनजाति इत्यादि

गतांक से आगे… भारतीय इतिहास को विकृतीकरण से उबारने का आवाहन करते हुए स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि अब यह हमारे लिए है कि…

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जन-जागरण कांग्रेसी भी नही थे धर्मांतरण के पक्षधर

कांग्रेसी भी नही थे धर्मांतरण के पक्षधर

राकेश कुमार आर्य भारत धर्मान्तरण का जहर फेेलता ही जा रहा है। धर्म के नाम पर भारतीय उपहाद्वीप विभाजन की भयानक पीड़ा पूर्व में झेल…

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धर्म-अध्यात्म गणपति बप्पा मोरया…

गणपति बप्पा मोरया…

परमजीत कौर कलेर घर का कोई भी शुभ काम करने से पहले उनकी पूजा की जाती है…वो सवांरते हैं सभी के बिगड़े काम…और सभी की…

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राजनीति आज़म का दम और सपा मुलायम

आज़म का दम और सपा मुलायम

 सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” सपा की राजनीतिक ज़मीन और सत्ता का संचालन अब किसी से छुपा नहीं है। सपा का ये चरित्र वस्तुतः एक क्षेत्रीय दल…

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राजनीति पार्टी विद डिफ़रेंस में कुछ भी डिफरेंट नहीं

पार्टी विद डिफ़रेंस में कुछ भी डिफरेंट नहीं

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी ने भाजपा के आतंरिक लोकतंत्र की जितनी छीछालेदर की है वह पार्टी के भविष्य के…

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विविधा अंग्रेजी बनाम हिन्दी ‘गुलामी की हद नहीं तो और क्या है?’

अंग्रेजी बनाम हिन्दी ‘गुलामी की हद नहीं तो और क्या है?’

गांधीजी ने हिन्द स्वराज में कहा था- ‘हिन्दुस्तान की आम भाषा अंग्रेजी नहीं, बल्कि हिन्दी है। वह आपको सीखनी होगी और हम तो आपके साथ…

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कविता कविता – कितना अच्छा होता

कविता – कितना अच्छा होता

कितना अच्छा होता कि हवा अपनी ही दुनिया में बहती न वह आँधी का रुप लेती न ही कोई घर बेघर हो पाता ।  …

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राजनीति इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री

इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के बारे में चर्चा करने से पहले एक घटना सुनाता हूं. वीपी सिंह के इस्तीफे के बाद देश में चंद्रशेखर…

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विविधा भारत में दिशाविहीन शिक्षा प्रणाली: बुनियादी बदलाव की दरकार

भारत में दिशाविहीन शिक्षा प्रणाली: बुनियादी बदलाव की दरकार

भाग-1 डॉ. संजय वर्मा भारत में शिक्षा प्रणाली की गौरवशाली परंपरा रही है। प्राचीन काल में भारत का अपने शिक्षा केन्द्रों के कारण पूरे विश्व…

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व्यंग्य बाबा बाबा रे बाबा

बाबा बाबा रे बाबा

अनुज अग्रवाल आज कल बाबा विकृति का पर्याय हैं। बेसिरपैर के संस्कारों, रीति रिवाजों, अंधविश्वासों, मान्यताओं और परम्पराओं में जकड़े भारतीय जनमानस चाहे वो हिन्दू…

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खेल जगत आईओसी के चुनाव से सीख लें भारत के खेल संघ

आईओसी के चुनाव से सीख लें भारत के खेल संघ

पंकज कुमार नैथानी अर्जेंन्टिना के ब्यूनस आयर्स में इस साल 7 से 10 सितंबर के बीच आयोजित इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी यानी आईओसी की 125वीं आम…

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