पर्व - त्यौहार सर्वधर्म संभाव का प्रतीक बराड़ा का महाशिवरात्रि उत्सव

सर्वधर्म संभाव का प्रतीक बराड़ा का महाशिवरात्रि उत्सव

-निर्मल रानी-    हमारा देश भारतवर्ष स्वयं में अनेकानेक ऐसेे धार्मिक त्यौहारों, सामाजिक आयोजनों तथा परंपराओं को समेटे हुए हैं जो समय-समय पर हमें अपनी प्राचीन…

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राजनीति अपने ही देश में बेगाने हिंदू

अपने ही देश में बेगाने हिंदू

-सचिन शर्मा-    कांग्रेसनीत संप्रग -2 सरकार व छद्म सेक्यूर पार्टियों ने लगता है कि देश से हिंदुओं के सफाये का मन पूरी तरह बना…

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कविता Default Post Thumbnail

जय हो पण्डित लेखराम

-विमलेश बंसल ‘आर्या’-   जन्म लिया था रावलपिंडी, पाढीवार के कुहुटा ग्राम-2। तारा का अनमोल सितारा, जय हो पंडित लेखराम-2॥ 1. थे पंडित, विद्वान, साहसी, सच्चे देशभक्त…

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व्यंग्य जैसे कैसे हो गया बस !

जैसे कैसे हो गया बस !

-अशोक गौतम-     बरसों से महसूस होने का सारा सिस्टम खटारा होने के बाद भी कई दिनों से मैं महसूस कर रहा था कि…

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कविता सरफरोशी की तमन्‍ना अब बड़़ी मुश्‍किल में है

सरफरोशी की तमन्‍ना अब बड़़ी मुश्‍किल में है

– सिद्धार्थ  मिश्र  “स्‍वतंत्र”-    सरफरोशी की तमन्‍ना को बिस्मिल जी ने किस मनोभाव में लिखा होगा… कभी गौर से पढ़िये तो एक एक शब्‍द…

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महत्वपूर्ण लेख इस तरह का कृत्य क्या राष्ट्र को जिन्दा रखता है ?

इस तरह का कृत्य क्या राष्ट्र को जिन्दा रखता है ?

-डॉ. अरविंद कुमार सिंह-    जनता के वोटों से दिल्ली के तख्त पर पहुंचने वाले राजनेताओं से पूछना चाहता हूं, देश के प्रधानमंत्री की हत्या…

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कला-संस्कृति मीना, मीणा, मैना, मैणा, मेंना, मैंणा आदि सभी पर्यायवाची शब्द

मीना, मीणा, मैना, मैणा, मेंना, मैंणा आदि सभी पर्यायवाची शब्द

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’-   जब पहली बार जिस किसी ने भी ‘मीणा’ जाति को जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए किसी बाबू या…

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राजनीति कुछ सवाल अरविन्द केजरीवाल से

कुछ सवाल अरविन्द केजरीवाल से

      अरविन्द केजरीवाल यह हमेशा भूल जाते हैं कि जब आप एक ऊंगली दूसरे की ओर उठाते हैं, तो तीन ऊंगलियां अपने आप स्वयं की…

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राजनीति व्यंग्य बाण : कुर्सी की दौड़ में

व्यंग्य बाण : कुर्सी की दौड़ में

वैसे तो सभी बच्चे शरारती होते हैं, और जो शरारती न हो, वह बच्चा ही क्या ? पर शर्मा जी के मोहल्ले बच्चे, तौबा-तौबा। वे…

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आर्थिकी बिहार में गैरबराबरी की बढ़ती  खाई

बिहार में गैरबराबरी की बढ़ती खाई

आलोक कुमार  विकास दर के आँकड़ों में वृद्धि दर्शाने के बावजूद बिहार में ग्रामीण जनता की जरुरत के हिसाब से मुठ्ठी भर भी नए रोजगार…

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राजनीति दिल्ली नरसंहार के अपराधियों को बचाने का षडयंत्र–डा. कुलदीप चन्द अगिनहोत्री

दिल्ली नरसंहार के अपराधियों को बचाने का षडयंत्र–डा. कुलदीप चन्द अगिनहोत्री

सोनिया गांधी की पार्टी को छोड़कर, बाकी सभी राजनैतिक दल श्रीमती इन्दिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में हुए भीषण नरसंहार को लेकर एकमत…

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जन-जागरण यह खेल आखिर कबतक जारी रहेगा ?

यह खेल आखिर कबतक जारी रहेगा ?

डा. अरविन्द कुमार सिंह आज के दौर में भ्रष्टाचार हर विभाग और हर स्तर पर दिखलाई दे रहा हैं । आबकारी , पुलिस और परिवहन…

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