पंथ निरपेक्षता है संविधान की मूल भावना
Updated: July 24, 2013
भारत के संविधान का उद्देश्य संकल्प 22 जनवरी 1947 को पारित किया गया था। इस संकल्प के माध्यम से भावी भारत का उद्देश्य स्पष्ट किया…
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मनु-मोहम्मद-मसीह
Updated: July 24, 2013
अशोक शर्मा आज जब चारो ओर धर्मं के नाम पर मार काट मची है दुनिया इंसानों और देशो में कम और धर्मो में ज्यादा…
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रामबन में लाशों पर राजनीति करती सोनिया कांग्रेस और उमर अब्दुल्ला
Updated: July 24, 2013
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर के रामबन ज़िला के धर्म-गूल-संगलदान क्षेत्र में पिछले दिनों १७ जुलाई को सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय लोगों का…
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असंवदेनशीलता का एक और उदाहरण
Updated: July 24, 2013
सिद्धार्थ मिश्र”स्वतंत्र” अपनी कुत्सित एवं भ्रष्ट नीतियों के लिए कुख्यात कांग्रसनीत यूपीए सरकार की विश्वसनीयता अपने न्यूनतम स्तर पर जा पहुंची है । इसके लिए…
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मोदी की स्वीकार्यता से भाजपा में बगावत
Updated: July 24, 2013
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति का मुखिया बनाकर संघ ने परोक्ष रूप से पार्टी में यह संकेत…
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अदालतों से बंधती उम्मीदें
Updated: July 23, 2013
अरविंद जयतिलक अकसर राजनीतिक दलों द्वारा सार्वजनिक मंच से मुनादी पीटा जाता है कि राजनीति का अपराधीकरण लोकतंत्र के लिए घातक है। वे इसके खिलाफ…
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मौत का भोजन
Updated: July 23, 2013
प्रमोद भार्गव वैसे तो यह एक दयनीय स्थिति है कि दुनिया में महाशक्ति बनने का ढिंढोरा पीट रहे भारत की 12 लाख पाठशालाओं के 12…
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‘‘भारत रत्न’’ मेजर ध्यान चंद को ही मिलना चाहिये।
Updated: July 23, 2013
शादाबजफर ‘‘शादाब’’ यकीनन भारत रत्न के सब से बडे हकदार हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यान चंद ही है। ये सच है कि…
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मनमोहक है
Updated: July 23, 2013
डा.राज सक्सेना अभिशाप बुढापा कभी न था,यह तो गरिमा का पोषक है | आनन्द इसी में जीने का,यह शिखर रूप का द्योतक है | …
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नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड
Updated: July 23, 2013
मुझे नहीं मालूम कि इस विवाद में मैने जो हिस्सा लिया वह किसी के लिए ढाल सिद्ध हुआ या नहीं. मुझे यह भी नहीं मालूम…
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मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न बनाम कसीनों बना क्रिकेट
Updated: July 23, 2013
आज देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति जिस प्रकार का उपेक्षित वातावरण है उसमें हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को सर्वोच्च अलंकरण…
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व्यंग्य बाण : मेरी छतरी के नीचे आ जा..
Updated: July 23, 2013
इस सृष्टि में कई तरह के जीव विद्यमान हैं। सभी को स्नेह-प्रेम, हास-परिहास और मनोरंजन की आवश्यकता होती है। पशु-पक्षी भी मस्ती में खेलते, एक-दूसरे…
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