न्यू मीडिया और जन-संवाद
Updated: October 16, 2013
गिरीश पंकज अंतरजाल (इन्टरनेट) के आने के बाद न्यू मीडिया के रूप में विकसित वेब पत्रकारिता ने एक तरह की क्रांति की है. इसके माध्यम…
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राष्ट्रवादी चिंतनधारा को वरीयता दी ‘प्रवक्ता’ ने / राकेश कुमार आर्य
Updated: October 15, 2013
मैं यह लेख श्री भारत भूषण व श्री संजीव सिन्हा और उनकी ‘प्रवक्ता’ की पूरी टीम के पुरूषार्थ और उद्यम को समर्पित कर रहा हूं…
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उदार लोकतांत्रिक विचारों का मंच है ‘प्रवक्ता’ / संजय द्विवेदी
Updated: October 15, 2013
संजय द्विवेदी जी हिंदी पत्रकारिता के यशस्वी युवा हस्ताक्षर हैं। कम समय में ही उन्होंने अपनी निर्भीक लेखनी से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब में विशिष्ट पहचान बनाने…
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केंद्र की विभाजनकारी नीति
Updated: October 15, 2013
-अरविंद जयतिलक यह विडंबना है कि आमचुनाव सिर पर देख केंद्र की यूपीए सरकार पुन: वोटयुकित की जुगाड़ में सांप्रदायिक राजनीति पर उतर आयी है।…
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तेलंगाना: नक्शा बदलने का आंदोलन
Updated: October 15, 2013
प्रमोद भार्गव तेलंगाना आंदोलन एक ऐसे केंद्रीय बिंदु पर आकर टिक गया है,जहां दो विपरीत ध्रुब अपनी संपूर्ण शक्तियों के साथ संघर्षरत हैं। विभाजन के…
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गुरुओं का गुरु राहुल
Updated: October 15, 2013
राहुल गांधी ने खुद कहा है कि उनके दो गुरु हैं। एक तो उनकी मां और दूसरे, डा. मनमोहन सिंह! मां तो हर किसी की…
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प्रवक्ता से जुड़ी मेरी यादें………. (आम लोगों की आवाज)
Updated: October 15, 2013
प्रवक्ता.कॉम (अभिव्यक्ति का मंच), जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि हम यानि कोई भी हो, आम आदमी या मीडिया से संबंधित, लोग…
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खूबसूरत बच्चा
Updated: October 15, 2013
बाल कहानीः-शादाब जफर‘‘शादाब‘‘ एक बार अकबर बादशाह ने बीरबल से कहा की बीरबल आज हम दुनिया का सब से खूबसूरत बच्चा देखना चाहते है अतः…
Read moreअक्ल बड़ी या भैंस….
Updated: October 15, 2013
देश भर की भैंसो ने अपना संगठन मज़बूत किया है , उनका कहना है कि वो मनुष्य को गायों से कंहीं ज़्यादा दूध उपलब्ध कराती…
Read moreअगर आज के समय में रामायण होती तो कैसी खबरे आती …
Updated: October 15, 2013
● राजा दशरथ ने की श्रवण कुमार की हत्या , FIR दर्ज… ● अयोध्या के राजपाठ को लेके राजा-रानी में विवाद बढ़ा ● केवट द्वारा…
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ज्वलंत मुद्दों पर बहस है ‘प्रवक्ता’ की खासियत
Updated: October 14, 2013
प्रिय संजीव जी, नमस्कार! पांच वर्ष पूर्व ‘प्रवक्ता’ के रूप में आपने जो वैचारिक अंकुर लगाए थे वह अब वृक्ष का आकार लेने लगा है।…
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हिन्दी कविता में जन्मभूमि-वंदना
Updated: October 14, 2013
राकेश कुमार आर्य हमारे कवियों ने मां भारती के प्रति हर देशवासी को जागरूक बनाये रखने हेतु समय-समय पर देशभक्ति और जन्मभूमि के प्रति समर्पण…
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