चिंतन इंसानियत अपनाएं वरना बहा ले जाएंगी नदियाँ

इंसानियत अपनाएं वरना बहा ले जाएंगी नदियाँ

इतना विराट महाप्रलय…. लाशों का अंबार….भूख और प्यास के मारे दम तोड़ती जिन्दगियाँ….नदियों का रौद्र रूप….कहीं वीरानी, सन्नाटा और कहीं चीख-चीत्कार….घोड़ों और खच्चरों की मौत…बस्तियां…

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जरूर पढ़ें भगवान, इंसान व हैवानों से रूबरू उत्तराखंड त्रासदी

भगवान, इंसान व हैवानों से रूबरू उत्तराखंड त्रासदी

देश का उत्तराखंड राज्य इन दिनों भारतवर्ष में अब तक हुई सबसे भयंकर प्रलय रूपी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हालांकि प्रशासन व बचाव…

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कविता समारोह

समारोह

आज शहर में एक समारोह हैं, इस पावन पुनीत मांगलिक बेला पर, नेता भी आए, अभिनता भी आए, सज्जन भी आए, अपराधी भी आए ।…

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जरूर पढ़ें क्या सूफी फकीर वास्तव में धर्म निरपेक्ष थे ?

क्या सूफी फकीर वास्तव में धर्म निरपेक्ष थे ?

भारतीय इतिहास में हमें पढ़ाया जाता है कि मुस्लिम सूफी फकीर बड़े दयालू प्रजा से प्रेम करने वाले और एक हिन्दू मुस्लिम समन्वयवादी दृष्टिकोण के…

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समाज ज़ख्म भरने के लिए आश्वासन काफी है?

ज़ख्म भरने के लिए आश्वासन काफी है?

मो. अनीसुर्रहमान खान  ‘‘मैं खूब पढ़ना चाहती हूँ, डॉक्टर बनना चाहती हूँ क्योंकि हमारे गाँव में बहुत से गरीब और विकलांग हैं जो अपने इलाज…

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विविधा मनरेगा की झूठी कहानी से नहीं होता भारत निर्माण

मनरेगा की झूठी कहानी से नहीं होता भारत निर्माण

शैलेन्द्र सिन्हा चुनाव का समय करीब आने के साथ ही केंद्र सरकार ने एक बार फिर मनरेगा को अपना हथियार बनाया है। इसके तहत देश…

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विविधा शिक्षित होती तो हाथ में झाड़ू नहीं होता!

शिक्षित होती तो हाथ में झाड़ू नहीं होता!

निकहत परवीन  सीबीएसई की तरह बिहार के दसवीं और बारहवीं में भी बेटियों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। बिहार बोर्ड परीक्षा में…

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कविता दर्द और दहशत

दर्द और दहशत

उसने देखा है गाय और भैसों को ट्रक और ट्रेक्टर से ले जाते हुए उसने देखा है भेड़ और बकरी को टैम्पू और तांगे पर…

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कविता मैं शायर तो नही

मैं शायर तो नही

शहर की और निकल पड़ा हूँ …..   मुझमें कोई खास बात नही है   मुझमे कोई अंदाज नही है   मैं एक अनजान हूँ…

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चिंतन नज़रों से गिर जाते हैं टाईमपास और कामटालू लोग

नज़रों से गिर जाते हैं टाईमपास और कामटालू लोग

मनुष्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि उसे जो अवसर दिए जाते हैं। जिन शक्तियों से समृद्ध किया जाता है और अपने आपको मनुष्यत्व…

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विविधा आपदा में मानव जीवन को मदद पहुंचाते समय भेदभाव मानवता के खिलाफ अपराध

आपदा में मानव जीवन को मदद पहुंचाते समय भेदभाव मानवता के खिलाफ अपराध

लेखक के व्यंग्‍य लेख “रजनीकांत बर्खास्त:रजनीकांत का कार्यभार नरेंद्र को सौंपा गया” पर आई टिप्‍पणियों का जवाब…  अरुण कान्त शुक्ला प्रवक्ता पर मेरे व्यंग्‍य लेख…

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राजनीति राजेन्‍द्र यादव, सलमा और माओवाद

राजेन्‍द्र यादव, सलमा और माओवाद

 राजीव रंजन प्रसाद हंस का जुलाई अंक पढा। संपादकीय पढने के बाद लगा कि रिटायरमेंट की एक उम्र तय होनी चाहिये। छोडि़ये, सचिन ही कब…

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