मैं कोई किताब नहीं
Updated: May 6, 2013
मंजुल भटनागर मैं कोई किताब नहीं , एक कविता भी नहीं , एक शब्द भी नहीं , मेरा कोई अक्स नहीं , कोई रूप नहीं…
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विषयविहीन हो चूका है आज का सिनेमा
Updated: May 5, 2013
‘ये कहाँ आ गए है हम’ लता जी की मीठी आवाज़ में गया ये गाना आज भारतीय सिनेमा के १०० साल की यात्रा पर बिल्कुल फिट बैठता…
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भ्रष्टाचार को रोके कैसे ?
Updated: May 5, 2013
यू.पी. ए. 2 सरकार हमारी, भोली भाली और बेचारी, राजकुमार उनके ब्रम्हचारी, राज करें उनकी महतारी। प्रधानमंत्री भी भोले भाले, सारे काँण्ड करें मंत्रीगण, कभी कामनवेल्थ धोटाला, 2जी, 3जी मे नहा नहाकर, हैलीकौप्टर की घूस खाकर, कोलगेट…
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फिर बेनक़ाब हुआ पाक का ‘नापाक’ चेहरा
Updated: May 5, 2013
तनवीर जाफ़री पाकिस्तान की जेल में लगभग 22 वर्ष बिताने वाले भारतीय कैदी सरबजीत की गत् 26 अप्रैल को जेल में किए गए एक जानलेवा…
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कश्मीर का दर्द
Updated: May 5, 2013
15 अगस्त 1947 ईं को जो स्वतंत्रता हमें मिली थी, वह लंगड़ी-लूली स्वतंत्रता थी, क्योंकि विभाजित भारत में मिला-अखण्ड भारत तो अंग्रेजी साम्राज्यवाद की कुचालों…
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मुन्ना बोला
Updated: May 4, 2013
मैंने सपने में देखा है,तुम दिल्ली जानेवाले हो| किसी बड़े होटल में जाकर,रसगुल्ले खाने वाले हो| मैंने सपने में देखा…
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मजदूर
Updated: May 4, 2013
मंजुल भटनागर मजदूर कहाँ ढूंढ़ता हैं छत अपने लिए वो तो बनाता है मकान धूप में तप्त हो कर उसकी शिराओ में बहता है हिन्दुस्तान…
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भाषा-परिवार एवं विश्व-भाषाएँ
Updated: May 14, 2013
प्रोफेसर महावीर सरन जैन अनुमान किया जाता है कि संसार में लगभग सात हजार भाषाएँ बोली जाती हैं। एथनोलॉग के अनुसार संसार में 6912…
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क्या ध्वस्त होगा दक्षिण में भाजपा का किला ?
Updated: May 4, 2013
विनायक शर्मा ४ मई को कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान हो जायेगा और ८ मई को मतगणना के पश्चात नतीजों की घोषणा की जायेगी.…
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चंद शब्दों के अंश
Updated: May 4, 2013
कुछ कहानियां और किस्से गाँव से बाहर के हिस्से में पुरानें बड़े दरख्तों पर टंगे हुए. कुछ कानों और आँखों में कही बातें जो…
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अस्मिता,आम्बेडकर और रामविलास शर्मा
Updated: May 4, 2013
जगदीश्वर चतुर्वेदी रामविलास शर्मा के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जातिप्रथा पर विचार करते हैं।…
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चरित्रहीन आदर्शवाद
Updated: May 4, 2013
(संदर्भःपूरब-पच्छिम फिल्म) आदित्य कुमार गिरि भारतीय हिन्दी फिल्मों का विश्लेषण करने पर जो एक बात सामने आती है वह यह है कि इसका पूरा चरित्र…
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