कविता मैं कोई किताब नहीं

मैं कोई किताब नहीं

मंजुल भटनागर मैं कोई किताब नहीं , एक कविता भी नहीं , एक शब्द भी नहीं , मेरा कोई अक्स नहीं , कोई रूप नहीं…

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सिनेमा विषयविहीन हो चूका है आज का सिनेमा

विषयविहीन हो चूका है आज का सिनेमा

‘ये कहाँ आ गए है हम’ लता जी की मीठी आवाज़ में गया ये गाना आज भारतीय सिनेमा के १०० साल की यात्रा पर बिल्कुल फिट बैठता…

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कविता भ्रष्टाचार को रोके कैसे ?

भ्रष्टाचार को रोके कैसे ?

यू.पी. ए. 2 सरकार हमारी, भोली  भाली  और  बेचारी, राजकुमार  उनके  ब्रम्हचारी, राज  करें उनकी  महतारी। प्रधानमंत्री   भी  भोले भाले, सारे  काँण्ड करें  मंत्रीगण, कभी कामनवेल्थ धोटाला, 2जी, 3जी मे नहा नहाकर, हैलीकौप्टर  की  घूस  खाकर, कोलगेट…

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टॉप स्टोरी फिर बेनक़ाब हुआ पाक का ‘नापाक’ चेहरा

फिर बेनक़ाब हुआ पाक का ‘नापाक’ चेहरा

तनवीर जाफ़री पाकिस्तान की जेल में लगभग 22 वर्ष बिताने वाले भारतीय कैदी सरबजीत की गत् 26 अप्रैल को जेल में किए गए एक जानलेवा…

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राजनीति कश्मीर का दर्द

कश्मीर का दर्द

15 अगस्त 1947 ईं को जो स्वतंत्रता हमें मिली थी, वह लंगड़ी-लूली स्वतंत्रता थी, क्योंकि विभाजित भारत में मिला-अखण्ड भारत तो अंग्रेजी साम्राज्यवाद की कुचालों…

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बच्चों का पन्ना मुन्ना बोला

मुन्ना बोला

          मैंने सपने में देखा है,तुम दिल्ली जानेवाले हो|        किसी बड़े होटल में जाकर,रसगुल्ले खाने वाले हो|          मैंने सपने में देखा…

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कविता मजदूर

मजदूर

मंजुल भटनागर मजदूर कहाँ ढूंढ़ता हैं छत अपने लिए वो तो बनाता है मकान धूप में तप्त हो कर उसकी शिराओ में बहता है हिन्दुस्तान…

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जरूर पढ़ें भाषा-परिवार एवं विश्व-भाषाएँ

भाषा-परिवार एवं विश्व-भाषाएँ

  प्रोफेसर महावीर सरन जैन अनुमान किया जाता है कि संसार में लगभग सात हजार भाषाएँ बोली जाती हैं। एथनोलॉग के अनुसार संसार में 6912…

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राजनीति क्या ध्वस्त होगा दक्षिण में भाजपा का किला ?

क्या ध्वस्त होगा दक्षिण में भाजपा का किला ?

विनायक शर्मा   ४ मई को कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान हो जायेगा और ८ मई को मतगणना के पश्चात नतीजों की घोषणा की जायेगी.…

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कविता चंद शब्दों के अंश

चंद शब्दों के अंश

कुछ कहानियां और किस्से गाँव से बाहर के हिस्से में पुरानें बड़े दरख्तों पर टंगे हुए.   कुछ कानों और आँखों में कही बातें जो…

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आलोचना अस्मिता,आम्बेडकर और रामविलास शर्मा

अस्मिता,आम्बेडकर और रामविलास शर्मा

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी रामविलास शर्मा के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जातिप्रथा पर विचार करते हैं।…

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महिला-जगत चरित्रहीन आदर्शवाद

चरित्रहीन आदर्शवाद

(संदर्भःपूरब-पच्छिम फिल्म) आदित्य कुमार गिरि भारतीय हिन्दी फिल्मों का विश्लेषण करने पर जो एक बात सामने आती है वह यह है कि इसका पूरा चरित्र…

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