प्यार है लाज़िमी ज़िंदगी के लिये…..
Updated: December 10, 2012
इक़बाल हिंदुस्तानी तुमने उनको चुना रहबरी के लिये, वो जो मशहूर हैं रहज़नी के लिये। सिर्फ जज़्बातो ताक़त ही काफी नहीं, हौंसला चाहिये दुश्मनी…
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सम्प्रेषण और भंगिमाएं
Updated: December 10, 2012
सम्प्रेषण और भंगिमाएं दोनों की सीमाओं पर सतत निरंतर आँखों का सदा ही बना रहना और पता चल जानें से लेकर प्रकट हो जानें तक…
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येदि के बिना भी भाजपा लगाएगी सीटो की शतक
Updated: December 10, 2012
संजय swadesh राजनीति के समझदार कह रहे हैं कि येदियुरप्पा के भाजपा से जाने के बाद पार्टी को करारा झटका मिलेगा, लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ…
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मॅक्स मूलर का पत्र और संस्कृत की प्रेरणा -डॉ. मधुसूदन
Updated: December 11, 2012
मॅक्स मूलर ने, I C S ( Indian Civil Service) की परीक्षा के हेतु तैय्यार होने वाले युवाओं के सामने १८८० के आस पास, केम्ब्रिज…
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एफडीआई के दूरगामी परिणाम बेहद घातक
Updated: December 8, 2012
बीपी गौतम विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफडीआई) देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन आम आदमी एफडीआई के बारे में इतना सब…
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कविता – उम्र का हिसाब
Updated: December 8, 2012
कितने बदल चुके हैं सिकुड़े हुए अंतरिक्ष में मौन तिलक लगाकर मेहराब से टूटता कोई पत्थर कि युगों पुराना अदृश्य हाथ पसीने से सरोबार होकर…
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जो कह चूका गीत उसे भी न भूल जाओ
Updated: December 8, 2012
तुम्हे मेरे सपनो में अब भी देखा करता हूँ कभी भी यहाँ वहाँ पहले की ही तरह अब भी भटका करता हूँ .. नहीं होते…
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लाखो घर बर्बाद हो गये इस दहेज़ की बोली में ,
Updated: December 8, 2012
लाखो घर बर्बाद हो गये इस दहेज़ की बोली में , अर्थी चड़ी बहुत कन्याये बैठ न पाई डोली में , कितनो ने अपनी कन्यायो…
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मोदी प्रधानमंत्री नहीं तो मुलायम आखिर क्यों?
Updated: December 6, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम आम चुनाव में भले ही अभी पर्याप्त समय बचा हो किन्तु देश के भावी प्रधानमंत्री हेतु दर्जन भर नाम राजनीतिक हलकों में…
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आखिर कितनी लड़ाईयां और लड़नी पडे़ंगीं जन्मभूमि के लिए ?
Updated: December 6, 2012
विनोद बंसल हमारे ऋषियों मनीषियों ने माता व मातृभूमि को स्वर्ग के समान संज्ञा देते हुए सर्वोच्च माना है। ’’जननी जन्म भूमिश्च, स्वर्गादपि गरीयसी‘‘ इस…
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भाषा की टूटती मर्यादाएं-अरविंद जयतिलक
Updated: December 6, 2012
नैतिकता के उच्च आदर्शों का परखा जाना कभी खत्म नहीं होता। लेकिन बात जब सियासतदानों पर आ टिकती है तो सब कुछ बेमानी हो जाता…
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वी वांट मोर योर ऑनर
Updated: December 6, 2012
श्रीराम तिवारी इन दिनों जबकि सत्तासीन राजनीतिक गठबंधन और विपक्ष के सभी दल देश की जनता के कष्ट दूर करने के बजाय उसके बहाने एक-…
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