पर्व - त्यौहार सृष्टि के रचियता का दिवस – विश्वकर्मा दिवस

सृष्टि के रचियता का दिवस – विश्वकर्मा दिवस

परमजीत कौर कलेर घर ,आशियाना,घरौंदा जिसमें पहुंच कर हम पाते हैं सुकून …अपना घरौंदा तो पशु पक्षियों को बड़ा ही प्यारा होता है …अगर घरौंदा…

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राजनीति भाजपा की अ-स्वस्थता – मा. गो. वैद्य

भाजपा की अ-स्वस्थता – मा. गो. वैद्य

भाजपा में अ-स्वस्थता है. भाजपा की आलोचना करने के लिए या उस पार्टी की निंदा करने के लिए मैं यह नहीं कहता. भाजपा का स्वास्थ्य…

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गजल Default Post Thumbnail

हम ना फैलायेंगे हाथ मर जायेंगे…..

इक़बाल हिंदुस्तानी हल्फ़ लेकर भी क़ातिल मुकर जायेंगे, बेक़सूरों के सर फिर उतर जायेंगे।   फिर ना चल पायेंगी उनकी मनमानियां, जब भी सड़कों पे…

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महत्वपूर्ण लेख राम अयोध्या कब लौटे?

राम अयोध्या कब लौटे?

राकेश कुमार आर्य हमारे यहां दीपावली का पर्व सृष्टि के प्रारंभ से ही मनाया जाता रहा है। इस पर्व का विशेष महत्व है। दीपों का…

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राजनीति नीतीश की मूल्यविहीन राजनीति और उनके परिणाम

नीतीश की मूल्यविहीन राजनीति और उनके परिणाम

 सिद्धार्थ शंकर गौतम ऐसे समय में जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव में जनता दल(यू) ने बिहार में गठबंधन से इतर नरेन्द्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने…

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राजनीति संवाद के मंथन को हकीकत में बदलना होगा

संवाद के मंथन को हकीकत में बदलना होगा

 सिद्धार्थ शंकर गौतम हरियाणा का सूरजकुंड भारतीय राजनीति की दिशा-दशा बदलने का अहम पड़ाव साबित हो सकता है। पहले भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी…

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कविता ख़याल

ख़याल

 विजय निकोर तारों से सुसज्जित रात में आज कोई मधुर छुवन ख़यालों की ख़यालों से बिन छुए मुझे आत्म-विभोर कर दे, मेरे उद्विग्न मन को…

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राजनीति चीन की चाटुकारिता राजनैतिक भूल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’

चीन की चाटुकारिता राजनैतिक भूल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’

भारत ने अभी हाल ही में 1962 में हुये भारत चीन युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मृति दिवस मनाया । वास्तव में ये…

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कविता इक दिवाली ये भी है

इक दिवाली ये भी है

बिजलियों से जगमगाई, इक दिवाली ये भी है रोशनी घर तक न आई, इक दिवाली ये भी है   दीप अब दिखते हैं कम ही,…

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महत्वपूर्ण लेख असम के दर्द को समझना जरुरी है — डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

असम के दर्द को समझना जरुरी है — डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

असम समस्या को लेकर चर्चा होती रहती है । उसके समाधान के तरीके भी अपने अपने नजरिये से बताये जाते हैं । लेकिन असम समस्या…

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महिला-जगत स्त्री और कृष्ण-चरित्र – सारदा बनर्जी

स्त्री और कृष्ण-चरित्र – सारदा बनर्जी

क्या कारण है कि स्त्रियों में मिथकीय नायकों में राम की अपेक्षा कृष्ण ज़्यादा पॉप्यूलर हैं ? कृष्ण को लेकर स्त्रियों में जितनी फैंटेसी, प्रेम…

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वर्त-त्यौहार मनोहारी लोक रस्मों से भरपूर है वागड़ की दीवाली

मनोहारी लोक रस्मों से भरपूर है वागड़ की दीवाली

 कल्पना डिण्डोर  जीवन के हर पहलू को वासंती उल्लास देने में पर्व-त्योहारों का ख़ास महत्व है। हर उत्सव के साथ जुड़ी हुई लोक रस्म जन…

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