सृष्टि के रचियता का दिवस – विश्वकर्मा दिवस
Updated: November 3, 2012
परमजीत कौर कलेर घर ,आशियाना,घरौंदा जिसमें पहुंच कर हम पाते हैं सुकून …अपना घरौंदा तो पशु पक्षियों को बड़ा ही प्यारा होता है …अगर घरौंदा…
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भाजपा की अ-स्वस्थता – मा. गो. वैद्य
Updated: November 12, 2012
भाजपा में अ-स्वस्थता है. भाजपा की आलोचना करने के लिए या उस पार्टी की निंदा करने के लिए मैं यह नहीं कहता. भाजपा का स्वास्थ्य…
Read moreहम ना फैलायेंगे हाथ मर जायेंगे…..
Updated: November 12, 2012
इक़बाल हिंदुस्तानी हल्फ़ लेकर भी क़ातिल मुकर जायेंगे, बेक़सूरों के सर फिर उतर जायेंगे। फिर ना चल पायेंगी उनकी मनमानियां, जब भी सड़कों पे…
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राम अयोध्या कब लौटे?
Updated: November 12, 2012
राकेश कुमार आर्य हमारे यहां दीपावली का पर्व सृष्टि के प्रारंभ से ही मनाया जाता रहा है। इस पर्व का विशेष महत्व है। दीपों का…
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नीतीश की मूल्यविहीन राजनीति और उनके परिणाम
Updated: November 12, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम ऐसे समय में जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव में जनता दल(यू) ने बिहार में गठबंधन से इतर नरेन्द्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने…
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संवाद के मंथन को हकीकत में बदलना होगा
Updated: November 12, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम हरियाणा का सूरजकुंड भारतीय राजनीति की दिशा-दशा बदलने का अहम पड़ाव साबित हो सकता है। पहले भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी…
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ख़याल
Updated: November 12, 2012
विजय निकोर तारों से सुसज्जित रात में आज कोई मधुर छुवन ख़यालों की ख़यालों से बिन छुए मुझे आत्म-विभोर कर दे, मेरे उद्विग्न मन को…
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चीन की चाटुकारिता राजनैतिक भूल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’
Updated: November 12, 2012
भारत ने अभी हाल ही में 1962 में हुये भारत चीन युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर विशेष स्मृति दिवस मनाया । वास्तव में ये…
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इक दिवाली ये भी है
Updated: November 12, 2012
बिजलियों से जगमगाई, इक दिवाली ये भी है रोशनी घर तक न आई, इक दिवाली ये भी है दीप अब दिखते हैं कम ही,…
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असम के दर्द को समझना जरुरी है — डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री
Updated: November 12, 2012
असम समस्या को लेकर चर्चा होती रहती है । उसके समाधान के तरीके भी अपने अपने नजरिये से बताये जाते हैं । लेकिन असम समस्या…
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स्त्री और कृष्ण-चरित्र – सारदा बनर्जी
Updated: November 11, 2012
क्या कारण है कि स्त्रियों में मिथकीय नायकों में राम की अपेक्षा कृष्ण ज़्यादा पॉप्यूलर हैं ? कृष्ण को लेकर स्त्रियों में जितनी फैंटेसी, प्रेम…
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मनोहारी लोक रस्मों से भरपूर है वागड़ की दीवाली
Updated: November 11, 2012
कल्पना डिण्डोर जीवन के हर पहलू को वासंती उल्लास देने में पर्व-त्योहारों का ख़ास महत्व है। हर उत्सव के साथ जुड़ी हुई लोक रस्म जन…
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