कला-संस्कृति राष्ट्रीय नदी प्राधिकरण का गठन हो।

राष्ट्रीय नदी प्राधिकरण का गठन हो।

रामाशीष   प्रकृति के पंचभूतों में से एक जल, जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक परम आवश्यक अवयव है।  विज्ञान,प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षेत्र के विकास और उन्नयन  हेतु जल एक अत्यावश्यक संसाधन है। समकालीन मानवीय प्रवृत्ति में जल की हर बूंद से धन बनाने का लोभ बढ़ता जा रहा है।  आज हमारी नदियों के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं: १. एक निर्मलता की, और २. अविरलता की।                                   ये दोनों एक दूसरे से संबद्ध हैं। अविरलता के अभाव में नदियों की निर्मलता संभव नहीं है । नदियां हमें पानी ही  नहीं देतीं अपितु वे हमारी समग्र जीवन प्रणाली की रीढ़  हैं।  जैव विविधता, मिट्टी-रेत , जल और अविरल प्रवाह ये सब मिल कर ही किसी नदी की गुणवत्ता निर्धारित करते हैं। नदी को स्वयं को साफ कर लेने का सामर्थ्य भी यही देते हैं। जितना महत्व प्राणियों के शरीर में ऑक्सीजन  का है, उतना ही नदी के लिए इन सूक्ष्म से लेकर विशाल धाराओं के जाल का है। जैव- विविधता नदियों के लिए प्राणवायु के समान है,जो इनके जल को शुद्ध करके ऑक्सीजन से भरते हैं इसलिए नदी में कम से कम इतना पानी हो कि हम कह सकें नदी में जीवटता  है, परंतु बिजली, सिंचाई, पेयजल और आबादियों को बाढ़ से बचाने के नाम पर नदियों के रास्तों और किनारों पर अनेक अवरोध खड़े कर दिए गए हैं जिससे  नदी में उचित न्यूनतम प्रवाह, जिसे पर्यावरणीय प्रवाह या ई-फ्लो कहते हैं, नहीं बचा है।  पर्यावरणीय प्रवाह के अभाव में नदी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक जलीय जीवों जैसे मछलियां, घड़ियाल, डॉलफिन आदि के साथ ही जलीय वनस्पति के जीवन पर खतरा  पैदा हो रहा है। राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) ने 12 वर्षों के शोध के बाद अभी हाल में गंगाजल को विशिष्ट बनाने वाले तीन तत्व खोजे हैं जो अविरल बहती गंगा को स्वच्छ करते रहते हैं। पहला है गंगा के पानी में घुली प्रचुर ऑक्सीजन। यह प्रति लीटर 20 मिमी तक होती है। दूसरा  तत्व है गोमुख से हरिद्वार तक गंगा के मार्ग में पड़ने वाली वनस्पतियों से उत्पन्न रसायन टरपीन एवं तीसरा तत्व है दूषित जीवाणुओं को नष्ट करने वाला बैक्टीरियोफाज। ये तीनों तत्व गंगा की तलहटी में भारी मात्रा में मिले हैं। इन तत्त्वों के संपर्क में आकर पानी अपने आप निर्मल हो जाता है। प्रवाह धीमा होने और मार्ग में अवरोध होने से यह क्षमता कम होती जाती है।    …

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लेख बेटी नहीं बचाओगे, तो बहू कहाँ से लाओगे?

बेटी नहीं बचाओगे, तो बहू कहाँ से लाओगे?

 बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम ने बेटे को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर सफलतापूर्वक जागरूकता बढ़ाई है, लेकिन अपर्याप्त कार्यान्वयन और निगरानी के कारण, यह…

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राजनीति आखिर दिल्ली में क्यों ढ़हा ‘आप’ का किला?

आखिर दिल्ली में क्यों ढ़हा ‘आप’ का किला?

– योगेश कुमार गोयलदिल्ली में आम आदमी पार्टी का किला बुरी तरह ढ़ह गया है। आतिशी को छोड़कर पार्टी के लगभग तमाम दिग्गज नेता चुनाव…

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राजनीति गिग वर्कर्स को पेंशन: सरकार की एक बड़ी और नायाब पहल!

गिग वर्कर्स को पेंशन: सरकार की एक बड़ी और नायाब पहल!

सुनील कुमार महला भारत सरकार ‘गिग वर्कर्स’ को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है। पाठकों को बताता चलूं कि गिग वर्कर को एक ऐसे…

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राजनीति ‘आप’ का दिल्ली में अपराजेय होने का टूटा भ्रम

‘आप’ का दिल्ली में अपराजेय होने का टूटा भ्रम

डॉ. रमेश ठाकुर लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया में जनता जर्नादन ही सर्वोपरि होती है पर ये बात एकाध बंपर जीत करने के बाद सियासी दल…

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राजनीति टल गया नीतीश कुमार के पाला बदलने का खतरा 

टल गया नीतीश कुमार के पाला बदलने का खतरा 

कुमार कृष्णन  क़रीब तीन दशकों से दिल्ली में चुनावी जीत का इंतज़ार कर रही भारतीय जनता पार्टी का वनवास खत्म हुआ और दिल्ली  की सत्ता…

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राजनीति आखिर तीसरे मोर्चे के सियासी तीरंदाजों का राजनीतिक भविष्य अब क्या होगा? देखना दिलचस्प!

आखिर तीसरे मोर्चे के सियासी तीरंदाजों का राजनीतिक भविष्य अब क्या होगा? देखना दिलचस्प!

कमलेश पांडेय दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान भाजपा और कांग्रेस विरोधी क्षेत्रीय दलों ने जो पारस्परिक एकजुटता दिखाई, उससे भी यहां पिछले 12 वर्षों…

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राजनीति दिल्ली में भाजपा ने जीत की नई इबारत लिखी

दिल्ली में भाजपा ने जीत की नई इबारत लिखी

-ः ललित गर्ग:- दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए न केवल 27 साल के वनवास को खत्म करने…

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राजनीति बांग्लादेशी घुसपैठिए और देश की राजधानी दिल्ली

बांग्लादेशी घुसपैठिए और देश की राजधानी दिल्ली

देश के राजनीतिक लोग जिस प्रकार वोट और तुष्टिकरण की राजनीति के माध्यम से अपनी सत्ता को स्थाई बनाने का घृणास्पद कार्य करते जा रहे…

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राजनीति हर बुजदिल हिंदू मुसलमान है : कहना कितना सही ?

हर बुजदिल हिंदू मुसलमान है : कहना कितना सही ?

सामान्यतया जब भी किसी हिंदू युवा को मुसलमानों या इस्लामिक आतंकवाद पर या मुस्लिम फंडामेंटलिज्म पर बोलना होता है तो यह बात सुनने को अक्सर…

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लेख बाबर व अकबर के शासन काल में हिंदू दमन

बाबर व अकबर के शासन काल में हिंदू दमन

डॉ राकेश कुमार आर्य अकबर के हरम में हिन्दू महिलाओं की स्थिति जिसका उल्लेख आर०सी० मजूमदार ने ‘दी मुगल एंपायर’ खंड 7 में किया है।…

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राजनीति यमुना जल पर केजरीवाल का बवाल

यमुना जल पर केजरीवाल का बवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार इस समय अपने चरम पर है। भारतीय राजनीति में अपनी नौटंकियों के लिए मशहूर हो चुके आम आदमी पार्टी के…

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