लुंगी पर एक शोध प्रबंध-प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Updated: September 25, 2012
प्रस्तुत अंश देश के होनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा वाले समाज शास्त्र के एक पी. एच. डी. के एक छात्र द्वारा प्रेषित शोध प्रबंध से लिया…
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एक था लोकतंत्र और एक थी कांग्रेस !
Updated: September 21, 2012
एफडीआई के अजगर से कैसै बच पाएगा भारत ? संजय द्विवेदी एक था लोकतंत्र और एक थी कांग्रेस। इस कांग्रेस ने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए…
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हिमालय की दुर्दशा से पर्यावरण संकट में
Updated: September 21, 2012
दिनेश पंत इस वर्ष देश में उम्मीद से कम और अनियमित वर्षा ने ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे की चिंता को बढ़ा दिया है। विकास…
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विकास के नाम पर गरीब आदिवासियों का शोषण बंद होना चाहिए
Updated: September 21, 2012
अमरेन्द्र सुमन मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के केंद्र सरकार के फैसले पर स्वागत और आलोचनाओं का जबरदस्त दौर जारी है।…
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दो उपलब्धियां, एक अपेक्षा / लालकृष्ण आडवाणी
Updated: September 21, 2012
सन् 1992 में, प्रसिध्द अमेरिकी राजनीतिक विज्ञानी फ्रांसिस फ्युकुयमा ने एक पुस्तक लिखी थी ”दि एण्ड ऑफ हिस्ट्री एण्ड दि लास्ट मैंन”। फ्युकुयमा का तर्क…
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नोट्स आधारित पढ़ाई के खतरे / सारदा बनर्जी
Updated: September 21, 2012
आज भारत में उच्च-शिक्षा के क्षेत्र में युवा-वर्ग में स्वायत्त पढ़ाई की अपेक्षा ‘नोट्स’ आधारित पढ़ाई बेहद प्रचलन में है। कॉलेज और विश्वविद्यालय से जुड़े…
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प्यारी दीदी, सॉरी दीदी, मान जाओ!
Updated: September 21, 2012
अशोक गौतम अरी ओ ममता दीदी! तुमने तो हद कर दी! हमें औरों से तो ये उम्मीद थी पर कम से कम तुमसे ये उम्मीद…
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नेताजी चले पीएम बनने…………….
Updated: September 21, 2012
हर्षवर्धन पान्डे दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है । भारतीय राजनीती के सन्दर्भ में यह कथन परोक्ष रूप से फिट बैठता है। लखनऊ…
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वफादारी का पुरस्कार-प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Updated: September 25, 2012
लाला पीतांबरलाल धरमपुरा रियासत के दीवान थे|पचास गांव की इस छोटी सी रियासत के राजा शिवपालसिंह एक कर्तव्य निष्ठ दयालु और प्रजा के हित में…
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तबाही की पूर्व सूचना है नलकूप क्रांति
Updated: September 21, 2012
प्रमोद भार्गव हमारे देश में बीते चौसठ सालों के भीतर जिस तेजी से कृत्रिम, भौतिक और उपभोक्तावादी संस्कृति को बढावा देने वाली वस्तुओं का उत्पादन…
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साधना
Updated: September 20, 2012
आज मेरी साधना के फूल धरती पर खिले हैं। ये न मुरझायें कभी ये न कुम्हलायें कभी, इनके साथ, मेरे सभी सपने जुड़े हैं। मोती…
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चौकलेट (लघुकथा )
Updated: September 20, 2012
अनुभव छः साल का बच्चा दूसरी कक्षा मे पढता है,थोड़ा मौलामस्त थोड़ा, शैतान और लिखने मे आलसी। अपनी मां से अजीब अजीब सवाल करता है।…
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