महत्वपूर्ण लेख अन्ना हजारे, अरविन्द केजरीवाल और राजनैतिक विकल्प

अन्ना हजारे, अरविन्द केजरीवाल और राजनैतिक विकल्प

दिनांक १८ अगस्त मंगलवार की शाम को मैं संयोग बस Constitution क्लब पहुँच गया था।उड़ती उड़ती खबर मिली थी कि वहाँ अन्ना हजारे आने वाले…

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आर्थिकी आखिर क्या हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते के निहितार्थ ?

आखिर क्या हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते के निहितार्थ ?

प्रवीण गुगनानी * अभावपूर्ण मध्यमवर्ग के लिए मनमोहनसिंह का उच्चवर्गीय, निर्मम व भावहीन भाषण * खाद के मूल्य, गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे अनेक विषय क्यों…

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राजनीति सरकार भ्रष्ट ही नही झूठी भी है।

सरकार भ्रष्ट ही नही झूठी भी है।

शादाब जफर ‘‘शादाब ’’ आज सत्ता के राजनीतिक गलियारो में जो भी राजनीतिक ड्रामा हो रहा है वो सिर्फ और सिर्फ लोकसभा 2014 के चुनाव…

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पर्यावरण निर्धारित हों अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मापदं

निर्धारित हों अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मापदं

तनवीर जाफ़री वर्तमान कठिन दौर में जबकि लगभग सारा संसार अपने जीविकोपार्जन हेतु संघर्षरत है,दुनिया में मंहगाई,बेरोज़गारी तथा कुपोषण बढ़ता जा रहा है। उधर प्रकृति…

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राजनीति मनमोहन पर मुल्ला मुलायम की ममता आखिर क्यों..?

मनमोहन पर मुल्ला मुलायम की ममता आखिर क्यों..?

सिद्धार्थ शंकर गौतम १८ सितम्बर की शाम जैसे ही यह खबर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बनी कि ममता अपने तमाम मंत्रियों के साथ संप्रग सरकार…

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गजल मेरी ग़ल्ती में छिपा है मेरा इंसां होना…..

मेरी ग़ल्ती में छिपा है मेरा इंसां होना…..

इक़बाल हिंदुस्तानी हर किसी के लिये जो आदमी अच्छा होगा, इसका मतलब है वो सच कहने से डरता होगा।   मेरे आमाल ही मालिक हैं…

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राजनीति मगरूर नहीं, मजबूर मुलायम

मगरूर नहीं, मजबूर मुलायम

 डॉ. आशीष वशिष्ठ मंहगाई, रिटेल सेक्टर में एफडीआई से चौरतरफा आलोचना झेल रही और तमाम घपलों, घोटालों में आकंठ तक डूबी यूपीए सरकार के संकटमोचक…

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विविधा हिन्दुद्रोही मौलाना मोहम्मद अली जौहर

हिन्दुद्रोही मौलाना मोहम्मद अली जौहर

विजय कुमार गत 18 सितम्बर, 2012 को रामपुर (उ0प्र0) में मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर एक विश्वविधालय का उदघाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने…

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कहानी कल्याणी का कोप

कल्याणी का कोप

सुधीर मौर्य ‘सुधीर’ जसिरापुर और नसिरापुर दो गावं. इन दोनों गावं को विभाजित करके बहती हुई कल्याणी नदी. रात को जब इन गावों में बसे…

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आर्थिकी पैसे तो पेड़ पर उगते नहीं है

पैसे तो पेड़ पर उगते नहीं है

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार पर हो रहे चौतरफा हमलो का जबाब देने के लिए अब खुद एक अर्थशास्त्री के रूप में कमान सम्हाल ली…

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आर्थिकी मनमोहन जी आपके संबोधन में कोई ठोस तर्क तो है ही नहीं!

मनमोहन जी आपके संबोधन में कोई ठोस तर्क तो है ही नहीं!

इक़बाल हिंदुस्तानी राइट टू रिकॉल कानून के बिना सरकार मनमानी से कैसे रूके ? प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र के नाम संदेश में जो कुछ…

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कविता शरद ऋतु

शरद ऋतु

हर सिगार के फूल झड़े हैं, मौसम ने करवट बदली है। शरद ऋतु आने वाली है, फूलों ने संदेशा भेजा है। ख़ुशबूदार पवन का झोंका,…

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