विविधा अब जरूरत है वैचारिक क्रांति की

अब जरूरत है वैचारिक क्रांति की

प्रकाश नारायण सिंह शहीद भगत सिंह ने 8 अप्रैल 1929 को संसद के सेंट्रल हॉल में बम फेंकने के बाद कहा था कि बहरों को…

Read more
राजनीति आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-३

आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-३

इमर्जेन्सी की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा थानेदार नागेन्द्र सिंह चारों से बस एक ही सवाल बार-बार पूछता – “बता सालो, नानाजी देशमुख…

Read more
मीडिया मीडिया, सत्ता और जन अपेक्षाएं

मीडिया, सत्ता और जन अपेक्षाएं

डॉ. धनाकर ठाकुर मुजफ्फरपुर, जिसे मैं २.१०.२००४ को यहाँ पारित बारहवें अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मलेन के एक प्रस्ताव के अनुसार खुदीरामपुर कहना पसंद करता हूँ, के…

Read more
विश्ववार्ता बांग्लादेश राजनयिक ने गिनाए पाकिस्तान के सात घातक पाप

बांग्लादेश राजनयिक ने गिनाए पाकिस्तान के सात घातक पाप

लालकृष्ण आडवाणी गत् सप्ताह (16 जून) नई दिल्ली स्थित बंगलादेश के उच्चायुक्त श्री अहमद तारिक करीम मेरे निवास पर मुझसे मिले और बंगलादेश-भारत-पाकिस्तान सम्बन्धों पर…

Read more
चिंतन ‘सेक्युलर’ कौन? और ‘सेक्युलर’ मतलब क्या?

‘सेक्युलर’ कौन? और ‘सेक्युलर’ मतलब क्या?

मा. गो. वैद्य हमारे देश में ‘सेक्युलर’ शब्द का खूब हो-हल्ला मचा है. यह हो-हल्ला मचाने वाले, ‘सेक्युलर’ शब्द का सही अर्थ ध्यान में नहीं…

Read more
राजनीति आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-२

आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-२

आपातकाल की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१ मैंने उसी दिन से रात में हास्टल में…

Read more
राजनीति राष्ट्रपति चुनाव या 2014 का ‘सेमीफाईनल’

राष्ट्रपति चुनाव या 2014 का ‘सेमीफाईनल’

तनवीर जाफरी देश में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव पद के प्रत्याशी को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। परंतु पिछले कुछ दिनों के दौरान…

Read more
विविधा अबू हमजा की गिरफ्तारी भारत की बड़ी कामयाबी

अबू हमजा की गिरफ्तारी भारत की बड़ी कामयाबी

नीरज कुमार दुबे मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के प्रमुख आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी सैयद जबीउद्दीन उर्फ रियासत अली उर्फ अबू हमजा का सुरक्षा…

Read more
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

लिमटी खरे  राजनीति की घाघ खिलाड़ी हो गई वह गूंगी गुडिया नब्बे के दशक के आरंभ में जब कांग्रेस ने संकट के काल में नेहरू…

Read more
विविधा क्रोध का करें खात्मा

क्रोध का करें खात्मा

डॉ. दीपक आचार्य गुस्सा हमेशा उन लोगों को ही आता है जो विवश, असहाय या कमजोर होते हैं। माना जाता है कि अनचाहे का होना…

Read more
राजनीति आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१

आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१

आपात्काल की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा उस समय महानगरों को छोड़ दूरदर्शन की सुविधा कहीं थी नहीं। समाचारों के लिए आकाशवाणी और अखबारों…

Read more
मीडिया प्रवक्ता डॉट कॉम बना अभिव्यक्ति का खुला मंच

प्रवक्ता डॉट कॉम बना अभिव्यक्ति का खुला मंच

इक़बाल हिंदुस्तानी संजीव भाई और भूषण जी की निष्पक्षता को सलाम!  10 माह में मेरे 100 आर्टिकिल प्रकाशित हो चुके हैं। 0 क़तरा गर एहतजाज…

Read more