‘मधुभाई की रचनाएं शोधपरक और प्रेरणाप्रद होती हैं’
Updated: May 28, 2012
प्रो. (डॉ.) मधुसूदन जी अमेरिका में रहते हैं और प्रारंभ से ही प्रवक्ता डॉट कॉम से जुड़े हुए हैं। अपनी सारगर्भित टिप्पणियों से लेखकों का…
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भूअधिग्रहण पर संसदीय समिति की सिफारिशें
Updated: May 28, 2012
भूमि अधिग्रहण पर संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी प्रकार की कृषि योग्य भूमि चाहे वह सिंचित हो या असिंचित के अधिग्रहण…
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“हिंदुत्व” से “मोदित्व” की ओर बढ़ती भाजपा?
Updated: May 28, 2012
तनवीर जाफ़री पिछले दिनों मुंबईं में भारतीय जनता पाटा की राष्ट्रीय कार्यंकारिणी की दो दिवसीय बैठक सम्पन्न हुईं। बजाय इसके कि इस कार्यंकारिणी की बैठक…
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जगन की अदावत कहीं भारी न पड़ जाए कांग्रेस को
Updated: May 28, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम कभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के ख़ास क्षत्रप वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगनमोहन रेड्डी से कांग्रेस की बीते २ वर्षों से…
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टिटलागढ की एक रात
Updated: May 28, 2012
बात कई साल पुरानी है .जब मेरी नयी नयी नौकरी नागपुर में लगी थी .मैं एक सेल्समेन था और मुझे बहुत टूर करना पड़ता था.…
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परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास-भाग-2
Updated: May 28, 2012
जगदीश्वर चतुर्वेदी उत्तर आधुनिकतावादी विकास का प्रधान लक्षण है व्यवस्थागत भ्रष्टाचार,नेताओं में संपदा संचय की प्रवृत्ति, अबाधित पूंजीवादी विकास,उपभोक्तावाद की लंबी छलांग और संचार क्रांति।…
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परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास- भाग-1
Updated: May 28, 2012
जगदीश्वर चतुर्वेदी हिंदी साहित्य का प्रचलित इतिहास अधूरा है। रामचन्द्र शुक्ल का इतिहास हो या हजारीप्रसाद द्विवेदी का लिखा इतिहास हो। इन दोनों में अधूरापन…
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गजल:पहलू-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
मुस्कुरा के हाल कहता पर कहानी और है जिन्दगी के फलसफे की तर्जुमानी और है जिन्दगी कहते हैं बचपन से बुढ़ापे का सफर लुत्फ…
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कविता:खिलौना-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
देख के नए खिलौने, खुश हो जाता था बचपन में। बना खिलौना आज देखिये, अपने ही जीवन में।। चाभी से गुड़िया चलती थी, बिन…
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गजल:इंसानियत-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
इंसानियत ही मज़हब सबको बताते हैं देते हैं दग़ा आकर इनायत जताते हैं उसने जो पूछा हमसे क्या हाल चाल है लाखों हैं बोझ…
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कविता:संवाद-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
काम कितना कठिन है जरा सोचना। गाँव अंधों का हो आईना बेचना।। गीत जिनके लिए रोज लिखता मगर। बात उन तक न पहुँचे तो…
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मायावती सरकार के घोटाले
Updated: May 26, 2012
राकेश कुमार आर्य भारत में राजनीति जैसे पवित्र मिशन को जब से कुछ लोगों ने व्यवसाय बनाया है, तब से यह मिशन न होकर घृणास्पद…
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