कहो कौन्तेय-५१
Updated: December 5, 2011
विपिन किशोर सिन्हा (अभिमन्यु का उत्तरा से विवाह) द्यूतक्रीड़ा के बाद जब हम अपना सर्वस्व हारकर, भरी सभा में सिर झुकाकर दीन-हीन बैठे थे, कर्ण…
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अपना दिल फैला रही है हिंदी
Updated: December 5, 2011
अखिलेश आर्येन्दु दुनिया वालों के दिलों पर राज्य करने के लिए अपना दिल फैला रही है हिंदी हिंदी अब केवल भारत में ही नहीं जानी…
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अन्ना के आंदोलन में मची खीच-तान
Updated: December 5, 2011
अनुराग अनंत मैंने कहीं पढ़ा था की समाज एक प्रयोगशाला है जहाँ सामाजिक विज्ञान के नियमों के प्रयोग और प्रेक्षण किये जाते है ,पर ये…
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किसे कराएं पीएचडी ?
Updated: December 5, 2011
राजकुमार साहू मुझे पता है कि देश में संभवतः कोई विषय ऐसा नहीं होगा, जिस पर अब तक पीएचडी ( डॉक्टर ऑफ फिलास्फी ) नहीं…
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आइये जाने उच्च तथा नीच राशि के ग्रह—
Updated: December 5, 2011
ज्योतिष में रूचि रखने वाले लोगों के मन में उच्च तथा नीच राशियों में स्थित ग्रहों को लेकर एक प्रबल धारणा बनी हुई है कि…
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पाकिस्तानः पिद्दी न पिद्दी का शोरवा…..
Updated: December 5, 2011
इक़बाल हिंदुस्तानी एक कहावत है कि जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है, इसमें यह और जोड़ा जा सकता…
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इन उपायों से मिलेगी नौकरी झटपट…!!!!
Updated: December 5, 2011
वर्तमान में प्रतिस्पर्धा को देखते हुए एक सामान्य व्यक्ति की इच्छा होती है कि उसकी किसी अच्छे संस्थान में नौकरी लग जाए। अगर सरकारी नौकरी…
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दिल टूटे तो…/ स्वेता सिंह
Updated: December 5, 2011
क्या कहूं ? सुना था जब किसी का दिल टूटता है तो वो कवि बन जाता है। कालीदास की कविताओं पर भी नागार्जुन ने कहा…
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कविता / सरदार पटेल – एक नागरिक की दृष्टि में
Updated: December 5, 2011
विपिन किशोर सिन्हा हर वर्ष, राष्ट्रीय त्योहारों के अवसर पर, दूरदर्शन आकाशवाणी से, प्रथम प्रधान मंत्री नेहरू का, गुणगान सुन – मैं भी चाहता…
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पानी रे पानी तू हर जगह, लेकिन पीने को एक बूंद नहीं
Updated: December 5, 2011
स्टाजिंग कुजांग आंग्मो लेह की सड़कों पर चलते हुए जैसे-जैसे मैं पुरानी बातों को याद करती हूं, तो बचपन की यादें किसी फूल की तरह…
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आंगनबाड़ी की मदद से प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा
Updated: December 5, 2011
सुधा कुमारी कहते हैं जब एक लड़का शिक्षित होता है तो एक नागरिक शिक्षित होता है, लेकिन जब एक लड़की शिक्षित होती है तो एक पीढ़ी…
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पहाड़ी भाषा से सौतेला बर्ताव क्यूं ?
Updated: December 5, 2011
ख्वाजा परवेज दिलबर भाषा न केवल विचारों को अभिव्यक्त करने का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन है बल्कि यह किसी भी समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान…
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