राजनीति पूर्व और पश्चिम के बीच एक सेतु थे : नोबेल पुरस्कार विजेता रूडयार्ड किपलिंग

पूर्व और पश्चिम के बीच एक सेतु थे : नोबेल पुरस्कार विजेता रूडयार्ड किपलिंग

आज के इस आधुनिक दौर में भी जबकि हम सभी एआइ और सोशल नेटवर्किंग साइट्स के युग में जी रहे हैं, तब भी ‘जंगल बुक'…

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आर्थिकी क्या 2026 चांदी और ताम्रयुग की शुरुआत करेगा?

क्या 2026 चांदी और ताम्रयुग की शुरुआत करेगा?

मेरे अध्ययन के अनुसार वर्ष 2026 और उसके बाद चाँदी और ताँबे का महत्व केवल औद्योगिक धातुओं के रूप में नहीं बल्कि रणनीतिक संसाधनों के…

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समाज वीर बाल दिवस: युवा भारत की प्रेरणा

वीर बाल दिवस: युवा भारत की प्रेरणा

डा. शिवानी कटारा भारत का इतिहास केवल तिथियों और युद्धों का संकलन नहीं है, बल्कि वह मानवीय साहस, नैतिक दृढ़ता और आत्मबल की जीवंत परंपरा…

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कविता निष्फल मुस्कान

निष्फल मुस्कान

——————— “सोच की अनुपस्थिति जब ओठों पर टिक जाती है, तो हँसी— हृदय की नहीं, खालीपन की भाषा बन जाती है। विचारहीन मुस्कान आईने में…

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शख्सियत त्याग और बलिदान के सच्चे प्रतीक गुरू गोबिंद सिंह

त्याग और बलिदान के सच्चे प्रतीक गुरू गोबिंद सिंह

गुरु गोबिंद सिंह जयंती (27 दिसंबर) पर विशेष– योगेश कुमार गोयलसिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व इस वर्ष 27 दिसंबर को…

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प्रवक्ता न्यूज़ ईश्वर के अस्तित्व की मीमांसा: दर्शन और तकनीक की कसौटी पर

ईश्वर के अस्तित्व की मीमांसा: दर्शन और तकनीक की कसौटी पर

अद्वैत कहता है  जगत् माया है, जीव मिथ्या है और मोक्ष निष्काम है, जहाँ जगत, जीव और जीवन तीनों का अंततः ब्रह्म में विलय हो…

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राजनीति दूध उत्पादक किसानों के सधे रहेंगे हित

दूध उत्पादक किसानों के सधे रहेंगे हित

न्यूजीलैंड से कृषि  उत्पाद निर्यात पर भारत की दृढ़ता प्रमोद भार्गव विश्व   कारोबार पटल पर भारत की महत्ता की स्वीकारता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।…

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समाज आरक्षण का वास्तविक लक्ष्य क्या है

आरक्षण का वास्तविक लक्ष्य क्या है

अगर आप आज के दलित संगठनों की गतिविधियों का आकलन करेंगे तो पाएंगे कि वो किसी एक लक्ष्य को लेकर चल रहे है और हर संगठन किसी विशेष जाति या वर्ग से जुड़ा होता है । सम्पूर्ण समाज की लड़ाई कोई नहीं लड़ रहा है, सबके अपने-अपने स्वार्थ हैं । आजकल सभी राजनीतिक दल सबसे गरीब आदमी की बात करके अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकते है ।

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समाज हर साल दो लाख लोगों के देश की नागरिकता छोड़ने के मायने

हर साल दो लाख लोगों के देश की नागरिकता छोड़ने के मायने

देश की नागरिकता छोड़ने वालों के ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं बल्कि गहरे सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक संकेत हैं। जब संसद को बताया जाता है…

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समाज भाई दूर, पड़ोसी नेड़े — आधुनिक जीवन में पड़ोसी संबंधों की प्रासंगिकता

भाई दूर, पड़ोसी नेड़े — आधुनिक जीवन में पड़ोसी संबंधों की प्रासंगिकता

आधुनिक और तथाकथित उन्नत जीवन-शैली में पड़ोसी संबंध लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। महानगरों की ऊँची-ऊँची इमारतों में लोग वर्षों तक साथ रहते हैं,…

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शख्सियत गुुरु गोविन्द सिंहः हिन्दू धर्म और संस्कृति के रक्षक

गुुरु गोविन्द सिंहः हिन्दू धर्म और संस्कृति के रक्षक

गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना साहिब (वर्तमान बिहार) में हुआ। उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी सिखों के नौवें…

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कला-संस्कृति कालचक्र के नये पड़ाव के स्वागत की बेला

कालचक्र के नये पड़ाव के स्वागत की बेला

यह परम्परा प्रागैतिहासिक काल से चली आ रही है। दुनिया भर के तमाम समाजों, जातियों और समुदायों, सम्प्रदायों में अलग-अलग ढंग से, अलग-अलग तिथियों, महीनों…

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