आर. सिंह की कविता/दान वीर
Updated: December 13, 2011
मर रहा था वह भूख से, आ गया तुम्हारे सामने. तुमको दया आ गयी.(सचमुच?) तुमने फेंका एक टुकड़ा रोटी का. रोटी का एक टुकड़ा? फेंकते…
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दर्शन को तैयार चारों धाम के द्वार
Updated: December 13, 2011
शादाब जफर ”शादाब” देव भूमि उत्तराखण्ड सदियों से ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। यही कारण है कि लाखों करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष पुण्य कमाने…
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इन्जीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में अफरातफरी
Updated: December 13, 2011
डॉ0 मनोज मिश्र छात्रों की संख्या की दृष्टि से देश की सबसे बड़ी इन्जीनियरिंग (ए.आई.ई.ई.ई.) की प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाने से देश…
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जयप्रकाश से अन्ना तक
Updated: December 13, 2011
गंगानन्द झा अन्ना हजारे के अनशन को केन्द्र में ऱखते हुए हो रही हलचल सन 1974 ई में बिहार के जयप्रकाश आन्दोलन की याद ताजा…
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अंतवस्त्रों और चप्पलों पर हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीर
Updated: December 13, 2011
अवनीश सिंह कुछ दिन पहले भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दू देवी देवताओं की…
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हिन्दू एकता देश के लिए जरूरी क्यों ?
Updated: December 13, 2011
आनन्द शंकर पण्डया 01. भारत को यदि पड़ोसी शत्रुओं के हाथ में जाने से बचाना है, इस्लामी जेहादी आतंकवादियों से देश की रक्षा करनी है,…
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आर. सिंह की कविता/स्वप्न भंग
Updated: December 13, 2011
मत कहो मुझे बोलने को. मेरे मुख से फूल तो कभी झड़े नहीं, पर एक समय था जब निकलते थे अंगारे. एक आग थी, जो…
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बांग्ला चैनलों में प्रतिगामी राजनीति का अंत
Updated: December 13, 2011
जगदीश्वर चतुर्वेदी बांग्ला चैनलों के आने बाद से पश्चिम बंगाल का राजनीतिक वातावरण बुनियादी तौर पर बदला है। बांग्ला चैनलों ने नए सिरे से राजनीतिक…
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ये है दिल्ली मेरी जान
Updated: December 13, 2011
लिमटी खरे कांग्रेस के ओसामा जी! डेढ़ सौ साल पुरानी और भारत गणराज्य पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली अखिल भारतीय राष्ट्रीय…
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हे ! भारत तुम कहाँ हो !
Updated: December 13, 2011
सुरेन्द्र चतुर्वेदी क्या भारत सिर्फ एक बाजार है ? जहां पर खरीदने और बेचने वाले लोगों का बोलबाला है और क्या यहां सिर्फ पैसा ही…
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1857: ज़रा याद करो कुर्बानी
Updated: December 13, 2011
डॉ० राजेश कपूर 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम को 10 मई को 154 वर्ष पूरे होजाएंगे. इस संग्राम को याद करके आज भी यूरोपियनों की नीद…
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ओसामा नहीं, पर आतंकवाद जीवित है
Updated: December 13, 2011
नरेश भारतीय अमरीका ने ११ सितम्बर २००१ को न्यूयार्क में हुए फिदायीन हवाई हमलों के बाद जिसे अपना सबसे बड़ा शत्रु माना उस विश्व आतंकवादी…
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