विविधा आकाश का दुलार

आकाश का दुलार

-चैतन्य प्रकाश शिखर और सागर दोनों मनुष्य को आनंदित करते हैं मनुष्य की लगभग सारी यात्राएं शिखरों और सागरों की ओर उन्मुख रही हैं। मानवी…

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राजनीति भारत के अनुकूल हो व्यवस्था

भारत के अनुकूल हो व्यवस्था

(क्या भारत में संसदीय लोकतंत्र असफल सिद्ध हो रहा है- परिचर्चा के संदर्भ में) -के. एन. गोविंदाचार्य भारत में संसदीय प्रजातंत्र असफल है या नहीं,…

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धर्म-अध्यात्म सोमयाग : महत्त्व एवं प्राचीनता

सोमयाग : महत्त्व एवं प्राचीनता

सूर्यकांत बाली सतयुग के भारतीयों का, चाहे वे आम लोग रहे हों या फिर राज परिवारों के लोग रहे हों, सोमयाग एक बहुत ही प्रिय…

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धर्म-अध्यात्म मां नर्मदा सामाजिक कुंभ

मां नर्मदा सामाजिक कुंभ

गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा क्षिप्रा, गोदावरी, कावेरी जैसी पवित्र नदियों के किनारे ही सम्पूर्ण विश्व को अपने ज्ञान से आलोकित करने वाली सनातन संस्कृति ने…

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राजनीति चूँकि भारत विभाजित है इसलिए ‘इंडिया इज़ शाइनिंग…’

चूँकि भारत विभाजित है इसलिए ‘इंडिया इज़ शाइनिंग…’

श्रीराम तिवारी आम तौर पर भारत को हिंदी में भारत और अंग्रेजी में इंडिया कहते हैं; जहाँ तक लिखने का सवाल है, तो अंग्रेजी में…

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सिनेमा समान्तर सिनेमा के प्रभाव की तरह का एक नाटक ‘लाल देद’

समान्तर सिनेमा के प्रभाव की तरह का एक नाटक ‘लाल देद’

प्रमोद कुमार बर्णवाल समान्तर सिनेमा की एक उल्लेखनीय विशेषता चीजों, घटनाओं, स्थितियों, परिस्थितियों, अवस्था और दशा को ठीक उसी तरह से प्रकट करना रहा है…

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विविधा पराजित विजेता, विजयी विजित

पराजित विजेता, विजयी विजित

-नरसिंह जोशी पानीपत रण संग्राम के 250वें वार्षिक स्मृति दिन 14 जनवरी 2011 पर विशेष भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण लड़ाई जिसे टर्निंग प्वाईंट…

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विविधा क्या टूट रहा है राहुल गांधी की लोकप्रियता का जादू

क्या टूट रहा है राहुल गांधी की लोकप्रियता का जादू

प्रदीप चन्द्र पाण्डेय क्या राहुल गांधी की लोकप्रियता का जादू टूट रहा है। कम से कम उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय उनके दौरे से तो…

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विविधा महंगाई की मार

महंगाई की मार

अनिल त्यागी महंगाई का शोर चीख पुकार में बदलने को है, पता नहीं किस दिन जनता मंहगाई के भूत से लड़ने के लिये अराजकता का…

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राजनीति सियासत और सेक्स की कॉकटेल-कथा : 4

सियासत और सेक्स की कॉकटेल-कथा : 4

सीडी, जिसने सनसनी मचा दी… – चण्डीदत्त शुक्ल साल-2006 : उत्तर प्रदेश के एक पूर्वमंत्री का घर। बैकड्रॉप में मंत्रीजी के शपथग्रहण समारोह का चित्र…

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विविधा पराई बुद्धि से स्वकार्य संपन्न नहीं होते

पराई बुद्धि से स्वकार्य संपन्न नहीं होते

कुसुमलता केडिया कोई भी समाज तब तक स्वस्थ, सबल, स्वाधीन एवं प्रतिष्ठा संपन्न नहीं हो सकता जब तक उसकी सामूहिक बुध्दि जाग्रत एवं प्रदीप्त न…

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विविधा ये उदारता कहीं ले न डूबे

ये उदारता कहीं ले न डूबे

विमल कुमार सिंह निश्चित रूप से भारत सनातनी परंपरा का देश है और ‘अतिथि देवो भव’ का संस्कार हमारी रगों में समाया है। पिछली सहस्राब्दियों…

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