राजनीति संयासवाद नहीं है साम्यवाद

संयासवाद नहीं है साम्यवाद

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी भारत में एक तबका है जिसका मानना है कि कम्युनिस्टों को दुनिया की किसी चीज की जरूरत नहीं है। उन्हें फटे कपड़े पहनने…

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राजनीति वोटरों को भी सुरक्षा और बीमा कवर दीजिए

वोटरों को भी सुरक्षा और बीमा कवर दीजिए

-हरेराम मिश्र बिहार में इन दिनों चुनावी सरगर्मियां बड़ी तेज हो गयी हैं। इस राज्य में इन दिनों विधान सभा के आम चुनाव हो रहे…

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वैदिक सिंधु – सरस्‍वती सभ्‍यता

– कृष्‍णनारायण पांडेय सिंधु, सरस्वती, गंगा तथा नर्मदा नदियों के क्षेत्र में हड़प्पा, मोहेनजोदड़ो में प्राप्त पुरातात्विक सामग्री के विस्तार से इस क्षेत्र में वैदिक…

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भारत का योग दर्शन

– बजरंगलाल अत्रि दर्शनशास्त्र में योगदर्शन का विशेष महत्व है। इसीलिए भारतीय या वैदेशिक अथवा आस्तिक या नास्तिक समस्त दार्शनिक संप्रदाय किसी न किसी रूप…

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गुलामी का कलंकित रूपः हम क्या करें ?

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी तमिलनाडु राज्य के किशनगिरी से करीब 15 किलोमीटर दूर इत्तीग्राम में एक हरिजन बस्ती है। इस बस्ती में रहने वाले दलितों को मुख्यमार्ग…

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प्रवक्ता न्यूज़ बेहतर शासन के लिए जरूरी है सकारात्मक संचार : प्रो. कुठियाला

बेहतर शासन के लिए जरूरी है सकारात्मक संचार : प्रो. कुठियाला

एमआईटी स्कूल आफ गर्वमेंट के छात्रों ने किया पत्रकारिता विश्वविद्यालय का भ्रमण भोपाल 14 अक्टूबर। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो.…

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राजनीति हृदय प्रदेश में शिव के राज में खुलते प्रगति के नए दरवाजे

हृदय प्रदेश में शिव के राज में खुलते प्रगति के नए दरवाजे

-लिमटी खरे अपने अंदर अकूत प्राकृतिक संपदा को समेटने वाले भारत गणराज्य के हृदय प्रदेश में प्रगति के दरवाजे खोलने में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री…

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राजनीति कम्युनिस्टों के ऐतिहासिक अपराधों की लम्बी दास्तां है-

कम्युनिस्टों के ऐतिहासिक अपराधों की लम्बी दास्तां है-

-सौरभ मालवीय • सोवियत संघ और चीन को अपना पितृभूमि और पुण्यभूमि मानने की मानसिकता उन्हें कभी भारत को अपना न बना सकी। • कम्युनिस्टों…

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राजनीति कम्‍युनिस्‍टों का इतिहास

कम्‍युनिस्‍टों का इतिहास

-सौरभ मालवीय राष्ट्र के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर वामपंथी मस्तिष्क की प्रतिक्रिया राष्ट्रीय भावनाओं से अलग ही नहीं उसके एकदम विरूध्द रही है। गांधीजी के…

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राजनीति काश! हिन्दी की महत्ता कम्युनिस्ट पार्टियां समझतीं

काश! हिन्दी की महत्ता कम्युनिस्ट पार्टियां समझतीं

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी सबसे पहले मैं अपने एक पाठक की टिप्पणी पर ध्यान देना चाहूँगा । उन्होंने एक बड़ी समस्या की ओर ध्यान खींचा हैं। लिखा…

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राजनीति जनता के भरोसेमंद ईमानदार दोस्त हैं कम्युनिस्ट

जनता के भरोसेमंद ईमानदार दोस्त हैं कम्युनिस्ट

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी एक पाठक ने लिखा है ‘‘कामरेड चतुर्वेदी जी, यह तो अति हो गई!!!! भई दो राज्यों में सत्ता है समस्त भारत पर प्यार…

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विविधा विकास की विडम्बना झेलते लोग

विकास की विडम्बना झेलते लोग

-राखी रघुवंशी यह जरूरी नहीं कि सरकारी विकास योजनाएं हमेशा लोगों के लिए फायदेमंद ही हो। बल्कि कई बार ये उन्हीं लोगों को संकट में…

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