व्यंग्य अप्रैल फ़ूल बनाया, बड़ा मज़ा आया !

अप्रैल फ़ूल बनाया, बड़ा मज़ा आया !

इतिहास के पन्नों में झांकें तो इस दिन की उत्पत्ति  कई तरीके से पता चलती है। 16वीं शताब्दी के फ्रांस में जब कैलेंडर बदला और नववर्ष एक जनवरी को मनाया जाने लगा, लेकिन कुछ लोग एक अप्रैल को ही नया साल मानते रहे। उन्हें मज़ाक का पात्र बनाया गया और यहीं से “एप्रिल फूल” की परंपरा शुरू हुई। 

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विश्ववार्ता भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

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राजनीति माओवादी मुक्ति से शांति एवं संतुलन की नई संभावनाएं

माओवादी मुक्ति से शांति एवं संतुलन की नई संभावनाएं

लेकिन आज जब बस्तर जैसे माओवादी गढ़ से 25 लाख के इनामी सरगना पापा राव का अपने साथियों सहित आत्मसमर्पण करना एक निर्णायक मोड़ के…

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राजनीति लाल गलियारे का सूर्यास्त: नक्सलवाद मुक्ति के मुहाने पर भारत

लाल गलियारे का सूर्यास्त: नक्सलवाद मुक्ति के मुहाने पर भारत

केंद्र सरकार की वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से निपटने के लिए वर्ष 2015 में शुरु की गई राष्ट्रीय नीति एवं कार्य योजना' ने आज आंतरिक सुरक्षा…

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धर्म-अध्यात्म अहिंसा प्रशिक्षण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव

अहिंसा प्रशिक्षण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव

हिंसा के आंतरिक कारण में सबसे बड़ा पोषक कारण है-तनाव। वही आदमी हिंसा करता है, जो तनाव से ग्रस्त रहता है। हिंसा का दूसरा पोषक…

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विश्ववार्ता क्या एपस्टीन फाइल दबाने हेतु ट्रंप ने युद्ध का दांव खेला

क्या एपस्टीन फाइल दबाने हेतु ट्रंप ने युद्ध का दांव खेला

अमेरिका और इजरायल को मिलकर सोचना होगा कि जिसके लिए युद्ध किया गया, वह बात कहीं भी दिखाई नहीं दे रही। वहीं इससे पूरे विश्व…

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राजनीति उत्तर प्रदेश के गाँवों की गूँज: प्रगति का पथ और परिवर्तन का प्रकाश

उत्तर प्रदेश के गाँवों की गूँज: प्रगति का पथ और परिवर्तन का प्रकाश

स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आई क्रांति इस कालखंड की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। 'स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)' के तहत उत्तर प्रदेश ने…

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समाज क्या प्यार की भी कोई उम्र होती है?

क्या प्यार की भी कोई उम्र होती है?

जब युवा प्रेम करते हैं तो उसे जीवन का स्वाभाविक हिस्सा माना जाता है, लेकिन वही प्रेम यदि ढलती उम्र में जन्म ले तो समाज…

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खान-पान कम उपभोग, ज्यादा संरक्षण: यही है शून्य अपशिष्ट का मंत्र

कम उपभोग, ज्यादा संरक्षण: यही है शून्य अपशिष्ट का मंत्र

इस साल यानी कि वर्ष 2026 में इस दिवस की थीम ‘खाद्य अपशिष्ट’ रखी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य भोजन की बर्बादी को रोकना है।

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आर्थिकी बीमा सुरक्षा का माध्यम बने, न कि मुनाफे का जाल

बीमा सुरक्षा का माध्यम बने, न कि मुनाफे का जाल

हजारों करोड़ रुपये के बीमा दावे हर वर्ष खारिज कर दिए जाते हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि बीमा प्रणाली की विश्वसनीयता पर…

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विश्ववार्ता ट्रंप की हठधर्मिता से धराशाई हुई वैश्विक अमेरिकी प्रभुत्व की धारणा

ट्रंप की हठधर्मिता से धराशाई हुई वैश्विक अमेरिकी प्रभुत्व की धारणा

निःसंदेह संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व के सर्वशक्तिशाली देशों में अपना सर्वोच्च स्थान रखता है। यही वजह है कि दुनिया के अधिकांश देश 'सर्वशक्तिमान अमेरिका' से…

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राजनीति बिहार में नीतीश के बाद कौन ?

बिहार में नीतीश के बाद कौन ?

वीरेन्द्र सिंह परिहार           ऐसा माना जाता है कि आगामी 10 अप्रैल तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देंगे। ऐसी स्थिति में जो चर्चाए हैं…

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