धर्म-अध्यात्म विश्व के लिए वेदज्ञान की उपेक्षा अहितकर एवं हानिकारक

विश्व के लिए वेदज्ञान की उपेक्षा अहितकर एवं हानिकारक

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन को संसार के वेदेतर सभी मत अद्यावधि प्रायः समझ नहीं सके हैं। यही कारण है कि यह जानते हुए कि सत्य…

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राजनीति किसानों के ध्वजवाहक चौधरी चरण सिंह

किसानों के ध्वजवाहक चौधरी चरण सिंह

अरविंद जयतिलकसैकड़ों साल बाद भारतीय समाज का स्वरुप, चरित्र एवं चिंतन की व्याख्या का दायरा और उसके मूल्यों को मापने व परखने का मापदण्ड क्या…

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राजनीति फासीवाद, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की हत्या के क्या हैं वामपंथियों की नजरों में अर्थ

फासीवाद, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की हत्या के क्या हैं वामपंथियों की नजरों में अर्थ

भारतीय वामपंथी के मुंह से यह शब्द आपने भी सुने होंगे।तानाशाही,फासीवादअभिव्यक्ति की आजादीलोकतन्त्र की हत्यासर्वाहारा, समानता और मानवताभगवान श्री राम से लेकर सावरकर तक हर…

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राजनीति मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना, अध्याय : भारत में सांप्रदायिकता, अंग्रेज और कॉन्ग्रेस

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना, अध्याय : भारत में सांप्रदायिकता, अंग्रेज और कॉन्ग्रेस

भारत में साम्प्रदायिकता ,अंग्रेज और कॉंग्रेस भारत में प्राचीन काल में शासन की नीति का आधार पंथनिरपेक्ष विचारधारा होती थी । जिसमें शासन का मुख्य…

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मीडिया संभावनाओं भरा है हिंदी पत्रकारिता का भविष्य

संभावनाओं भरा है हिंदी पत्रकारिता का भविष्य

-डॉ. पवन सिंह मलिक 30 मई ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ देश के लिए एक गौरव का दिन है। आज विश्व में हिंदी के बढ़ते वर्चस्व व…

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लेख सुशासन का पर्याय थीं धर्मपरायण राजमाता अहिल्यादेवी होलकर

सुशासन का पर्याय थीं धर्मपरायण राजमाता अहिल्यादेवी होलकर

भारतीय संस्कृति का पालन करते हुए अपनी राज्य सत्ता को सफलतापूर्वक चलाने के सिलसिले में भारत का इतिहास यूं तो कई सफल नेत्रियों एवं महारानियों…

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लेख प्रखर राष्ट्रवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे सावरकर

प्रखर राष्ट्रवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे सावरकर

वीर दामोदर सावरकर जयन्ती – 28 मई 2021 पर विशेष ललित गर्ग – नया भारत बनाने, भारत को नये सन्दर्भों के साथ संगठित करने, राष्ट्रीय…

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महिला-जगत अंधविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण में उलझता महिलाओं का निर्णय

अंधविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण में उलझता महिलाओं का निर्णय

राजेश निर्मल सुल्तानपुर, यूपी भारतीय समाज के केंद्र में जब-जब महामारी आती है तो सिर्फ़ महामारी ही नहीं आती, बल्कि उसके साथ आती है बहुत…

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राजनीति हे भारत, मैं सावरकर बोल रहा हूँ

हे भारत, मैं सावरकर बोल रहा हूँ

-डॉ. पवन सिंह मलिक आज विश्वभर में जिस प्रकार का एक बौद्धिक विमर्श दिखाई दे रहा है। जहां सभी अपने विचारों की श्रेष्ठता के आधार…

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टेलिविज़न उजली विरासत को सहेजने की जरूरत : उठ रहे सवालों के ठोस और वाजिब हल तलाशने होंगें

उजली विरासत को सहेजने की जरूरत : उठ रहे सवालों के ठोस और वाजिब हल तलाशने होंगें

एक समय में प्रिंट मीडिया ही सूचनाओं का वाहक था, वही विचारों की जगह भी था। 1990 के बाद टीवी घर-घर पहुंचा और उदारीकरण के…

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कविता डाकघर का लौह मुहर देख प्रेमपत्र सिहर उठता

डाकघर का लौह मुहर देख प्रेमपत्र सिहर उठता

—विनय कुमार विनायकडाकघर;एक पूर्ण सरकारी दफ्तरबाबा आदम युग से पाकरएक प्यारी मुंहबोली संज्ञाआज भी कहलाता डाकघर,यही हकीकत नही माखौल!डाकघर की जय बोल! डाकघर की छाती…

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राजनीति मोदी के हनुमान एके शर्मा पहुंचे जन्मभूमि यूपी, पर बनेंगे क्या?

मोदी के हनुमान एके शर्मा पहुंचे जन्मभूमि यूपी, पर बनेंगे क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी अरविंद कुमार शर्मा बहुत कम बोलते हैं, लेकिन कर्मठ बहुत हैं। दो दशक से भी ज्यादा समय तक मोदी…

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