कश्मीर घाटी के विद्रोही नेता
Updated: August 24, 2020
राष्ट्र की एकता व अखंडता की रक्षार्थ भारत को तोड़ने वाले अनुच्छेदों 35 ए व 370 में आवश्यक संशोधन करके जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को संसद…
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राजनीति के कुशल रणनीतिकार और ज्ञान के महासागर : अरुण जेटली
Updated: August 23, 2020
हर्षवर्धन पाण्डेभाजपा नेता अरुण जेटली की जिंदगी से जुड़ा हर पहलू और राजनीतिक करियर बेहतरीन था । यूँ ही उन्हें भाजपा का संकटमोचक नहीं कहा…
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विश्व व्यापी हिन्दू संस्कृति
Updated: August 23, 2020
– वैद्य राजेश कपूर आज भारत की सीमित सीमाओं में रहते हुए, और मैकाले की गई शिक्षा के प्रभाव के कारण हम कल्पना…
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जीवन में संयम, सीमित आवकश्तायें एवं शक्ति संचय आवश्यक है
Updated: August 23, 2020
–मनमोहन कुमार आर्य संसार में सभी जीवन पद्धतियों में वैदिक धर्म एवं तदनुकूल जीवन पद्धति श्रेष्ठ व महत्वूपर्ण है। इसे जानकर और इसके…
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केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से भारतीय अर्थव्यवस्था का बदलता स्वरूप
Updated: August 23, 2020
कोरोना वायरस महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप कुछ बदलने की राह पर जाता दिखाई दे रहा है। अभी तक भारतीय अर्थव्यवस्था में…
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केंद्र सरकार का अगला क़दम क्या जनसंख्या नियंत्रण क़ानून होगा?
Updated: August 23, 2020
मोदी सरकार ने वर्षों से अटके मुद्दों यथा- धारा 370, तीन तलाक़ और राम मंदिर को चुटकियां बजाते ही मानों ख़त्म कर दिया हो। इतना…
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देश के विकास इंजन को पुनर्जीवित करने के लिए नए अवसर पैदा करने होंगे।
Updated: August 23, 2020
— डॉo सत्यवान सौरभ, कोविद-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और भारत में भी इसके गहरे प्रभाव पड़े है। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से…
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संभावनाओं को पंख लगाती नई शिक्षा नीति
Updated: August 23, 2020
भारत दुनिया का सबसे बडा युवा जनशक्ति वाला देश हैं, जहाँ युवाओं में अपार संभावनाएं अंतर्निहित हैं। जैसा की स्वामी विवेकानंद कहते थे युवाओं में…
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राम मंदिर निर्माण पूरा होगा जनवरी 2024 में और क्या होगा 2024 में ?
Updated: August 23, 2020
राजधानी के नेहरू मेमोरियल में विगत 20 अगस्त को हुई रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी भवन निर्माण समिति की बैठक में निर्णय लिया गया…
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झंडेवाला पार्क के नायक थे अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी
Updated: August 23, 2020
85वें बलिदान दिवस 23 अगस्त 2020 पर विशेष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास ऐसे वीर वीरांगनाओं की कहानियों से भरा पड़ा है जिनके योगदान को कोई मान्यता नहीं मिली है। ऐसे ही हमारे अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी हैं जिनका योगदान भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रहा है। लेकिन दुर्भाग्य यह रहा है कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी को इतिहासकारों ने पूरी तरह से उपेक्षित रखा है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर वीरांगनाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध खुला विद्रोह किया और स्वतंत्रता की खातिर शहीद हो गये। इन्हीं शहीदों में क्रांतिवीर गुलाब सिंह लोधी का नाम भी शामिल है। जिन्होंने अपने प्राणों की बाजी भारत माँ को आजादी दिलाने के लिए लगा दी। उनका जन्म एक किसान परिवार में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के ग्राम चन्दीकाखेड़ा (फतेहपुर चौरासी) के लोधी परिवार में सन् 1903 में श्रीराम रतनसिंह लोधी के यहां हुआ था। लखनऊ के अमीनाबाद पार्क में झण्डा सत्याग्रह आन्दोलन में भाग लेने उन्नाव जिले के कई सत्याग्रही जत्थे गये थे, परन्तु सिपाहियों ने उन्हें खदेड़ दिया और ये जत्थे तिरंगा झंडा फहराने में कामयाब नहीं हो सके। इन्हीं सत्याग्रही जत्थों में शामिल वीर गुलाब सिंह लोधी किसी तरह फौजी सिपाहियों की टुकड़ियों के घेरे की नजर से बचकर आमीनाबाद पार्क में घुस गये और चुपचाप वहां खड़े एक पेड़ पर चढ़ने में सफल हो गये। क्रांतिवीर गुलाब सिंह लोधी के हाथ में डंडा जैसा बैलों को हांकने वाला पैना था। उसी पैना में तिरंगा झंडा लगा लिया, जिसे उन्होंने अपने कपड़ों में छिपाकर रख लिया था। क्रांतिवीर गुलाब सिंह ने तिरंगा फहराया और जोर-जोर से नारे लगाने लगे- तिरंगे झंडे की जय, महात्मा गांधी की जय, भारत माता की जय। अमीनाबाद पार्क के अन्दर पर तिरंगे झंडे को फहरते देखकर पार्क के चारों ओर एकत्र हजारों लोग एक साथ गरज उठे और तिरंगे झंडे की जय, महात्मा गांधी की जय, भारत माता की जय। झंडा सत्याग्रह आन्दोलन के दौरान देश की हर गली और गांव शहर में सत्याग्रहियों के जत्थे आजादी का अलख जगाते हुए घूम रहे थे। झंडा गीत गाकर, झंडा ऊंचा रहे हमारा, विजय विश्व तिरंगा प्यारा, इसकी शान न जाने पावे, चाहे जान भले ही जाये, देश के कोटि कोटि लोग तिरंगे झंडे की शान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए दीवाने हो उठे थे। समय का चक्र देखिए कि क्रांतिवीर गुलाब सिंह लोधी के झंडा फहराते ही सिपाहियों की आंख फिरी और अंग्रेजी साहब का हुकुम हुआ, गोली चलाओ, कई बन्दूकें एक साथ ऊपर उठीं और धांय-धांय कर फायर होने लगे, गोलियां क्रांतिवीर सत्याग्रही गुलाबसिंह लोधी को जा लगीं। जिसके फलस्वरूप वह घायल होकर पेड़ से जमीन पर गिर पड़े। रक्त रंजित वह वीर धरती पर ऐसे पड़े थे, मानो वह भारत माता की गोद में सो गये हों। इस प्रकार वह आजादी की बलिवेदी पर अपने प्राणों को न्यौछावर कर 23 अगस्त 1935 को शहीद हो गये। क्रांतिवीर गुलाबसिंह लोधी के तिरंगा फहराने की इस क्रांतिकारी घटना के बाद ही अमीनाबाद पार्क को लोग झंडा वाला पार्क के नाम से पुकारने लगे और वह आजादी के आन्दोलन के दौरान राष्ट्रीय नेताओं की सभाओं का प्रमुख केन्द्र बन गया, जो आज शहीद गुलाब सिंह लोधी के बलिदान के स्मारक के रूप में हमारे सामने है। मानो वह आजादी के आन्दोलन की रोमांचकारी कहानी कह रहा है। क्रांतिवीर गुलाब सिंह लोधी ने जिस प्रकार अदम्य साहस का परिचय दिया और अंग्रेज सिपाहियों की आँख में धूल झोंककर बड़ी चतुराई तथा दूरदर्शिता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त किया, ऐसे उदाहरण इतिहास में बिरले ही मिलते हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय अग्रणी भूमिका निभाने के लिए उनकी याद में केंद्र सरकार द्वारा जनपद उन्नाव में 23 दिसंबर 2013 को डाक टिकट जारी किया गया। एक सच्चा वीर ही देश और तिरंगे के लिये अपने प्राण न्यौछावर कर सकता है। ऐसे ही अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी एक सच्चे वीर थे जिन्होंने अपने देश और तिरंगे की खातिर अपना बलिदान दे दिया और तिरंगे को झुकने नहीं दिया। अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी का बलिदान देशवासियों को देशभक्ति और परमार्थ के लिये जीने की प्रेरणा देता रहेगा। आज हम वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी को उनके 85वें बलिदान दिवस पर नमन करते हुए यही कह सकते हैं कि- ‘‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले। वतन पर मरने वालों का यह बाकी निशां होगा।’’ जय हिंद, जय भारत
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सरकारी नौकरियों के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी
Updated: August 22, 2020
—-प्रियंका सौरभ हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा आयोजित करने के लिए एक स्वतंत्र निकाय, की स्थापना को मंजूरी दी…
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इंदौर मुझमें रहता है
Updated: August 22, 2020
डॉ. वेदप्रताप वैदिकमुझे गर्व है कि इंदौर को लगातार चौथी बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। मुझे दिल्ली में बसे 55…
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