ऋग्वेद

“संसार की आदि भाषा संस्कृत कैसे अस्तित्व में आई”

मनमोहन कुमार आर्य,  संसार में अनेक भाषायें हैं। सबका अपना अपना इतिहास है। कोई भाषा अपनी पूर्ववर्ती किसी भाषा का...

अपने मौलिक नाम से जाने जाना गौरव का विषय है विवाद का नहीं

डॉ. नीलम महेंद्रा बरसों पहले अंग्रेजी के मशहूर लेखक शेक्सपियर ने कहा था,  व्हाट इस इन द नेम? यानी नाम में क्या रखा...

“वेदों का यथार्थ ज्ञान वेदांगों के अध्ययन से ही सम्भव”

-मनमोहन कुमार आर्य,  वेद ईश्वरीय ज्ञान है और सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। सभी विद्याओं का विस्तार वेदों के...

“लघु-ग्रन्थ भ्रान्ति-निवारण में विद्यमान उपयोगी कुछ ऋषि-वचन”

-मनमोहन कुमार आर्य,  ऋषि दयानन्द ने एक लघु-ग्रन्थ ‘भ्रान्ति-निवारण’ लिखा है। यह लघु-ग्रन्थ ऋषि दयानन्द ने पंडित महेशचन्द्र न्यायरत्न, कलकत्ता...

“वैदिक धर्म का समग्रता से ज्ञान व प्रचार गुरुकुलीय शिक्षा से ही सम्भव”

मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल एक लोकप्रिय शब्द है। यह वैदिक शिक्षा पद्धति का द्योतक शब्द है। वैदिक धर्म व संस्कृति...

ऋग्वेद के आठवें मण्डल का संस्कृत-हिन्दी भाष्य वा भाषानुवाद विषयक जानकारी

मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द ने अपने जीवन में वेद प्रचार को सबसे अधिक महत्व दिया। सभी मत व सम्प्रदायों...

ऋग्वेद प्राचीन भारतीय समाज का गीत दर्पण

- हृदयनारायण दीक्षित सभी जीवधारी शरीर और प्राण का संयोग हैं। लेकिन मनुष्य विशिष्ट है। मनुष्य जिज्ञासु है। बाकी प्राणी...

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