दलाई लामा

बात मुद्दे की करो, बकवास न करो चीन

चीनी सरकार के साथ चीन की मीडिया का भारत के प्रति रुख लगातार धमकाने वाला है, जिससे भारत कतई नहीं डरने वाला। हाल ही में चीन के सरकारी मीडिया ने बीजिंग द्वारा अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों का नाम रखने पर भारत की प्रतिक्रिया को ‘बेतुका’ कहकर खारिज करते हुए चेताया कि अगर भारत ने दलाई लामा का ‘तुच्छ खेल’ खेलना जारी रखा तो उसे ‘बहुत भारी’ कीमत चुकानी होगी। दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा से बौखलाये चीन ने इन छह स्थानों के ‘मानकीकृत’ आधिकारिक नामों की घोषणा कर पहले से जटिल चल रही स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।

दलाई लामा पर चीन की चिढ़न

चीन को यह गलतफहमी हो गई है कि भारत उससे सख्त नाराज हो गया है। एक तो मसूद अजहर को संयुक्तराष्ट्र संघ में आतंकवादी घोषित करने का विरोध करने के कारण, दूसरा भारत को परमाणु सप्लायर्स ग्रुप का सदस्य नहीं बनने देने के कारण और तीसरा, पाकिस्तान के कब्जाए कश्मीर में से सड़क निकालने के कारण। अपनी नाराजी जाहिर करने के लिए भारत ने अब दलाई लामा को उछाला है, ऐसा चीन मानता है।

विश्व बंधुत्व, करुणा, प्रेम और सुरक्षा ही मानव अधिकार की कुंजी : दलाई लामा

विश्व बंधुत्व की भावना, करुणा, प्रेम और भ्रातृत्व ही मानव अधिकारों की सुरक्षा की कुंजी…

तिब्बत द्वारा कृतज्ञता ज्ञापन-जाग मछन्दर गोरख आयाः डा0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

आज से 50 साल पहले तिब्बत के धर्म गुरू और राज्य अध्यक्ष दलाई लामा अपना देश छोड़कर भारत में आये थे। उनके साथ उनके लाखों अनुयायी भी तिब्बत छोड़ गये। जिस समय दलाई लामा…