मनुष्य

“ईश्वर के उपकारों के लिए सन्ध्या द्वारा धन्यवाद करना मनुष्य का मुख्य कर्तव्य”

मनमोहन कुमार आर्य, हम मनुष्य हैं। हमारा अस्तित्व सत्य व यथार्थ है। हमारी आत्मा अनादि,

“ऋषि दयानन्द का ‘स्वमन्तव्यामन्तव्यप्रकाश’ गागर में सागर”

“ऋषि दयानन्द का ‘स्वमन्तव्यामन्तव्यप्रकाश’ गागर में सागर” -मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द का सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ

‘वेदों का प्रवेश-द्वार ऋषिदयानन्दकृत ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश

  ‘वेदों का प्रवेश–द्वार ऋषिदयानन्दकृत ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश’ –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। सत्यार्थप्रकाश धार्मिक वं सामाजिक