मानवाधिकार

श्रीलंका पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी

श्रीलंका पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी: कोलंबो,। श्रीलंका में लोकतंत्र और मानवाधिकार को बढ़ावा देने…

विनायक सेन प्रकरण : बुद्धिजीवियों द्वारा न्याय व्यवस्था के विरूद्ध जिहाद

अम्‍बा चरण वशिष्‍ठ हमारे उदारवादी चिन्तक, विचारक तथा कार्यकर्ता वस्तुत: भेड़िये की खाल में साम्यवादी…

मणिपुर में अलगाववादियों को सर उठाने का मौका क्यों मिला ?

मणिपुर में लंबे समय से सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून का विरोध होता आ रहा है . राज्य में एकबार फिर से कई संगठन इसके विरोध के लिए एकजुट होकर सडकों पर उतरे हैं. मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस विशेषाधिकार क़ानून के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए इन संगठनों ने राज्य में 60 घंटे का बंद बुलाया जिसमें जनजीवन पर मिलाजुला असर दिखाई पड़ा . मामले के अभी गरम होने की वजह पहले चरमपंथी रहे और अब सामान्य जीवन में वापसी कर चुके संजीत की कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में हत्या को समझा जा रहा है .