शीला दीक्षित

ऐसे तो कैसे कांग्रेस मजबूत होगी राहुलजी!

राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर शक होने लगा है। मुंबई में करारी हार हुई है। महाराष्ट्र में शर्मनाक स्थिति में कांग्रेस का प्रदर्शन रहा। यूपी में गठबंधन के बावजूद कांग्रेस के पनपने के आसार कम हैं। कांग्रेस को अब कोई और उपाय करना होगा।

बिहार से यूपी तक पिछलग्गू बनती कांगे्रस

दरअसल, 2009 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिर रहा है। कांग्रेस के हाथ से राज्यों की सत्ता छिटक रही है। लिहाजा यूपी में सत्ता में होना कांग्रेस की राजनीतिक मजबूरी माना जा रहा है। कांग्रेस सत्ता में तो आना चाहती है। इसके अलावा एक मकसद बीजेपी को यूपी की सत्ता से दूर रखना भी है। कांगे्रस की दुर्दशा के कारणों पर नजर डाली जाये तो जटिल जातीय समीकरण वाले इस सूबे में कांग्रेस के पास अपना परंपरागत वोट बैंक नही बचा है। ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम अब कांग्रेस के वोटर नहीं रह गये हैं।

अम्बानी की जांच का आदेश देने वाला अभी तक सही सलामत है, यही क्या कम है ?

-श्रीराम तिवारी- भले ही कांग्रेस और भाजपा दोनों की विफलता से कोई तात्कालिक पूंजीवादी राजनैतिक विकल्प…