समलैंगिकता : सुप्रीम कोर्ट, सरकार और मीडिया

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समलैंगिक सेक्स अपराध है या नहीं इस पर मंगलवार यानि 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा. ऐसा लगता है कि मीडिया समलैंगिकता को वैधता दिलाने के पक्ष में है, लेकिन फैसला तो सुप्रीम कोर्ट को करना है. कोर्ट को यह तय करना है कि दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला सही है या गलत. 2009… Read more »

सोनिया कांग्रेस के लिये देश में प्रमुख मुद्दा समलैंगिकता है

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सोनिया कांग्रेस की हाल ही में , पांच राज्यों की विधानसभाओं के लिये चुनावों में जबरदस्त हार हुई है । केवल हार ही नहीं , दिल्ली राजस्थान और मध्य प्रदेश में तो उसका सूपडा ही साफ हो गया है । थोडी बहुत लाज मिजोरम में चर्च ने बचा दी , अन्यथा… Read more »

समलैंगिक संबंध-मर्यादा व नैतिकता के आईने में

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निर्मल रानी दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 2009 में जिस समय समलैंगिक संबंधों को वैध कऱार देने संबंधी एक याचिका पर निर्णय सुनाते हुए इसे वैध ठहराया था उस समय भी देश में यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। गौरतलब है कि 2001 में समलैंगिक संबंधों को वैध ठहराने हेतु ऐसे संबंधों की… Read more »

समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ

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राकेश कुमार आर्य प्राचीनता और नवीनता दो विरोधी धारायें नहीं हैं। समाज की उन्नति के लिए इन दोनों को समन्वय बड़ा आवश्यक है। विज्ञान के नवीन आविष्कारों का और अनुसंधानों का लाभ लेने के लिए हमें सदा नवीनता का समर्थक रहना चाहिए। इसी से सभ्यता का विकास होता है। इसीलिए कालिदास जैसे महाकवि ने अपनी… Read more »

समलैंगिकता : समाजशास्त्रीय विवेचन

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समलैंगिकता के संबंध में भी वैसी ही वर्जनाएँ तथा अनुमतियां होती हैं, जैसी कि अन्य प्रकार की यौन गतिविधियों में। हिमालय के लैपचा लोगों में यदि कोई पुरूष आंडू सूअर का मांस खा लेता है तो उसे समलैंगिक माना जाता है। लैपचा का कहना है कि उनके यहाँ समलैंगिकता अनजानी है और उसकी चर्चा भी… Read more »

समलैंगिकता मानसिक रोग ही नहीं, समाज व प्रकृति के विरूद्ध अपराध भी

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देखा जाये तो हमारी वर्तमान सोच में बड़ी विसंगतियां हैं, बड़ी विकृतियां हैं, बड़ा विरोधाभास भी है। एक ओर तो हम अपनी संस्कृति, अपनी भारतीयता तथा अपने आदर्शों पर बड़ा गर्व करते हैं तो दूसरी ओर हम उदारवादी भी बनना चाहते हैं।