सरकार के ‘स्वच्छता अभियान’ में खामियां

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राकेश कुमार आर्य  हमारे देश को प्रयोगशाला बनाकर नये-नये प्रयोग करते जाने की राजनीतिज्ञों की पुरानी परम्परा है। जब किसी प्रयोग पर करोडों-अरबों रूपया व्यय हो जाता है तो फिर उसे भुला दिया जाता है या जब उस प्रयोग के गलत परिणाम राजनीतिज्ञों को मिलने लगते हैं तो उन्हें जनता को न बताकर चुपचाप… Read more »

सरकार की प्रथम  जबाबदेही जनता के प्रति है लोकसेवकों के प्रति नहीं

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वैसे तो भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर परिभाषा की बात की जाए तो यहाँ जनता के द्वारा जनता के लिए और जनता का ही शासन है लेकिन राजस्थान सरकार के एक ताजा अध्यादेश ने लोकतंत्र की इस परिभाषा की धज्जियां उड़ाने की एक असफल कोशिश की। हालांकी जिस प्रकार विधानसभा में बहुमत होने के… Read more »

उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण अनिवार्य

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राकेश कुमार आर्य उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश में विवाह पंजीकरण को अनिवार्य घोषित कर सामाजिक सुधारों की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। इस निर्णय से महिला अधिकारों की रक्षा होगी, साथ ही इसका सीधा लाभ उन मुस्लिम महिलाओं को अधिक मिलेगा जिनके पति उनकी बिना स्वीकृति और सहमति… Read more »

न्यायपालिका और सरकार में टकराव उचित नहीं

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प्रमोद भार्गव केंद्र सरकार और न्यायपालिका के बीच एक बार फिर जजों की नियुक्तियों को लेकर टकराव सतह पर आया है। इस बार सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीष टीएस ठाकुर ने न्यायालयीन ट्रिब्यूनलों की खस्ताहाल स्थिति को भी उजागार किया है। अखिल भारतीय केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट के इसी कार्यक्रम में उपस्थित विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद… Read more »

सर्जिकल स्ट्राइक, सरकार और सेना

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अब जैसा कि सभी को पता है कि सेना स्वतः इस सर्जिकल स्ट्राइक की सी.डी. सरकार को सौंप चुकी है, पर वह स्वतः इसे प्रगट किए जाने के पक्ष मंे नहीं है, क्यांेकि इससे क्षत्रु को हमारी रणनीति और विषेषताओं का पता चल जाएगा। वेसे भी जहाॅ तक राष्ट्र की सुरक्शा का प्रष्न है, वहाॅ बहुत चीजें प्रगट नहीं की जाती है। जहाॅ तक सियासी फायदे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का सवाल है तो संजय निरूपम से यह पूछा जा सकता है कि क्या 1971 में बांग्ला देश का मुक्ति संग्राम उस समय की इंदिरा सरकार द्वारा सियासी फायदे के लिए किया गया था?

उत्तर प्रदेश में किसकी बनेगी सरकार!

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अभिषेक कांत पाण्डेय इस बार उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी इसकी कवायद तेज होने लगी है। इधर इलाहाबाद में भाजपा कार्यकारणी की बैठक के बाद परिवर्तन रैली से पीएम मोदी ने अपने भाषण से जनता को संदेश दिया की उत्तर प्रदेश में भाजपा आएगी तो वह विकास करेगी। 50 साल का विकास वह पांच… Read more »

काश…! दादी ने शहर की कहानी सुनाई होती

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काश…! दादी ने शहर की कहानी सुनाई होती लोग कहते हैं फिल्में समाज का दर्पण होती हैं मतलब समाज मे जो कुछ घटित होता है, समाज की जो भी असलियत है, जितनी संवेदना है , जैसी भी अवधारना है, फिल्में ठीक वैसी ही परोसती हैं । कभी-कभी तो हर आदमी की कहानी ही फिल्मी लगती… Read more »

तीसरी नहीं, पहली सरकार है ग्रामसभा

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इलाहाबाद से वाराणसी जाते समय सङक किनारे एक जगह है- राजा के तालाब। बीते तीन अप्रैल को राजा के तालाब से एक यात्रा चली -तीसरी सरकार संवाद एवम् सम्पर्क यात्रा।राजतंत्र में राजा, पहली सत्ता होता है, प्रजा अंतिम। लोकतंत्र में संसद तीसरी सरकार होती है, विधानसभा दूसरी और ग्रामसभा पहली सरकार। इसलिए मैं पंचायती राज… Read more »

महंगाईःसरकार और सच्चाई

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हिमांशु शेखर जम्मू-कश्मीर के सोपोर के रहने वाले अब्दुल हामीद और उनके परिवार की आमदनी का मुख्य जरिया उनका सेव का बगान है. उनके बगान में सेव के तकरीबन 300 पेड़ हैं. हर साल वे बड़ी सिद्दत से सेव के पेड़ों में फल लगने का इंतजार करते हैं. क्योंकि इसी पर उनके पूरे परिवार का… Read more »

आम आदमी से दूर होती सरकार

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हर्षवर्धन पान्डे विदर्भ की रामकली बाई इन दिनों मायूस है…. …..यह रामकली वह है जिसका एक बच्चा अभी एक साल पहले कुपोषण के चलते मर गया….. इस बच्चे की बात करने पर आज भी वह सिहर उठती है…. पिछले कुछ वर्षो में जैसी त्रासदी विदर्भ ने देखी होगी शायद भारत के किसी कोने ने देखी… Read more »