स्व-प्रेरणा की मिसालों से बनता समाज

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 ललित गर्ग  कहते हैं कि जिसके सिर पर कुछ कर गुजरने का जुनून सवार होता है तो फिर वो हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेता है। ऐसे लोग अपने किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं होते बल्कि वो आत्मनिर्भर होकर अपने सभी कामों को… Read more »

आपस के रिश्ते जब से व्यापार हुए

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कुलदीप विद्यार्थी आपस के रिश्ते जब से व्यापार हुए। बन्द सभी आशा वाले दरबार हुए। जिसको इज्ज़त बख्सी सिर का ताज कहा उनसे ही हम जिल्लत के हकदार हुए। मंदिर, मस्ज़िद, गुरुद्वारों में उलझे हम वो  शातिर  सत्ता   के  पहरेदार  हुए। जिस-जिसने बस्ती में आग लगाई थी देखा  है  वो  ही  अगली सरकार हुए। आसान … Read more »

बलात्कार के लिए पोर्न फिल्में जिम्मेबार

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संदर्भः पोर्न साइट्स भी है बलात्कार के लिए जिम्मेबार-भूपेंद्र सिंह, गृहमंत्री मप्र सरकार प्रमोद भार्गव देश  में इस समय बालिकाओं से बलात्कार की बाढ़ सी आई हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में मध्य प्रदेश  के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बयान दिया है कि ‘बच्चियों के खिलाफ बढ़ रही यौन शोषण की घटनाओं के लिए आसानी से… Read more »

दुष्कर्मियों के लिए बना फांसी का फंदा

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सुरेश हिन्दुस्थानी देश में बढ़ते जा रहे दुष्कर्म मामलों के विरोध में बड़ी कार्रवाई करते हुए केन्द्र सरकार ने दोषियों को फांसी की सजा देने का अभूतपूर्व निर्णय लिया है। इसके लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश 2018 को मंजूरी देकर कानून की मान्यता दे दी है। राष्ट्रपति द्वारा इस अध्यादेश की… Read more »

दिलचस्प दिन

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गंगानन्द झा श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का सत्तारूढ़ होना गणतान्त्रिक  भारत के विकास के इतिहास की दिशा और दशा परिभाषित करने वाली घटना है। उनका आश्वासन है— “अच्छे दिन आनेवाले हैं।“ हमें विश्वास है कि आनेवाले दिन अच्छे न भी हों पर, दिलचस्प तो अवश्य होंगे। सत्ता परिवर्तन… Read more »

ये कहा आ गये हम…..लडते लडते………

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शादाब ज़फ़र शादाब यह कैसा देश और समाज बना दिया है हमने,जहाँ हम हिंदू हैं या मुसलमान!या तो देशभक्त हैं या देशद्रोही!हमारी पीड़ाएँ तक बाँट दी गई हैं।आठ साल की लड़की से एक देवस्थान में बलात्कार होता है,तो मरी हुई बच्ची के साथ बलात्कार करनेवाला पुलिस का आदमी नहीं रह जाता, तुरंत हिंदू बना दिया… Read more »

 ” राष्ट्रवाद मेरी नजर में “

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जालाराम चौधरी राष्ट्रवाद एक ऐसी अवधारणा हैं जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि होता है। एक सूत्र में पिरोने का कार्य राष्ट्रवाद की भावना ही करती है। राष्ट्रवाद अर्थात् राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना। जो देशहित में खड़े होने की प्रेरणा देता है। आज के इस दौर में देश जिस मोड़ पर खड़ा है इनकी अपेक्षा देश… Read more »

वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेल की भूमिका

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वैश्विक  अर्थव्यवस्था में तेल की भूमिका प्रमोद भार्गव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। नतीजतन पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस के दाम घटने की बजाय बढ़ने की नौबत आ गई है। वैश्विक  बाजार में कअंतरराष्ट्रीय बाजार, च्चे तेल का भाव 71 डाॅलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है, जो 2014… Read more »

सरकार के ‘स्वच्छता अभियान’ में खामियां

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राकेश कुमार आर्य  हमारे देश को प्रयोगशाला बनाकर नये-नये प्रयोग करते जाने की राजनीतिज्ञों की पुरानी परम्परा है। जब किसी प्रयोग पर करोडों-अरबों रूपया व्यय हो जाता है तो फिर उसे भुला दिया जाता है या जब उस प्रयोग के गलत परिणाम राजनीतिज्ञों को मिलने लगते हैं तो उन्हें जनता को न बताकर चुपचाप… Read more »

सरकार की प्रथम  जबाबदेही जनता के प्रति है लोकसेवकों के प्रति नहीं

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वैसे तो भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर परिभाषा की बात की जाए तो यहाँ जनता के द्वारा जनता के लिए और जनता का ही शासन है लेकिन राजस्थान सरकार के एक ताजा अध्यादेश ने लोकतंत्र की इस परिभाषा की धज्जियां उड़ाने की एक असफल कोशिश की। हालांकी जिस प्रकार विधानसभा में बहुमत होने के… Read more »