स्वच्छता अभियान

स्वच्छता अभियान और मोदी सरकार

पुराने समय में लोग खुले में शौच जाते थे तो अपने मल को खेत में मिट्टी से दबाकर आते थे इससे उत्तम ‘मल विनष्टीकरण’ का कोई अन्य ढंग नही हो सकता। इस क्रिया से मल की बदबू वातावरण में नही फैलती थी। पर मल मिट्टी के साथ मिलकर 24 घंटे में ही खाद बन जाता था, जिससे खेत की उत्पादन क्षमता बढ़ती थी। इसके अतिरिक्त आजकल शौचालय में जिन सीटों को हम बैठने के लिए प्रयोग करते हैं-उन्होंने हम सबको बीमार कर दिया है।