Donald Trump

ट्रंप की जीत और भारत

कोई आश्चर्य नहीं कि नए ट्रंप-प्रशासन में कुछ सुयोग्य भारतीयों को प्रभावशाली पद भी मिलें। ट्रंप के भारतवंशी समर्थकों का प्रभाव उन्हें भारत की तरफ जरुर झुकाएगा। तीसरा, ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ जितने जबर्दस्त बोल बोले हैं, आज तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं बोले हैं। यदि ट्रंप अपनी बात पर टिके रहे तो वे विश्व में फैले हुए आतंकवाद का समूलनाश करने में कसर उठा न रखेंगे।

डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व मे अमेरिका बनेगा भारत का अहम साझेदार 

डोनल्ड ट्रम्प ने अपने प्रचार अभियान के दौरान पाकिस्तान के प्रति भी अपना कड़ा रुख दिखाया था। उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एक अस्थिर देश है और वहां मौजूद परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया खतरे में है। ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है। उन्होंने अपने राष्ट्रपति बनने पर पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देने की बात भी कही थी।

एफबीआई जांच मामले में हिलेरी को बड़ी राहत

इस सब के बावजूद राष्ट्रपति पद की इस दौड़ में भारतवंशीयों की अहम् भूमिका रहने वाली है। भारतीय मतदाता फ्लोरिडा, ओहियो और कोलोराडो जैसे बड़े व महत्वपूर्ण राज्यों में हवा बदलने की सामर्थ्य रखते है। इन राज्यों में भारतीय-अमेरिकन मतदाताओं का प्रतिषत 30 से 40 है, जो हिलेरी और ट्रंप दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। दरअसल ट्रंप पूरी तरह गैरराजनीतिक पृष्ठभूमि से है।