कविता कौन मरा –पत्रकार रे May 16, 2023 / May 16, 2023 | Leave a Comment आए दिन चैनल हो या अखबारदुनियाभर के समाचारों कोचौबीसों घंटे पत्रकार सुनाता/पढ़ाता हैमैं भी एक पत्रकार हूँ देता हूँ खबरेंखबरें देते हुये पत्रकार युवा सेकब बूढ़ा हो जाए,भूल जाते है सभीपत्रकार नही भूलता फिर भी खबरे देना।चार दशकों में मैंने देखा हैकई नामी गिरामी पत्रकार को मरतेलेकिन पत्रकार की मौतकभी खबर नही बनती,एक सिंगल कालम […] Read more » journalist
कविता बसे अंनूठी मॉ May 15, 2023 / May 15, 2023 | Leave a Comment दुख आया तो दवा नहीं ली हारी नहीं, तू खुद से लडी थी। पिताजी देखे, सख्त बहुत थे तनखा लाकर, वे दादी को देते ॥ पाई पाई को, तू तरसा करती मजबूरी थी, तू मजदूरी करती। बेकार हुये, जब कपड़े पिता के झट सिलवाती, रहे न हम उघडे॥ वे भी क्या दिन, अपने थे मॉ […] Read more » mother's day mother's problem
कविता मोबाईल बीमारी लाया है May 10, 2023 / May 10, 2023 | Leave a Comment मोबाईल बीमारी लाया है भूल चुके हो भावी चिंतायें, जबसे मोबाइल हाथ आया है। घिर चुको हो समस्याओं में, संग ये कई बीमारी लाया है व्हाटसअप-फेशबुक इंटरनेट ने, लील लिया है तुम्हारा कल।। करों चिंतन बैठकर देखो, मोबाईल कितनी बीमारी लाया है? गुलाम हुये मोबाईल के इतने, खुमारी में रहते इसके हरपल अपना अमूल्य समय […] Read more » mobile has brought disease
बच्चों का पन्ना लेख मुझे याद आता है अपना बचपन सुहाना May 2, 2023 / May 2, 2023 | Leave a Comment मुझे याद आती है मेरी नानी”” सुनाती थी जादूगर वाली कहानी, जहॉ गुजरा बचपन, वह बचपन सुहाना नानी की कथडी वो बिस्तर पुराना।नांद में नहाना, कुए से पानी लानादूद छिरिया का पीना मस्ती में जीनावो लालटेन,चिमनी, वो चूल्हे का जमाना।।1।।मुझे याद आता है अपना बचपन सुहाना ; नर्मदापार ननिहाल जाना, आम-महुआ के नीचे समय बितानानाव का सफर बडा सुहाना, उफनती नर्मदा में […] Read more »
धर्म-अध्यात्म शख्सियत समाज निमाड़ की माटी के संत शिरोमणि सिंगा जी महाराज April 29, 2023 / April 29, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव (वैशाखसुदी ग्यारस को 504 वे जन्मदिवस पर विशेष) आज […] Read more » Saint Shiromani Singa Ji Maharaj
लेख शख्सियत समाज मुख्यमंत्री का पद ठुकुराने वाली एक भारतीय आत्मा-पद्मभूषण डाॅ. माखनलाल चतुर्वेदी April 4, 2023 / April 4, 2023 | Leave a Comment 4 अप्रेल उनकी जयंती पर विशेष आत्माराम यादवआजादी के बाद सन् 1956 में मध्यप्रदेश राज्य गठन के पश्चात राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसे बिठाया जाये, इसे लेकर पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी, पण्डित रविशंकर शुल्क एवं पण्डित द्वारकाप्रसाद मिश्रा में से किसी एक नाम को लेकर सहमति हेतु विचारविमर्श हुआ, सर्वसम्मति से तीन कागजों की […] Read more »
व्यंग्य वे शहर के कन्धों पर खडे है March 20, 2023 / March 20, 2023 | Leave a Comment सदियों पहले मैं एक कस्वानुमा गॉव था, अब विकसित शहर में अग्रणी हॅू। एक बौना सा गॉव जिसके उत्तर में कल-कल बहती नर्मदा बहती है, आज भी बहती है। फर्क इतना है कि अब मैं तहसील से जिला, जिला से संभाग हो गया हॅू। तब से अब तक सुबह और सॉझ, अजान, गुरूवाणी, शंख ध्वनियॉ-घन्टियों का […] Read more » they stand on the shoulders of the city
व्यंग्य 13 महिने का एक साल हिप हिप हुर्रे March 16, 2023 / March 16, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव भारत सरकार को चाहिये कि वह देशवासियों की खुशी, मौज और फायदे के लिये अंग्रेजी केलेन्डर के 30 व 31 दिन में पूरा होने वाला एक महिना 28 दिन का ओर 12 महिने की जगह 13 महिने का एक साल घोषित करें। सनातन काल से हिन्दू धर्म में […] Read more » 13 months one year
कला-संस्कृति कान्हा मारे पिचकारी गालन पर March 6, 2023 / March 6, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव फागुन चैत महीने में मदनोत्सव मनाने की प्रथा रही है जो आदिकाल से एक सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाया जाता रहा है । इस उत्सव का दूसरा प्रचलित नाम होली भी है। प्राचीन ग्रंथो में उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीहरि के भक्त प्रहलाद को उसके पिता हिरणाकष्यप मारना चाहते थे किन्तु जब सभी उपाय असफल […] Read more » कान्हा मारे पिचकारी गालन पर
व्यंग्य यमलोक में यमराज का चुनाव March 6, 2023 / March 6, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव नर्मदातट की अपनी महिमा है, भगवान क़ष्ण शिशुपाल के 100 अपराध तक माफ करने की सहनशक्ति रखते थे, तभी हज जाने के लिये बिल्ली जैसे मॉसाहारी जीव को भी सौ-सौ चूहे खाने अर्थात दो सौ अपराध करने की छूट मिल चुकी थी, यह अलग बात है कि वह पूरी जिंदगी में […] Read more » यमलोक में यमराज का चुनाव
लेख महात्मा गांधी ने सजा के 18 दिन हरिजन सेवा करते मध्यप्रदेश में गुजारे October 21, 2021 / October 21, 2021 | Leave a Comment Read more » Mahatma Gandhi spent 18 days of punishment in Madhya Pradesh doing Harijan service महात्मा गांधी हरिजन सेवा
लेख दीपावली की रात लोग जुआ क्यों खेलते हैं ? October 20, 2021 / October 20, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव दुनिया में देखा गया है कि लोग अक्सर मुकद्दर आजमाने के लिए जुआ खेलते है ,सट्टा खेलते है लाटरी खेलते है तो कुछ घुड़दौड़ या निरीह जानवरों की प्रतिस्पर्धा कराते है लेकिन ये सभी बुराईया सिवाय धन बर्बादी ओर अपना सब कुछ हारने का सबाव बंता है पर कोई लखपति […] Read more » Why do people gamble on Diwali night? दिवाली दीपावली की रात जुआ दीपावली की रात लोग जुआ क्यों खेलते हैं