विविधा रंगोली बिना सुनी है हर घर की दीपावली October 18, 2021 / October 20, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव दीपावली पर रंगोली के बिना घर आँगन सुना समझा जाता है। जब रंगोली सज जाती है तब उस रंगोली के बीच तेल- घी का दीपक अंधकार को मिटाता एक संदेश देता है वही आज रंगोली के बीच पटाखे छोडने को लोग शुभ मानते है । पौराणिक या प्राचीन इतिहास मे […] Read more » Every house's Diwali without Rangoli is zero दीपावली
लेख शख्सियत ब्रजसाहित्य में देव ग्रंथावली के रचनाकार एक समर्थ महाकवि देव October 15, 2021 / October 20, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव प्रातिभ ज्ञान के परम चरम शिखर पर आरूढ़ होकर हिन्दी साहित्य ओर ब्रजभाषा में अनेक मनीषिओ ने प्रेम, भक्तिचर्या एवं आध्यात्मतत्व का विहंगावलोकन किया ओर प्रज्ञा के स्पर्श से परिमार्जित होकर अपनी अनंत अनुभूति को हमारे समक्ष प्रगट किया है जिनमें “”गागर में सागर”” भरने वाले उन मनीषिओ मे एक […] Read more » a capable great poet Dev In Braj Sahitya the author of Dev Granthavali देव ग्रंथावली
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार शक्ति की आराधना में चूक, कही दुखों को मिटाने की बजाय बढ़ा तो नही रही है ! October 10, 2021 / October 10, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव आज जिस तरह नवरात्रि में नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को 9 दिनों के लिए हरेक नगर, गाँव, मोहल्ले, कसवे आदि हजारो स्थानों पर प्राणप्रतिष्ठित करने का उत्साह दिखाई देता है, उसे हम सृष्टि का संचालन करने वाली जगन्माता के प्रति अपनी भक्ति का स्वरूप ओर माता के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शन के साथ अभिवांछित विषयों […] Read more » A lapse in the worship of power instead of eradicating so-called misery
लेख शक्ति की आराधना में चूक से माता नही सुनती पुकार ! October 9, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव आज जिस तरह नवरात्रि में नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को 9 दिनों के लिए हरेक नगर, गाँव, मोहल्ले, कसवे आदि हजारो स्थानों पर प्राणप्रतिष्ठित करने का उत्साह दिखाई देता है, उसे हम सृष्टि का संचालन करने वाली जगन्माता के प्रति अपनी भक्ति का स्वरूप ओर माता के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शन के साथ अभिवांछित विषयों […] Read more » Mother does not listen to the call due to mistake in worship of Shakti! शक्ति की आराधना में चूक
लेख बिट्रिश सरकार भारत के तीन टुकड़े कर आजादी देना चाहती थी September 17, 2021 / September 17, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव भारत में स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई निर्णायक दौर से गुजर रही थी और समूचे देश में राष्ट्रीय स्तर पर आन्दोलन जोर पकड़ता जा रहा था और जनता की सहानुभूति और सहयोग मिलने पर अंग्रेजों के अपने हाथों से सत्ता जाती दिखी तब सुदूर पूर्व में बिट्रेन में ब्रिट्रिश साम्राज्य की प्रतिरक्षात्मक व्यवस्था […] Read more » The British government wanted to give independence by dividing India into three pieces. बिट्रिश सरकार
राजनीति नर्मदा जल को अमृतजल योजना के नाम पर बेचने आई कंपनिया July 23, 2021 / July 23, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीवमध्यप्रदेश सरकार मानती है कि नर्मदा का जल अमृत है। धरती की कोख से शीतलजल देने वाले कुयें,बाबडिया,टयूबबेल सभी एक राजनैतिक षड़यंत्र के तहत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये। अब धरती के सारे जलस्त्रोतों को बंद कर प्रदेश में नर्मदा सहित सभी पवित्र नदियों के जल को घर-घर पहुॅचाने ंके लिये करोड़ों रूपये […] Read more » Companies came to sell Narmada water in the name of Amritjal Yojana अमृतजल योजना नर्मदा जल
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख जय जगदीश हरे आरति के रचयिता पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी July 16, 2021 / July 16, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव भारतवर्ष ही नहीं अपितु देश-दुनिया में कई देशों के सनातन धर्मावलम्बियों, वैष्णवों, साधु-संतों व ईश्वर के प्रति उत्कट प्रेम करने वाले भक्तों के हृदयों को पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन 1870 में 32 वर्ष की आयु में रचित आरति ’’ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे, भक्तजनों के संकट क्षण में […] Read more » पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी
लेख भगवान बलभद्र, सुभद्रा ओर जगन्नाथ दारूब्रम्ह का प्राकट्य-रहस्य July 12, 2021 / July 12, 2021 | Leave a Comment (आत्माराम यादव पीव) Read more » 12 जुलाई रथयात्रा Appearance-mystery of Lord Balabhadra Subhadra and Jagannath Darubram बलभद्र सुभद्रा ओर जगन्नाथ
लेख 300 सालों से लोकगीतों में जीवित है कृष्ण भक्त चदसखी June 13, 2021 / June 13, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव हिन्दी साहित्यकारों में जितनी प्रसिद्धि कबीर, तुलसी, मीरा,रसखान आदि को प्राप्त है वहीं लोक-गीतकारों में उतनी ही प्रसिद्धि ’’चदसखी’’ को प्राप्त है, या यह कहे कि लोक-प्रियता में ’चदसखी’ का नाम मीरा से भी ज्यादा है परन्तु यह अज्ञेय ही कहा जायेगा कि ’चदसखी’ महिला कवियित्री थी अथवा कोई, पुरूष कवि थे। उत्तरप्रदेश के विद्धान लेखक प्रभुदयाल जी मीतल उन्हें पुरूष कवि […] Read more » कृष्ण भक्त चदसखी
धर्म-अध्यात्म निमाड़ की माटी के संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज May 25, 2021 / May 25, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव माता मानो हमारी तम एक बात, खजूरी अपण छोडी देवा।माता घट को धोबी हमको मूठ मार,माता यह दुख सयो नी जाय।बेटा अनधन लक्ष्मी का काई लई जावां, बेटा कां जाई न देवां रयवास।।माता हरसूद जिला गॉव भैसावा, माता पिपल्या म देवां रहवास।कहे जन सिंगा सुणो भाई साधो, असो राखों ते शरण लगाय।।बालक […] Read more » संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज
टेलिविज़न मीडिया व्यंग्य तबियत से उछलते समाचार May 19, 2021 / May 19, 2021 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीवपहले प्रिन्ट मीड़िया होती थी जिसकी खबर दूसरे दिन अखबार में पढ़ने को मिलती थी, अब इलेक्टानिक मीड़िया हो गयी, घटना घटी, स्पाट पर पहुॅचे, कैमरे लगाये और शुरू हो गये, बक-बक करने। घटना के पल झपकते ही टी.व्ही.पर, मोबाईल से व्हाटसअप-फेसबुक पर एक समाचार अनेक एंगल से प्रस्तुत होता है, ताकि पेश […] Read more » तबियत से उछलते समाचार
लेख नर्मदा के प्रबलवेग को अपने कमण्डल में भरने वाले योगी-देवदूत आदिशंकराचार्य May 17, 2021 / May 17, 2021 | Leave a Comment शंकराचार्य जयंती पर विशेष- आत्माराम यादव पीव आदिशंकराचार्य जी के विषय में कुछ भी लिखना मुझ जैसे व्यक्ति के लिये वही बात होगी जैसे कोई सूरज को दीपक दिखाये किन्तु सागर को अंजुली में भरने का यह अपराध में कर रहा हॅू ताकि आप तक उनका सूक्ष्मतम शब्दों में परिचय करा सकॅू। भारत वर्ष […] Read more » देवदूत आदिशंकराचार्य शंकराचार्य जयंती पर विशेष