कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म नई ऊर्जा चुनौतियां एवं उम्मीदें लेकर आया है नव संवत्सर 2083 March 19, 2026 / March 19, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment भले ही आज दुनिया ईस्वी सन के हिसाब से चल रही है और हम 2026 में रह रहे हैं लेकिन आज भी दुनिया भर में हिंदू नव वर्ष संवत्सर की महत्ता अलग ही है। Read more » नव संवत्सर 2083
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वैदिक सृष्टि संवत अर्थात हिंदू नव वर्ष की वैज्ञानिकता March 19, 2026 / March 19, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हिंदू नव वर्ष की वैज्ञानिकता Read more » हिंदू नव वर्ष की वैज्ञानिकता
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म हिंदू नव वर्ष : नवचेतना का उत्सव March 18, 2026 / March 18, 2026 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment भारतीय संस्कृति में समय को केवल कालगणना के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि यह व्यक्ति, प्रकृति और ब्रह्मांड के बीच विद्यमान गहरे संबंधों की दार्शनिक अभिव्यक्ति है। Read more » हिंदू नव वर्ष
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म नवरात्रि: आंतरिक ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्थान का पर्व March 18, 2026 / March 18, 2026 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment नवरात्रि महापर्व का भारतीय समाज में विशेष महत्व है, जो आदि शक्ति दुर्गा की पूजा का पावन पर्व है। नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के विभिन्न नौ स्वरूपों की उपासना के लिए निर्धारित Read more » नवरात्रि
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म 19 मार्च से होगा हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ March 17, 2026 / March 17, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भारतीय काल गणना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहा है। इस विशेष दिन से न केवल नव संवत्सर का उदय हो रहा है, Read more » Hindu New Year Vikram Samvat 2083 will begin on March 19.
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म नव संवत् के स्वागत में हर्षित धरा-गगन March 17, 2026 / March 17, 2026 by प्रमोद दीक्षित मलय | Leave a Comment चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा अर्थात् वर्ष प्रतिपदा, यह तिथि हिन्दू काल गणनानुसार नव वर्ष के प्रारम्भ का शुभ दिन है। इस वर्ष 19 मार्च को ‘रौद्र’ नामक विक्रम सम्वत् 2083 का प्रथम दिवस है। Read more » चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा अर्थात् वर्ष प्रतिपदा यह तिथि हिन्दू काल गणनानुसार नव वर्ष के प्रारम्भ का शुभ दिन है। इस वर्ष 19 मार्च को ‘रौद्र’ नामक विक्रम सम्वत् 2083 का प्रथम दिवस है।
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म प्रयागराज में गंगा-यमुना संगम दृश्यमान, त्रिवेणी ‘सरस्वती’नदी अदृश्य क्यों ? March 16, 2026 / March 16, 2026 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment भारत की सभी पुण्यदायिनी नदियों में पुण्य सलिला गंगा एवं यमुना के समान सरस्वती की पवित्रता एवं महता की कल्पना देश के प्रत्येक सनातनी के ह्रदय में चिरस्थायी Read more » Ganga-Yamuna confluence is visible in Prayagraj why is Triveni 'Saraswati' river invisible
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा, नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश March 16, 2026 / March 16, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment इस साल यानी कि वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष अर्थात विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से होगी। Read more » चैत्र शुक्ल प्रतिपदा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा
कला-संस्कृति मनोरंजन पारंपरिक मेलों पर संकट: सुरक्षा और आजीविका के बीच संतुलन की तलाश March 10, 2026 / March 10, 2026 by जगराम गुर्जर | Leave a Comment जगराम गुर्जर भारत के पारंपरिक मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं. वे हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का जीवंत हिस्सा हैं। गांव-गांव, शहर-शहर लगने वाले ये मेले सदियों से लोगों के मेल-मिलाप, लोक संस्कृति और आजीविका का आधार रहे हैं। यहां झूले लगाने वाले, खिलौने बेचने वाले, बर्तन, चूड़ी, हस्तशिल्प बेचने वाले दुकानदार, […] Read more » पारंपरिक मेलों पर संकट
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विश्वप्रसिद्ध-मथुरा और वृंदावन की होली March 1, 2026 / March 1, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विश्वप्रसिद्ध-मथुरा और वृंदावन की होली Read more » World Famous Holi of Mathura and Vrindavan
कला-संस्कृति लेख कटुता भुलाकर गले मिलें March 1, 2026 / March 1, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment फाल्गुन की उजली पूर्णिमा, जब नभ में मुस्काती है, होलिका की पावन ज्वाला बुराई को जलाती है। सत्य की राह दिखाकर हमको, नव विश्वास जगाती है, अंधियारे मन के कोनों में भी उजियारा भर जाती है। सुबह धुलेंडी रंग लिए जब आँगन में आ जाती है, अबीर-गुलाल की खुशबू से हर गली महक जाती है। […] Read more » कटुता भुलाकर गले मिलें
कला-संस्कृति लेख झारखंड में होली की वैविध्यपूर्ण परंपराएं March 1, 2026 / March 1, 2026 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment झारखंड में होली की अत्यंत प्राचीन, वृहत व वैविध्यपूर्ण परंपराएं हैं। यहां इसे मुख्य रूप से फगुआ के नाम से जाना जाता है, जिसमें आदिवासी और गैर आदिवासी सदान संस्कृति Read more » झारखंड में होली होली की वैविध्यपूर्ण परंपराएं