कला-संस्कृति लेख आंसू बहा रही कुमारी टुसू ; भादू भी अलविदा कह चुकी January 15, 2021 / January 15, 2021 by उत्तम मुखर्जी | Leave a Comment 14 जनवरी पर विशेषउत्तम मुखर्जीजो माटी अपनी भाषा-संस्कृति से मुंह मोड़ लेती है वह तरक्क़ी की राह पर कुछ कदम चलकर ही लड़खड़ाना शुरू कर देती है । यही हाल झारखण्ड का है । बीस साल बाद भी यहां की भाषा-संस्कृति रहनुमाओं का बाट जोह रही हैं । अलग राज्य का मतलब सिर्फ खनिज संपदा […] Read more » 14 को टुसू विसर्जन आखाइन आखाइन जात्रा टुसू टुसू उत्सव पंजाब की लोहड़ी पीठा पीठा परब बाउंड़ी
कला-संस्कृति लेख मन की भावना और परिस्थितियों की अभिव्यक्ति है “सुवा नृत्य” December 7, 2020 / December 7, 2020 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य की स्त्रियों का एक प्रमुख है, जो कि समूह में किया जाता है। स्त्री मन की भावना, उनके सुख-दुख की अभिव्यक्ति और उनके अंगों का लावण्य ‘सुवा नृत्य’ या ‘सुवना’ में देखने को मिलता है। ‘सुआ नृत्य’ का आरंभ दीपावली के दिन से ही हो जाता है। इसके बाद […] Read more » expression of the spirit and circumstances of the mind Suva dance सुवा नृत्य
कला-संस्कृति लेख पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जातिगत विभेदों से ऊपर है ‘छठ’ महापर्व November 19, 2020 / November 19, 2020 by मुरली मनोहर श्रीवास्तव | Leave a Comment मुरली मनोहर श्रीवास्तव कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकति जाय… बहंगी लचकति जाय…बात जे पुछेलें बटोहिया बहंगी केकरा के जाय ? बहंगी केकरा के जाय ?….. पर्यावरण संरक्षण की बात चल पड़ी है। प्रकृति के विभिन्न तत्वों के महत्ता को फिर से लोग समझने लगे हैं। हमारी सनातन परंपरा में प्रकृति पूजा का प्रचलन […] Read more » छठ छठ महापर्व जातिगत विभेदों से ऊपर है छठ महापर्व
कला-संस्कृति लेख पुरखौती गीतों में मीणी मातृभाषा, संस्कृति और इतिहास November 7, 2020 / November 7, 2020 by डॉ. हीरा मीणा | Leave a Comment डॉ. हीरा मीणा भाषा सबसे बड़ी विरासत है, जो हजारों सालों से मानव के साथ-साथ जीवित है। भाषा प्रमुख रूप से चार प्रकार की होती हैं, आंगिक भाषा, चित्रलिपि भाषा, मौखिक भाषा और लिखित भाषा। संसार की भाषाओं का विकासक्रम हज़ारों सालों से आंगिक, चित्रलिपि, मौखिक और लिखित रूप में मानव के साथ-साथ जीवित है। […] Read more » culture and history in Purakauti songs Meeni mother tongue पुरखौती गीतों में मीणी मातृभाषा
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता हैं विघ्नहर्ता गणेश August 21, 2020 / August 21, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment गणेश चतुर्थी (22 अगस्त) पर विशेष – योगेश कुमार गोयल हर वर्ष की भांति मंगलमूर्ति गणेश एक बार फिर गणेशोत्सव अर्थात् गणेश चतुर्थी के अवसर पर घर-घर पधार रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश का जन्म हुआ था। इसी चतुर्थी से आरंभ होकर गणेशोत्सव पूरे […] Read more » गणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता गणेश समृद्धि और सौभाग्य के देवता
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार गणेश चतुर्थी व्रत करने पर कृष्ण हुये स्वयमंतक मणि चोरी के कलंक से मुक्त August 21, 2020 / August 21, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव एक समय भादों कृष्ण की चतुर्थी के दिन महादेव जी कहीं गये हुये थे तब पार्वती जी घर पर अकेली थी और उनके स्नान का समय हो रहा था। स्नान के दरम्यान कोई स्नानागार में प्रवेश न करें इस लिये उन्होंने सुरक्षा के लिये किसी गण के न होने पर अपने शरीर […] Read more » Ganesh Chaturthi कृष्ण हुये स्वयमंतक मणि चोरी के कलंक से मुक्त गणेश चतुर्थी गणेश चतुर्थी व्रत
कला-संस्कृति लेख शुभता एवं श्रेष्ठता के सृजक हैं गणेशजी August 18, 2020 / August 18, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणेश चतुर्थी – 22 अगस्त, 2020 पर विशेष-ललित गर्ग-गणेश चतुर्थी यानी सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्मोत्सव। दरअसल गणेश सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि, वैभव, आनन्द, ज्ञान एवं शुभता के अधिष्ठाता देव हैं। संसार में अनुकूल के साथ प्रतिकूल, शुभ के साथ अशुभ, ज्ञान के साथ अज्ञान, सुख के साथ दुःख घटित होता ही है। प्रतिकूल, अशुभ, अज्ञान […] Read more » Ganesha is the creator of auspiciousness and superiority गणेश चतुर्थी गणेशजी श्रेष्ठता के सृजक हैं गणेशजी
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार राजनीति के आदर्श-प्रतिमान : श्रीकृष्ण August 10, 2020 / August 10, 2020 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment ‘महाभारत’ के ‘सभापर्व’ में राजनीतिक व्यक्ति (राजा) में छः गुण ( व्याख्यान शक्ति, प्रगल्भता, तर्ककुशलता, नीतिगत निपुणता, अतीत की स्मृति और भविष्य के प्रति दृष्टि अर्थात दूरदर्शिता) आवश्यक माने गए हैं। जो राजा इन छः गुणों से युक्त होता है, उसकी राजनीति ही सुफलवती बनती है। महाभारतकालीन राजनीति में राजनीति की उपर्युक्त समस्त अर्हताएं श्रीकृष्ण […] Read more » Model of politics Shri Krishna राजनीति के आदर्श-प्रतिमान श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार कृष्ण का जीवन दर्शन व अलौकिक लीलाएं August 10, 2020 / August 10, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment जन्माष्टमी (11-12 अगस्त) पर विशेष – योगेश कुमार गोयल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में जन्माष्टमी का त्यौहार प्रतिवर्ष भाद्रपक्ष कृष्णाष्टमी को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया था। जन्माष्टमी का भारतीय संस्कृति में इतना महत्व क्यों है, […] Read more » कृष्ण का जीवन दर्शन जन्माष्टमी जन्माष्टमी 11-12 अगस्त)
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार राखी के धागों में नारी रक्षा के बीज August 1, 2020 / August 1, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment रक्षाबंधन-3 अगस्त, 2020 पर विशेष-ललित गर्ग – रक्षाबन्धन हिन्दूधर्म का प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक पर्व है। यह आपसी संबंधों की एकबद्धता, प्रेम एवं एकसूत्रता का सांस्कृतिक उपक्रम है। प्यार के धागों का यह एक ऐसा पर्व जो घर-घर मानवीय रिश्तों में नवीन ऊर्जा का संचार करता है। यह जीवन की प्रगति और मैत्री की […] Read more » राखी के धागों में नारी रक्षा
कला-संस्कृति लेख शिव, शक्ति और प्रकृति को निहारने का मौसम है सावन July 26, 2020 / July 26, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment हम ज़िन्दगी को जिस नजरिये से देखते है जिंदगी हमें वैसी ही नजर आने लगती है। ये हमारी आस्था और मन का विश्वास ही तय करता है कि हमें ज़िन्दगी को किस चश्मे से देखना है। जीवन में आशा-निराशा, सुख-दुःख और जीवन-मरण की प्रक्रिया अपनी गति से चलती रहती है। ये सत्य है कि […] Read more » Sawan is the season to see Shiva Shakti and nature शक्ति और प्रकृति शिव
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार हरियाली तीज पर्व का महत्व और इसको मनाने की प्रासंगिकता July 23, 2020 / July 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य अनेक शताब्दियों से भारत मे महिलाओं द्वारा हरियाली तीज का पर्व को मनाने की परम्परा है। प्रत्येक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है। इसे हरि तृतीया भी करते हैं। हरि का अर्थ हरियाली से है और तृतीया श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया […] Read more » Importance of Hariyali Teej festival हरियाली तीज पर्व हरियाली तीज पर्व का महत्व