कला-संस्कृति समाज संतकवि नरसी मेहता : ईश्वर से सम्पर्क के सूत्रधार December 18, 2016 / December 18, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment नरसी मेहता की जन्म जयन्ती- 19 दिसम्बर, 2016 के लिये विशेष ललित गर्ग ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन में एक बात अच्छी प्रकार से कह दी है। ‘पर दुःखे उपकार करे’ कह कर भजन में रुक गए होते, तो वैष्णव जनों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। ‘पर दुःखे उपकार करे तोए मन अभिमान […] Read more » Featured sant kavi narsi mehta संतकवि नरसी मेहता
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक ‘खाटू श्याम’ का शीशदान कथा December 17, 2016 / December 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बर्बरीक एक यक्ष और महाभारत का महान योद्धा था, उनका पुनर्जन्म एक इंसान के रूप में हुआ था। वह गदाधारी भीमसेन का पोता, नाग कन्या अहिलावती और घटोत्कच का पुत्र था । बाल्यकाल से ही वह बहुत वीर और महान योद्धा था । उन्होंने युद्ध-कला अपनी माँ से सीखी। उनकी माँ ने यही सिखाया था कि हमेशा हारने वाले की तरफ से लड़ना और वह इसी सिद्धांत पर लड़ता भी रहा। Read more » खाटू श्याम बर्बरीक महान योद्धा बर्बरीक ‘खाटू श्याम’
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म ऐसे करें भगवान् शिव जी की आराधना —- December 16, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on ऐसे करें भगवान् शिव जी की आराधना —- ऐसे करें भगवान् शिव जी की आराधना —- ।। || ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं,वन्दे जगत्कारणम् lवन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं,वन्दे पशूनां पतिम् लाल वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं,वन्दे मुकुन्दप्रियम् lवन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं,वन्दे शिवंशंकरम।।। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कुछ छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है, ये उपाय […] Read more » भगवान् शिव जी की आराधना
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विविधा शख्सियत वसिष्ठ के ब्रहम ज्ञान व बसावट से सम्बन्धित गाथा December 11, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी हर्षि वसिष्ठ का निवास स्थान से सम्बन्धित होने के कारण बस्ती और श्रावस्ती का नामकरण उनके नाम के शब्दों को समेटते हुए पड़ा है। दोनो स्थान आज दो रूप में देखे जा सकते हैं , परन्तु प्राचीन काल में ये एक ही इकाई रहे हैं।इसी क्रम में आज वशिष्ठ के विकास यात्रा के कुछ अनछुये पहलुओं एवं कुछ प्रमुख स्थलों की कहानी का Read more » Featured महर्षि वसिष्ठ
कला-संस्कृति विविधा राष्ट्र्रगान का सम्मान December 9, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्र्रगान अनिवार्य कर दिया है। इस दौरान सिनेमा के पर्दे पर राष्ट्र्रध्वज की लहराती उपस्थिति भी जरूरी है। अर्थात न्यायालय के इस एक आदेशों में राष्ट्र्रगान और राष्ट्रीय झंडे का सम्मान और गरिमा अंतर्निहित हैं। Read more » Featured राष्ट्र्रगान का सम्मान
कला-संस्कृति मकर संक्रान्ति पर्व के महत्व को जानकर श्रद्धापूर्वक मनायें December 6, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मकर संक्रान्ति का पर्व प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को देश भर में मनाया जाता है। आजकल लोग पर्व तो मनाते हैं परन्तु बहुत से बन्धुओं को पर्व का महत्व व उससे जुड़ी हुई घटनाओं का ज्ञान नहीं होता। Read more » मकर संक्रान्ति मकर संक्रान्ति पर्व के महत्व
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म नदियों में स्नान का धार्मिक औचीत्य और महर्षि दयानन्द December 6, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment आज एक आर्य मित्र से प्रातः गंगा स्नान की चर्चा चली तो हमने इस पर उनके साथ विचार किया और हमारे मन में जो जो विचार आये उसे अपने मित्रों से साझा करने का विचार भी आया। हमारी धर्म व संस्कृति संसार के सभी मतों व पन्थों में सबसे प्राचीन व वैज्ञानिक है। प्राचीन काल में परमात्मा ने मनुष्यों को कर्तव्यों व अकर्तव्यों का ज्ञान कराने के लिए चार आदि ऋषियों को चार वेदों का ज्ञान दिया था। Read more » नदियों में स्नान का धार्मिक औचीत्य
कला-संस्कृति लेख साहित्य द्रोपदी के पांच नही, एक मात्र पति युधिष्ठिर November 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on द्रोपदी के पांच नही, एक मात्र पति युधिष्ठिर डा. राधेश्याम द्विवेदी महाभारत ग्रंथ की मूल कथा में अनेक परिवर्तन हुए हैं. इन परिवर्तनों से आर्य-संस्कृति का रूप काफी दयनीय स्थिति को प्राप्त हुआ है. द्रौपदी के पांच पति वाली कथा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. महाभारत के आदि-पर्व में द्रौपदी के पांच पतियों का उल्लेख पाया जाता है. महाभारत की द्रौपदी तथा परवर्ती किसी […] Read more » द्रोपदी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म परम पिता परमेश्वर की मुख्य शक्तियाँ November 25, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी हम बचपन से भगवान और देव-देवियों की प्रार्थना करते आ रहे हैं, उनकी भक्ति करते आ रहे हैं और इसी तरह अलग-अलग तरीके से भगवान एवं धर्म से जुड़े हुए हैं। जब हम इस विशाल ब्रह्मांड को देखते हैं तब एक अद्भुत शक्ति का अनुभव करते हैं जो सभी को संतुलित रखती […] Read more » परम पिता परमेश्वर परमेश्वर श्रीकृष्ण श्रीविष्णु
कला-संस्कृति विविधा जानिए असली रुद्राक्ष या नकली रुद्राक्ष में अंतर/पहचान को- November 25, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 10 Comments on जानिए असली रुद्राक्ष या नकली रुद्राक्ष में अंतर/पहचान को- रुद्राक्ष एक अमूल्य मोती है जिसे धारण करके या जिसका उपयोग करके व्यक्ति अमोघ फलों को प्राप्त करता है. भगवान शिव का स्वरूप रुद्राक्ष जीवन को सार्थक कर देता है इसे अपनाकर सभी कल्याणमय जीवन को प्राप्त करते हैं.रुद्राक्ष की अनेक प्रजातियां तथा विभिन्न प्रकार उपल्बध हैं, परंतु रुद्राक्ष की सही पहचान कर पाना एक […] Read more » असली रुद्राक्ष नकली रुद्राक्ष
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख साहित्य स्वास्तिक शास्वत और विश्वव्यापी सनातन प्रतीक November 14, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है। स्वस्तिक शब्द सु+अस+क से बना है। 'सु' का अर्थ अच्छा, 'अस' का अर्थ 'सत्ता' या 'अस्तित्व' और 'क' का अर्थ 'कर्त्ता' या करने वाले से है। इस प्रकार 'स्वस्तिक' शब्द का अर्थ हुआ 'अच्छा' या 'मंगल' करने वाला। 'अमरकोश' में भी 'स्वस्तिक' का अर्थ आशीर्वाद, मंगल या पुण्यकार्य करना लिखा है। अमरकोश के शब्द हैं - 'स्वस्तिक, सर्वतोऋद्ध' अर्थात् 'सभी दिशाओं में सबका कल्याण हो।' Read more » Featured अन्य देशों के लिए स्वास्तिक के चिन्ह का महत्व भारतीय संस्कृति में स्वस्तिक का पौराणिक महत्त्व विश्वव्यापी सनातन प्रतीक स्वस्तिक चिह्न :- स्वास्तिक के चिन्ह का महत्व स्वास्तिक शास्वत
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म आपके लिए सोना धारण करना/पहनना कितना लाभकारी या नुकसानकारी होगा November 9, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 2 Comments on आपके लिए सोना धारण करना/पहनना कितना लाभकारी या नुकसानकारी होगा आइये आज सबसे पहले हम जानते है की सोना पहनना कितना शुभ है । वे जातक जिन्हें विवाह के अनेक वर्षों पश्चात् भी यदि संतान नहीं हो रही है तो उसे अनामिका ऊंगली में सोने की अंगूठी पहनने से लाभ होता है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए तर्जनी यानि इंडैक्स फिंगर में सोने की अंगूठी पहनने […] Read more » सोना सोना धारण करना कितना नुकसानकारी सोना धारण करना कितना लाभकारी