धर्म-अध्यात्म “धार्मिक व सामाजिक अंधविश्वास व पाखण्डों का कारण अविद्या है” July 26, 2018 / July 26, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, हमारे देश में अनेक प्रकार के धार्मिक व सामाजिक अन्धविश्वास एवं पाखण्ड प्रचलित हैं। इन अन्धविश्वास एवं पाखण्डों का कारण देश में प्रचलित सभी मत-मतान्तरों की अविद्या है। इस अविद्या के कारण अनेक प्रकार की कुरीतियां भी प्रचलित हैं और सामाजिक विद्वेष उत्पन्न होने सहित किन्हीं दो समुदायों में हिंसा भी होती […] Read more » ‘‘ईश्वर सच्चिदानन्द स्वरुप “धार्मिक व सामाजिक अंधविश्वास Featured अजन्मा अजर अनादि अनुपम अभय अमर ईसाई व मुसलमानों जैन दयालु नित्य निराकार निर्विकार न्यायकारी पवित्र पाखण्डों का कारण अविद्या है बौद्ध सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वाधार सर्वान्तर्यामी सर्वेश्वर
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर ही सृष्टिकर्ता है, क्यों व कैसे?” July 25, 2018 / July 25, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम पृथिवी पर रहते हैं जिसका एक चन्द्रमा है और सुदूर एक सूर्य है जिससे हमें प्रकाश व गर्मी मिलती है। विज्ञान से सिद्ध हो चुका है कि सूर्य अपनी धूरी पर गति करता है और अन्य सभी ग्रह व उपग्रहों को भी गति देता है। पृथिवी अपनी धूरी पर घूमती […] Read more » ‘ईश्वर सच्चिदानन्द स्वरुप “ईश्वर ही सृष्टिकर्ता है Featured अजन्मा अजर अनादि अनुपम अभय अमर ऋषि दयानन्द क्यों व कैसे?” चन्द्र दयालु नित्य निराकार निर्विकार न्यायकारी पवित्र पृथिवी प्रकृति सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वाधार सर्वान्तर्यामी सर्वेश्वर सूर्य
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर हमें अन्धकार से हटाकर ज्ञानरूपी प्रकाश को प्राप्त कराये” July 24, 2018 / July 24, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, जीवात्मा और परमात्मा का व्याप्य-व्यापक सम्बन्ध है। जीवात्मा में ईश्वर व्यापक है और जीवात्मा ईश्वर में व्याप्य है। सर्वव्यापक ईश्वर जीवात्मा से सूक्ष्म है और इसके भीतर भी व्यापक है। मनुष्य जीवन मिलने पर जीवात्मा अन्तःकरण चतुष्टय और ज्ञान व कर्मेन्द्रियों की सहायता से सत्य व असत्य, ज्ञान व अज्ञान, हित व […] Read more » “ईश्वर हमें अन्धकार से हटाकर ज्ञानरूपी प्रकाश को प्राप्त कराये” Featured अर्थ अहंकार ईश्वर ऋषि दयानन्द काम व मोक्ष क्रोध धर्म महर्षि दयानन्द मोह लोभ
धर्म-अध्यात्म “वैदिक एवं आंग्ल शिक्षा का केंद्र तपोवन विद्या निकेतन” July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक साधन आश्रम तपावेन, देहरादून की अनेक कार्यों में से एक महत्वपूर्ण कार्य एक आर्य शिक्षण संस्था ‘तपोवन विद्या निकेतन’ का संचालन है। यह संस्था 35 वर्ष पूर्व सन् 1983 में स्थापित की गई थी जिसके पहले प्रबन्ध श्री देवेन्द्र रहनुवाल थे। अब श्री रहनुवाल दिवंगत हो गये हैं। हमारा सौभाग्य है […] Read more » ‘तपोवन विद्या निकेतन’ “वैदिक एवं आंग्ल शिक्षा का केंद्र तपोवन विद्या निकेतन” Featured आर्यसमाज के इतिहास उमेश चन्द्र कुलश्रेष्ठ ऋषिभक्तों नियम बालक तथा अध्यापिकाओं बालिकाओं यशस्वी श्री दर्शन कुमार अग्निहोत्री श्रीमती मीना राणा आश्रम सिद्धान्तों व ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म “हम ईश्वर के गुणों का साक्षात्कार कर उससे लाभ उठा सकते हैं” July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम अपने परिवार, मित्र मण्डली तथा पड़ोसी आदि अनेक लोगों को जानते हैं। हम से कोई पूछे कि क्या अमुक व्यक्ति को आप जानते हैं तो हमारा उत्तर होता है कि हां, हम उसे जानते हैं। हमारा यह उत्तर पूर्ण सत्य नहीं होता। हम न तो किसी मनुष्य के सभी गुणों को […] Read more » “हम ईश्वर के गुणों का साक्षात्कार कर उससे लाभ उठा सकते हैं” Featured आर्याभिविनय ईश्वर उपनिषद ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका गोकरुणानिधि चेतन ज्ञानवान् दर्शन व वेद निराकार व इंद्रियों से अगोचर पंचमहायज्ञविधि व्यापक सत्यार्थप्रकाश संस्कारविधि
धर्म-अध्यात्म “गुरुकुल पौंधा जाकर वहां आचार्यादि मित्रों से शिष्टाचार भेंट” July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल पौंधा-देहरादून हमारे निवास से 15 किमी. की दूरी पर है। जब भी मन होता है हम महीने में एक या दो बार वहां जाकर गुरुकुल देखने सहित सभी आचार्यगणों से मिल आते हैं। आज भी हम वहां गये। गुरुकुल में हमें आचार्य चन्द्रभूषण शास्त्री, श्री शिवदेव आर्य तथा आचार्य श्री […] Read more » “गुरुकुल पौंधा जाकर वहां आचार्यादि मित्रों से शिष्टाचार भेंट” Featured आचार्य चन्द्रभूषण शास्त्री आचार्य श्री शिवकुमार ऋषि दयानन्द ऋषिभक्तों गुरुकुल हरिद्वार श्री शिवदेव आर्य
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्मी सभी बुराईयों से मुक्त अनुशासित,बलवान, क्षमतावान व देशभक्त होते हैं’ July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक धर्मी का अर्थ होता है कि ईश्वरीय ज्ञान वेद को जानने वाला व उसकी शिक्षाओं को मन, वचन व कर्म से अपने जीवन में धारण व पालन करने वाला। वेद सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा द्वारा मनुष्यों को अपने कर्तव्य व अकर्तव्यों की पूर्ति का ज्ञान कराने के लिए प्रदान […] Read more » Featured अभक्ष्य पदार्थों का सर्वथा त्याग क्षमतावान व देशभक्त होते हैं’ गोघृत गोदुग्ध दधि पौष्टिक भोजन फल बलवान यज्ञ वैदिक धर्मी सभी बुराईयों से मुक्त अनुशासित शुद्ध अन्न सोच
धर्म-अध्यात्म “वैदिक साधन आश्रम तपोवन-देहरादून और इसकी मासिक पत्रिका पवमान का अगस्त 2018 अंक प्रकाशित” July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक साधन आश्रम, तपोवन-देहरादून आर्यसमाज के सुप्रसिद्ध विद्वान एवं साधक महात्मा आनन्द स्वामी जी की प्रेरणा से अमृतसर के बावा गुरमुख सिंह जी द्वारा स्थापित ईश्वरोपासना, यज्ञ, स्वाध्याय आदि करने हेतु साधना का एक आदर्श केन्द्र है। आश्रम का 300 बीघा भूमि का अपना भूभाग है। सन् 1949 में इस आश्रम की […] Read more » ‘प्रफुल्ल चन्द्र चाकी’ Featured आचार्य आशीष दर्शनाचार्य पं. श्यामजी कृष्ण वर्मा बावा गुरमुख सिंह महर्षि दयानन्द सरस्वती स्वामी दयानन्द और स्वामी श्रद्धानन्द हनुमान का बचपन’
धर्म-अध्यात्म “परोपकारी पत्रिका के नये अंक में अनेक नये तथ्यों की जानकारी” July 23, 2018 / July 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, परोपकारिणी सभा, अजमेर ऋषि दयानन्द की उत्तराधिकारिणी सभा है जिसकी स्थापना स्वामी दयानन्द जी ने अपनी मृत्यु से कुछ समय पूर्व की थी। परोपकारिणी सभा से ‘परोपकारी’ नामक एक पाक्षिक पत्रिका प्रकाशित होती है। इसमें नियमित रूप से ‘कुछ तड़प–कुछ झड़प’ शीर्षक से एक लेख श्रृंखला प्रकाशित होती है जिसके लेखक आर्यजगत […] Read more » Featured चरित्रवान् डा. सत्यप्रकाश जी धर्मात्मा पं. गंगा प्रसाद उपाध्याय जी प्रा. राजेन्द्र जिज्ञासु महर्षि दयानन्द जी लेखक श्री सीताराम गुप्त समाजसेवी
धर्म-अध्यात्म हिन्दुओं के चार धामों में से एक जगन्नाथ पुरी मंदिर July 19, 2018 / July 19, 2018 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” भारत के उड़ीसा राज्य के समुद्र तटवर्ती शहर पुरी में भगवान जगन्नाथ अर्थात श्रीकृष्ण को समर्पित श्री जगन्नाथ मंदिर को हिन्दुओं के चार धामों में से एक माना जाता है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत अर्थात ब्रह्माण्ड के स्वामी होता है। इस जगत के स्वामी की नगरी ही जगन्नाथपुरी अथवा पुरी कहलाती है। […] Read more » Featured उडीसा कृष्ण बलराम जगन्नाथ मंदिर नारदजी मथुरा माता रोहिणी मामा कंस श्रीकृष्ण सुभद्रा
धर्म-अध्यात्म समाज आर्यसमाज के सभी अनुयायियों को एक मन व हृदय वाला होकर पूरी निष्ठा से नियमों का पालन करना चाहिये July 18, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज संसार के सभी मनुष्यों को उनके कर्तव्यों का बोध कराने के साथ जीवनयापन में आवश्यक सभी विषयों का सत्य व यथार्थ ज्ञान कराने वाली आन्दोलनात्मक संस्था है जिसका आधार ईश्वरीय ज्ञान वेद है। वेद सृष्टि की आदि में उत्पन्न हुए थे। महर्षि दयानन्द ने वेदोत्पत्ति का पूरा प्रकरण अपने विख्यात ग्रन्थ […] Read more » आर्यसमाज
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द का वर्ण व्यवस्था पर महत्वपूर्ण उपदेश” July 17, 2018 / July 17, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द ने अपने विश्व प्रसिद्ध ‘सत्यार्थप्रकाश’ ग्रन्थ में वर्ण व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला है और वेदानुकूल ग्रन्थों के बुद्धि व तर्क संगत प्रमाण भी दिये हैं। हम यहां सत्यार्थप्रकाश के चतुर्थ समुल्लास से उनके कुछ विचारों को प्रस्तुत कर रहे हैं। वह लिखते हैं कि जो शूद्र कुल में […] Read more » Featured आचार्य ईश्वर ऋषि दयानन्द धर्म पिता पूर्व जन्म माता मुक्ति विद्या वेद सत्संग