शख्सियत सिनेमा बहुत याद आओगे काका December 30, 2014 / December 30, 2014 by हर्षवर्धन पान्डे | Leave a Comment 29 दिसंबर सुपर स्टार राजेश खन्ना जन्मतिथि पर विशेष हर्षवर्धन पाण्डे “ बाबू मोशाय हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं जिसकी डोर ऊपर वाले के हाथ में है | कौन कब कहाँ उठेगा कोई नहीं जानता ” यह संवाद बानगी भर है | सत्तर के दशक को याद करें | ऋषिकेश मुखर्जी ने पहली बार जिन्दगी और मौत […] Read more » birth anniversary of Rajesh Khanna राजेश खन्ना जन्मतिथि सुपर स्टार राजेश खन्ना
सिनेमा क्या ‘खान्स ‘ ही शेष बचे हैं जो हिन्दुओं को ये समझाये कि उनका धर्म कैसा है ? December 28, 2014 / December 28, 2014 by श्रीराम तिवारी | 8 Comments on क्या ‘खान्स ‘ ही शेष बचे हैं जो हिन्दुओं को ये समझाये कि उनका धर्म कैसा है ? इन दिनों कोई ‘पी के’ नाम की फिल्म आई है। मुझे अभी तक इस फिल्म को देखने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ है । वैसे भी में केवल ‘कला’ फिल्मे ही देखना पसंद करता हूँ। बीस -पच्चीस साल से किसी सिनेमाँ घर गया ही नहीं । किन्तु मनोरंजन चेलंस पर कभी -कभार कोई आधी -अधूरी फिल्म अवश्य देख लिया […] Read more »
सिनेमा PK का संदेश December 24, 2014 by अनुज अग्रवाल | 8 Comments on PK का संदेश लोग PK देख आये हैं | मल्टीप्लेक्स में 300 रुपये खर्च कर कह रहे हैं कि हाय रे आमिर ने महादेव का अपमान कर दिया | हिन्दू धर्म की ऐसे बुराई की वैसे बुराई की | हम एसी फिल्म का विरोध करते हैं | अरे भाई विरोध उसे कहते हैं जिसमे सामने वाले को भी […] Read more »
सिनेमा जेड प्लस’ जैसी अच्छी फिल्मों का बुरा दौर December 24, 2014 / December 24, 2014 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस बॉक्स ऑफिस पर ‘जेड प्लस’ का कारोबार ठंडा रहा है, डा. चंद्रप्रकाश द्वेदी की इस फिल्म को समीक्षकों द्वारा बहुत सराहना मिली लेकिन इस फिल्म ने अपने शुरुआती तीन दिनों में महज 40 लाख का कारोबार किया है जो की हैरान करने वाला है। हैरान तो इसी साल जून में रिलीज हुई साजिद […] Read more » जेड प्लस
सिनेमा अर्पिता-आयुष विवाह में निहित संदेश December 5, 2014 / December 5, 2014 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी पिछले दिनों देश के टीवी चैनल व समाचार पत्र व पत्रिकाएं फिल्म अभिनेता सलमान खान की बहन अर्पिता के विवाह संबंधी समाचारों से पटे पड़े थे। मीडिया द्वारा इस विवाह से संबंधित जिन पहलुओं पर खासतौर पर विस्तार से रोशनी डाली जा रही थी उनमें विवाह आयोजन पर होने वाले भारी-भरकम खर्च,विवाह संबंधी […] Read more » arpita aayush marriage अर्पिता-आयुष विवाह
सिनेमा मानवीयता और राष्ट्रीयता मूल्यों को भ्रमित करती भारद्वाज की ‘हैदर’ October 10, 2014 / October 10, 2014 by रोहित श्रीवास्तव | 2 Comments on मानवीयता और राष्ट्रीयता मूल्यों को भ्रमित करती भारद्वाज की ‘हैदर’ भारतीय फिल्म जगत एक ऐसा रंगमंच है जहां हर शुक्रवार एक नई फिल्म एक नई पठकथा और एक नई कहानी के साथ देश के कोने-कोने मे विभिन्न सिनेमाघरों मे उतरती है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर मे हर एक अभिनेता/अभिनेत्री, निर्देशक और निर्माता दर्शको की थाली मे कुछ ऐसा परोसने की कोशिश करते हैं जो लोगो […] Read more » हैदर
साक्षात्कार सिनेमा फिल्मकार मुजफ्फर अली से मनीष कुमार जैसल की बातचीत April 13, 2014 / April 13, 2014 by मनीष जैसल | Leave a Comment हिन्दी फिल्म जगत में मुजफ्फर अली एक लब्ध-प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं. एक संवेदनशील और सरोकारी फिल्म निर्देशक के रूप में उन्होने तीन दशक से ज्यादा का वक्त भारतीय सिनेमा को दिया है. साथ ही अपनी विशिष्ट पहचान भी अर्जित की है. सन १९४४ में लखनऊ के एक राजसी परिवार में जन्मे मुजफ्फर की तालीम और तरबियत […] Read more »
सिनेमा सलमान खान की क्यों नहीं हुई जय हो ? February 1, 2014 / February 1, 2014 by दीपक कुमार | Leave a Comment -दीपक कुमार- 24 जनवरी को जब फिल्म ’जय हो’ रिलीज हुई तो सबके मन में एक ही सवाल था कि यह फिल्म कितनी कमाई करेगी? सबकी नजरें इस बात पर थी कि यह फिल्म ’कृष’ ,’ चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘धूम 3’ को कमाई में पीछे छोड़ती है कि नहीं । मेरे जैसे तमाम लोग इस […] Read more » jai ho movie Salman Khan सलमान खान की क्यों नहीं हुई जय हो ?
सिनेमा एक थे मन्ना डे October 26, 2013 / October 26, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment कौन कहता है कि मन्ना डे अब नहीं रहे? उनकी सुरीली आवाज़ फ़िजाओं में अनन्त काल तक तैरती रहेगी। बेशक उन्हें उनके समकालीन गायक मुकेश, मो. रफ़ी और किशोर की तरह लोकप्रियता नहीं मिल पाई, लेकिन उनका क्लास और उनकी गायकी हर दृष्टि से अपने समकालीनों से बेहतर थी। मन्ना डे मुकेश, रफ़ी, किशोर या […] Read more » एक थे मन्ना डे
सिनेमा सिनेमाः विकृतियों का सुपर बाजार October 25, 2013 / October 25, 2013 by संजय द्विवेदी | 2 Comments on सिनेमाः विकृतियों का सुपर बाजार संजय द्विवेदी जब हर कोई बाजार का ‘माल’ बनने पर आमादा है तो हिंदी सिनेमा से नैतिक अपेक्षाएं पालना शायद ठीक नहीं है। अपने खुलेपन के खोखलेपन से जूझता हिंदी सिनेमा दरअसल विश्व बाजार के बहुत बड़े साम्राज्यवादी दबावों से जूझ रहा है। जाहिर है कि यह वक्त नैतिक आख्यानों, संस्कृति और परंपरा की दुहाई […] Read more »
सिनेमा आरक्षण विरोध के बाद प्रकाश झा की सत्याग्रह August 20, 2013 / August 20, 2013 by विकास कुमार गुप्ता | Leave a Comment प्रकाश झा निर्देशित बहुचर्चित मूवि सत्याग्रह 23 की जगह 30 अगस्त को रिलीज हो रही है। 27 फरवरी 1952 को बिहार के चंपारण में जन्में प्रकाश झा ने अबतक राजनीति, अपहरण, चक्रव्यूह, गंगाजल और आरक्षण जैसी कुछ फिल्मों का निर्माण किया है जिसने समाज में बदलाव की साक्षी रही। आपको याद होगा आरक्षण मूवि को […] Read more » आरक्षण विरोध के बाद प्रकाश झा की सत्याग्रह
सिनेमा हाँ तुम मुझे यूँ भूला ना पाओगे ……………. July 30, 2013 / July 30, 2013 by चन्द्र प्रकाश शर्मा | 2 Comments on हाँ तुम मुझे यूँ भूला ना पाओगे ……………. रफ़ी साहब की पुण्य तिथि : 31 जुलाई …। पूरी दुनिया के संगीत और सुरों के बेताज बादशाह, चीनी, मिश्री और शहद से भी मीठी, आकाश की उंचाई और सागर की गहराई को छूती हुई, दिल की गहराई से आवाज़ निकालने वाले सुरों के शंशाह मोहम्मद रफ़ी साहब को हमसे बिछड़े हुए पुरे 33 वर्ष हो […] Read more » हाँ तुम मुझे यूँ भूला ना पाओगे …………….