पर्यावरण विविधा संस्कृति मंत्रालय का स्वच्छ भारत अभियान: 16-30 सितंबर 2016 September 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on संस्कृति मंत्रालय का स्वच्छ भारत अभियान: 16-30 सितंबर 2016 डा. राधेश्याम द्विवेदी महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने “स्वच्छ भारत” का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। महात्मा गांधी […] Read more » Featured स्वच्छ भारत अभियान
पर्यावरण लेख साहित्य एक चिट्ठी, धर्माचार्यों के नाम September 1, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment संदर्भ: मूर्ति विसर्जन पर प्रधानमंत्री जी के मन की बात आदरणीय आचार्यवर, आम धारणा है कि मुख्य रूप से उद्योग, सीवेज और शहरी ठोस कचरा मिलकर हमारी नदियों को प्रदूषित करते हैं। इसीलिए प्रदूषण के दूसरों स्त्रोत, कभी किसी बङे प्रदूषण विरोधी आंदोलन का निशाना नहीं बने। समाज ने खेती में प्रयोग होने वाले रासायनिक […] Read more » Featured प्रधानमंत्री जी के मन की बात मूर्ति विसर्जन
पर्यावरण विविधा बाढ़ नहीं, तीव्रता व लंबी अवधि हैं बुरी August 30, 2016 / August 30, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment बाढ़ के कारणों पर चर्चा के शुरु मंे ही एक बात साफ कर देनी जरूरी है कि बाढ़ बुरी नहीं होती; बुरी होती है एक सीमा से अधिक उसकी तीव्रता तथा जरूरत से ज्यादा दिनों तक उसका टिक जाना। बाढ़, नुकसान से ज्यादा नफा देती है। बाढ़ की एक सीमा से अधिक तीव्रता व टिकाऊपन, […] Read more » Featured तीव्रता व लंबी अवधि नगरीय जलभराव के कारण बाढ़ बाढ़ के दुष्प्रभाव बढ़ाने बांध-बैराजों की अन्य भूमिका
पर्यावरण विविधा आफत की बरसात… August 26, 2016 by अजीत कुमार सिंह | Leave a Comment अजीत कुमार सिंह बरसात को कौन नहीं चाहता..बरसात के आने का हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है। लेकिन यही बरसात अगर आफत का रूप ले ले तो कल्पना नहीं कर सकते हैं कि यह कितना पीड़ादायी होगा…। असम, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण लाखों लोग […] Read more » Featured आफत की बरसात बरसात
जन-जागरण पर्यावरण विविधा हाईटेक शहरों में बारिश का कहर August 5, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव गुरूग्राम बनाम गुड़गावं समेत देश के दिल्ली-मुबंई बैंगलुरु और हैदराबाद जैसे हाईटेक शहर बारिश की चपेट में हैं। आफत की बारिश के चलते डूब में आने वाले इन शहरों ने संकेत दिया है कि तकनीकि रूप से स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शहरों में वर्षा जल के निकासी का समुचित ढांचा खड़ा करने […] Read more » Featured massive jam in Gurugram बारिश का कहर हाईटेक शहर बारिश की चपेट में हाईटेक शहरों में बारिश का कहर
पर्यावरण विविधा विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस July 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी जल, जंगल और ज़मीन के बिना प्रकृति अधूरी :- विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है. वर्तमान परिपेक्ष्य में कई प्रजाति के जीव जंतु एवं वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं. विलुप्त होते जीव जंतु और वनस्पति की रक्षा का विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर संकल्प लेना ही […] Read more » Featured world nature conservation day विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
पर्यावरण विविधा पानी दूर हुआ या हम ? July 23, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment ग्लेशियर पिघले। नदियां सिकुङी। आब के कटोरे सूखे। भूजल स्तर तल-वितल सुतल से नीचे गिरकर पाताल तक पहुंच गया। मानसून बरसेगा ही बरसेगा.. अब यह गारंटी भी मौसम के हाथ से निकल गई है। पहले सूखे को लेकर हायतौबा मची, अब बाढ़ की आशंका से कई इलाके परेशान हैं। नौ महीने बाद फिर सूखे को […] Read more » crisis of water Featured पानी
पर्यावरण विविधा मूक पशुओं के प्रति मानवीय सख्ती ? July 12, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद जब से बिहार में नील गायों का सफाया हैदराबाद से आए शूटरों किया, तब से लेकर अभी तक यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि जैवविविधता के साथ इतनी क्रूरताभरा मानवीय स्वभाव कितना उचित है। क्या किसी जंगली जानवर को मारे बिना हम सह अस्तित्व […] Read more » Featured human cruelty towards animals hunting of animals killing of animals like nilgai मूक पशुओं के प्रति मानवीय सख्ती
खेत-खलिहान पर्यावरण विविधा कृषि का सत्यानाश July 6, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | 7 Comments on कृषि का सत्यानाश भारत की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है| देश के ग्रामीण इलाकों में रहनेवाली आबादी भारी तौर पर कृषि पर ही आधारित है| इस देश का किसान अपनी मेहनत और परिश्रम के बल पर अनाज उगाता है, उसे सींचता है फिर भी उनकी मेहनत का मूल्य उपजाने में लगी लागत से भी कम मिलता है| अब […] Read more » कृषि कृषि का सत्यानाश
पर्यावरण समाज बचायें जल,सवारें कल June 30, 2016 by पुष्पेन्द्र दीक्षित | Leave a Comment क्षिति,जल,पावक,गगन ,समीरा पांच तत्व से बना शरीरा अर्थात यह शरीर क्षिति (पृथ्वी ),जल ,पावक ,गगन और समीर (हवा ) इन पांच तत्वों से मिलकर बना है और इन पांच तत्वों मे जल एक ऐसा तत्व है ,जिसके बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है । आधुनिक वैज्ञानिकों की मानें तो […] Read more » Featured save humanity save water बचायें जल
पर्यावरण विविधा जल संरक्षण तय करेगा भारत का भविष्य June 29, 2016 / June 29, 2016 by शिशिर बडकुल | Leave a Comment शिशिर बडकुल पर्यावरण का संरक्षण हमारा अहम् दायित्व है , अथर्व वेद में लिखा है ‘ माता भूमि पुत्रोअहम पृथिव्यां ‘ पृथ्वी हमारी माता है और हम सब उसकी संतान हैं | प्रकृति ने हमें जीवनदायी सम्पदायें चक्र के रूप में दी हूई हैं |और हमारा कर्तव्य है कि उस चक्र को हम सदैव गतिमान […] Read more » Featured water conservation by planting trees water harvesting जल संरक्षण
पर्यावरण विविधा वर्षाजल संचय पर गंभीरता से विचार हो June 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी सूखे से देश के लोगों की स्थिति बड़ी ही दयनीय बन चुकी है। देश के नौ राज्य इस समय भयंकर सूखे की चपेट में हैं। जहां प्रकृति का मौन कहर टूट रहा हो, उस ओर से हम सब और हमारी सरकारें पूर्णत: संवेदनशून्य रहती हैं।देश के नौ राज्यों में सूखा पड़े, हमारे […] Read more » Featured water harvesting कम सिंचाई वाली फसल देश सूखे और अनावृष्टि की चपेट वन वर्षा-वर्षाजल का संचय वर्षाजल संचय