जन-जागरण पर्यावरण नये साल पर लें 21 जलवायु संकल्प December 24, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment पाठकों को नूतन वर्ष 2016 की शुभकामना! शुभकामना है कि आप स्वस्थ जीयें; मरें, तो संतानों को सांसों और प्राणजयी संसाधनों का स्वस्थ-समृद्ध संसार देकर जायें। संकल्प करें; नीचे लिखे 21 नुस्खे अपनायें; आबोहवा बेहतर बनायें; मेरी शुभकामना को 100 फीसदी सच कर जायें। 1. स्वच्छता बढ़ायें। कचरा चाहे, डीजल में हो अथवा […] Read more » 21 जलवायु संकल्प Featured
पर्यावरण विविधा जहरीली हवा, जहरीला पानी और कब्रों का शहर December 22, 2015 / December 22, 2015 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | 4 Comments on जहरीली हवा, जहरीला पानी और कब्रों का शहर हिमांशु तिवारी आत्मीय उन्नाव के सदर क्षेत्र में औद्योगिक जल प्रदूषण के चलते स्थानीय लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. किसी के लिवर में प्रॉब्लम है तो किसी को त्वचा संबंधी समस्या. सिर्फ इतना ही नहीं कैंसर जैसे गंभीर रोगों के शिकार होकर मौतों का आकड़ा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. […] Read more » Featured कब्रों का शहर जहरीला पानी जहरीली हवा
पर्यावरण विविधा चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत या नसीहत December 9, 2015 / December 9, 2015 by शाहिद नकवी | 4 Comments on चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत या नसीहत पहले मुम्बई फिर उत्तराखण्ड ,जम्मूकश्मीर और अब तमिलनाडु की राजधानी जैसे सम्पन्न इलाके चेन्नई मे जिस तरह प्रकृति के आगे समूचा तंत्र बेबस नजर आया उसने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की हमारी तैयारियों पर सवाल खड़ा कर दिया है ।साथ ही प्रकृति से छेड़छाड़ कर अंधाधुन शहरीकरण की सरकारों की विकास नीति पर भी सवाल […] Read more » Chennai flood Featured चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत
पर्यावरण विविधा कब मिलेगा पीने को साफ पानी? December 6, 2015 by जगजीत शर्मा | Leave a Comment जगजीत शर्मा भारत में पेयजल की समस्या का काफी विकट है। गांवों की लगभग 80-85 फीसदी आबादी का गुजारा कुओं या हैंडपंप के पानी से होता है। शहरों में ज्यादातर लोग स्थानीय निकायों द्वारा की जा रही जलापूर्ति पर ही निर्भर रहते हैं। शहर और गांवों में अधिसंख्य आबादी को होने वाली जलापूर्ति प्रदूषित रहित […] Read more » Featured when we will get clean water to drink पीने को साफ पानी
पर्यावरण विविधा जलवायु परिवर्तन और हमारी भूमिका December 6, 2015 / December 6, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में जलवायु परिवर्तन को लेकर जिस प्रकार का मंथन किया जा रहा है, उसकी आवश्यकता बहुत पहले से महसूस की जा रही थी, लेकिन जब जागो तभी सवेरा की तर्ज पर अभी इसकी विकरालता को रोकने का उपक्रम किया जा रहा है, यही समय की मांग है। जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण के […] Read more » Featured Global Warming जलवायु परिवर्तन
पर्यावरण जलवायु परिवर्तन की चपेट में चेन्नई December 5, 2015 / December 5, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव 86 लाख की आबादी वाला शहर चेन्नई लगभग जलमग्न है। चेन्नई के अलावा नेल्लौर,चित्तूर,प्रकाशम्,कांचीपुरम,तिरूवल्लूर,विल्लूपुरम् और पुड्डुचेरी में भी प्रकृति का यही रौद्र रूप दखने में आ रहा है। इसके पहले हम जम्मू-कष्मीर,उत्तराखण्ड,लद्दाख और 2005 में मुंबई को भी इसी बेहाली की जटिल स्थिति से रूबरू होते देख चुके हैं। तय है,एक के बाद […] Read more » Featured चेन्नई जलवायु परिवर्तन जलवायु परिवर्तन की चपेट में चेन्नई
जन-जागरण पर्यावरण विविधा आपदा से बचाना यहां किसकी जिम्मेदारी है ? December 5, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान भारत में लोगों को आपदा से बचाना या तत्काल राहत देना किसकी जिम्मेदारी है?..हमें नहीं मालूम ! हमारी छोड़िए..पांच दशकों से सरकार भी इसी यक्ष प्रश्न से जूझ रही है। दरअसल आपदा प्रबंधन तंत्र की सबसे बड़ी आपदा यह है कि लोगों को कुदरती कहर से बचाने की जिम्मेदारी अनेक की है और […] Read more » disaster management Featured आपदा से बचाना आपदा’? डिजास्टर मैनेजमेंट
जन-जागरण पर्यावरण विविधा भारत नदी दिवस 2015: एक रिपोर्ट November 30, 2015 / November 30, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment तारीख – 28 नवबंर, 2015 ; मौका था अंतर्राष्ट्रीय नदी दिवस की इस तारीख पर दिल्ली में भारत नदी दिवस मनाने का। बाहर जलवायु परिवर्तन का रुदन था; नदी जोङ से विनाश की आशंका थी और नमामि गंगे को लेकर निराशा थी; किंतु 71, मैक्समूलर रोड स्थित इनटेक के छोटे से सभागार में एक अजीब […] Read more » Featured भारत नदी दिवस 2015
पर्यावरण विविधा भूकंप से निपटने की चुनौती October 30, 2015 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक पाकिस्तान व अफगानिस्तान समेत भारत के उत्तरी हिस्से में आए भीषण भूकंप में 250 से अधिक लोगों की मौत और अनगिनत लोगों का बुरी तरह घायल होना प्रमाणित करता है कि भूकंप से निपटने की चुनौती बरकरार है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश के पर्वत में था, इसलिए सर्वाधिक तबाही पाकिस्तान में […] Read more » Featured भूकंप से निपटने की चुनौती
पर्यावरण विविधा सूख रही हैं धरती की धमनियाँ October 15, 2015 by सरिता अरगरे | Leave a Comment सरिता अरगरे धरती की धमनियाँ सूख रही हैं। अपने अस्तित्व को बचाने के लिए तरह-तरह से संकेत दे रही हैं। कभी बाढ़ के माध्यम आगाह कर रहती हैं, तो कहीं सूरज की तपन से सकुचा कर गर्मी की दस्तक सुनते ही अपना दामन समेट लेती हैं। भारत की सनातनी परम्परा ने सदियों से सलिलाओं को […] Read more » Featured सूख रही हैं धरती की धमनियाँ
पर्यावरण सहअस्तित्व संस्कृति से सधेगा समाधान ? October 15, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 15 अक्तूबर – अंतर्राष्ट्रीय विवाद निपटारा दिवस ————————————————————— सहअस्तित्व संस्कृति से सधेगा समाधान या ..ताकि पानी और हम रहें निर्विवाद कम को ही याद होगा कि 15 अक्तूबर – अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस है। इसे अंतर्राष्ट्रीय विवाद निपटारा दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। संदर्भ दोनो ही महत्वपूर्ण है। अच्छा हो कि जो […] Read more » Featured
पर्यावरण विविधा चार यार हों तैयार, तो सूखे में भी सुख October 13, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 13 अक्तूबर: अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दिवस चार यार हों तैयार, तो सूखे में भी सुख सूखा पहले कभी-कभी आता था; अब हर वर्ष आयेगा। कहीं न कहीं; कम या ज्यादा, पर आयेगा अवश्य; यह तय मानिए। यह अब भारत भौगोलिकी के नियमित साथी हैं। अतः अब इन्हे आपदा कहने की बजाय, वार्षिक क्रम कहना […] Read more » Featured तो सूखे में भी सुख सूखे में भी सुख