जन-जागरण पर्यावरण मल-मूत्र से बना पेयजल January 21, 2015 / January 21, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment मल-मूत्र से बना पेयजल प्रमोद भार्गव औद्योगिक विकास और बढ़ते शहरीकरण ने आखिरकार अमेरिका समेत पूरी दुनिया में ऐसे हालात पैदा कर दिए है कि मल-मूत्र का शुद्धिकरण करके बोतलबंद पेयजल के निर्माण का धंधा शुरू हो गया है। दिग्गज कंप्युटर कंपनी माइक्रोसाॅप्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स ने इस पानी को पीकर इसके शुद्ध […] Read more » मल-मूत्र से बना पेयजल
पर्यावरण सार्थक पहल भारत में बढ़ती बाघ आबादी के मायने January 21, 2015 / January 21, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी दुनिया में विलुप्त प्राय: स्थिति में पहुंचने के बाद पुन: अपने अस्तित्व को बनाने की दिशा में आगे आए बाघों ने जिस प्रकार प्रकृति के साथ तालमेल बनाते हुए अपनी जीवसंरचना के विकास में प्रगति की है, खासकर यह भारत के लिए आज खुशी की बात अवश्य है, क्योंकि पिछले कुछ सालों […] Read more » बढ़ती बाघ आबादी
पर्यावरण गहराते जलवायु संकट के बीच पृथ्वी बचाए रखने की चुनौती January 10, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on गहराते जलवायु संकट के बीच पृथ्वी बचाए रखने की चुनौती डॉ. मयंक चतुर्वेदी ब्रह्माण्ड का स्रजन और जीवन की उत्पत्ति यह लाखों वर्ष बीत जाने के बाद भी रहस्य बना हुआ है। इसे जानने के जितने भी प्रयास किए जाते हैं, खोजकर्ता उतने ही प्रकृति के रहस्य में समा जाते हैं। हर बार उनके मुख से यही शब्द निकलते हैं कि नेति नेति अर्थात न […] Read more » गहराते जलवायु संकट
पर्यावरण धरती को गर्म होने से बचाने का संकल्प December 21, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on धरती को गर्म होने से बचाने का संकल्प संदर्भः- कार्बन उत्सर्जन कटौती के राष्ट्रिय संकल्पों का प्रारुप स्वीकृत प्रमोद भार्गव पेरु के शहर लीमा में 196 देश आखिरकार वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिए राष्ट्रिय संकल्पों के साथ, आम सहमति के मसौदे पर राजी हो गए। इसमें भारत की चिंताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। इससे अब जलवायु संकट से […] Read more » stop global warming कार्बन उत्सर्जन कटौती
पर्यावरण महत्वपूर्ण लेख रामसेतु के लौटेंगे अच्छे दिन October 20, 2014 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश की ही नहीं दुनिया की सबसे प्राचीन मानव निर्मित धरोहरों में से एक रामसेतु के अच्छे दिन लौटते लग रहे हैं। वरना मनमोहन सिंह सरकार तो इसे समुद्री मार्ग के लिए तोड़ने पर ही आमदा थी। अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने विशेषज्ञों की राय के बाद इसे […] Read more » रामसेतु
जन-जागरण पर्यावरण इन दोस्तों को दूर न करो, प्लीज! October 9, 2014 / October 9, 2014 by अरुण तिवारी | Leave a Comment विश्व वन्यजीव सप्ताह ( 2-8 अक्तूबर ) पर विशेष विश्व वन्य जीव संगठन के ताजा आंकङे कह रहे हैं कि हमने पिछले 40 सालों में प्रकृति के 52 फीसदी दोस्त खो दिए हैं। बीती एक सदी के भीतर बाघों की संख्या एक लाख से घटकर तीन हजार हो गई है। स्थलचरों की संख्या में 39 […] Read more »
पर्यावरण विविधा आस्था का सम्मान-सेतु समुद्रम परियोजना September 23, 2014 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on आस्था का सम्मान-सेतु समुद्रम परियोजना अरविंद जयतिलक यह स्वागतयोग्य है कि केंद्र की मोदी सरकार ने को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाते हुए रामसेतु की रक्षा का संकल्प लिया है। सरकार के केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने देश को भरोसा दिया है कि उनकी सरकार रामसेतु को बचाते हुए ही सेतु समुद्रम शिपिंग कैनाल प्रोजेक्ट को […] Read more » सेतु समुद्रम परियोजना
जन-जागरण पर्यावरण महत्वपूर्ण लेख आतंकवाद से जुड़ा पशुवध September 20, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः- मेनका गांधी का बयान-आतंकवाद फैलाने में काम आ रहा है पशुवध का धन प्रमोद भार्गव केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा पर्यावरणविद् मेनका गांधी का यह बयान चिंताजनक है कि पशुवध का पैसा देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने के काम आ रहा है। गांधी ने यह बात बयानवीर नेताओं की तरह बिना […] Read more » आतंकवाद से जुड़ा पशुवध
जन-जागरण पर्यावरण कुदरत आखिर क्यों नाराज हुई ? September 12, 2014 by रवि श्रीवास्तव | Leave a Comment 16 जून 2013 का दिन उत्तराखंड के लिए विनाश का ऐसा काला समय था, जिसने हज़ारों की संख्या में लोगों की ज़िंदगियों को छीन लिया । वहां जो बच भी गए, उनका घर कारोबार सब कुछ उजड़ गया। प्रकृति के इस कहर से केदारनाथ, रूद्र प्रयाग, उत्तरकाशी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। उत्तराखण्ड में आई […] Read more » कुदरत आखिर क्यों नाराज हुई ?
जन-जागरण टॉप स्टोरी पर्यावरण विविधा ‘नमामि गंगे’ अतीत, वर्तमान और सरकारी योजनाएं August 26, 2014 by लखेश्वर चंद्रवंशी | Leave a Comment गंगा की दुर्दशा के लिए गंगा को प्रदूषित करनेवाले जितने जिम्मेदार हैं, उससे कहीं ज्यादा वे लोग भी जिम्मेदार हैं जिनपर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का दायित्व दिया गया था। यदि अधिकारी, मंत्री और कर्मचारी सही तरीके से ईमानदारी से अपना दायित्व पूर्ण करते, तो आज गंगा को प्रदुषण मुक्त बनाया जा सकता था। […] Read more » नमामि गंगे
पर्यावरण मीडिया की सर्वव्यापी उपस्थिति से जीवंत हो रहा है लोकतंत्र April 22, 2014 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -संजय द्विवेदी- चुनाव जो मीडिया में ज्यादा और मैदान में कम लड़ा जा रहा बेहतर चुनाव कराने की चुनाव आयोग की लंबी कवायद, राजनीतिक दलों का अभूतपूर्व उत्साह,मीडिया सहभागिता और सोशल मीडिया की धमाकेदार उपस्थिति ने इस लोकसभा चुनाव को वास्तव में एक अभूतपूर्व चुनाव में बदल दिया है। चुनाव आयोग के कड़ाई भरे रवैये […] Read more » Democracy media मीडिया लोकतंत्र
पर्यावरण हम पीला पानी क्यों पीते हैं? November 16, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 5 Comments on हम पीला पानी क्यों पीते हैं? वरूण सुथरा संसार में रहने वाले हर एक मनुष्या की सबसे पहली ख्वाहिश यही होती है कि उसे पेट भरने के लिए दो वक्त की रोटी और प्यास बुझाने के लिए साफ़ पानी आसानी से मिल जाए। बाकी जिंदगी के एशो आराम की दूसरी चीज़ें वह दूसरे दर्जे की श्रेणी मे रखता है। भारत देश […] Read more »