Category: स्‍वास्‍थ्‍य-योग

स्‍वास्‍थ्‍य-योग

भारत में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों का बाजार

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दुनिया ने भारत को एक ऐसी बड़ी शक्ति के रूप में देखना शुरू कर दिया है जो विकासशील देशों के बीच उच्च क्रय शक्ति रखने वाली सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत में निजी संपत्ति के साथ लोगों कीप्रति व्यक्ति आय पिछले एक दशक में बढ़ी है, जो जीवन में बेहतर बदलाब आने का मुख्य कारण है। अस्वस्थ जीवन-शैली,  खानपान की आदतों में बदलाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव का  बढ़ता  स्तर, और एक ही जगह दिनभर बैठने वाली नौकरियों में शामिल लोगों की बढ़ती संख्या ने जीवन-शैली से सम्बंधित बीमारियों की घटनाओं में वृद्धि की है। ये बीमारियां न तो संक्रमण से फैलती हैं और न हीआनुवंशिक होती हैं, इन्हे जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियां कहा जाता है। अनिद्रा, जंक फूड के सेवन और गैजेट्स के बढ़ते चलन के कारण भी जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आजकल इन बिमारियों की चपेट में युवा ही नहीं बल्कि बच्चे भी तेजी से आ रहे हैं। उदहारण के लिए भारत में मोटापा जैसी जीवन-शैली की बीमारियों […]

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विविधा स्‍वास्‍थ्‍य-योग

जानिए कैसे मिटटी के बर्तन द्वारा आप अपना किस्मत/भाग्य संवार सकते हैं .

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मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल-सब्जी में धातु विषैले तत्व और चमक पैदा करने वाले रसायनों की मिलावट भी नहीं होती है। मिट्टी उष्णता की कुचालक है अत: इस तरह के बर्तनों में भोजन पकाने से उसे धीरे-धीरे उष्णता प्राप्त होती है, जिसके परिणामस्वरूप दालसब्जी में प्रोटीन शतप्रतिशत सुरक्षित रहता है। यदि कांसे के बर्तन में खाना पकाया जाए तो कुछ प्रोटीन का क्षरण हो जाता है व एल्युमिनियम के बर्तन में पकाने से 87 प्रतिशत प्रोटीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। भोजन में कुछ एल्युमिनियम चले जाने से एल्जाइमर, पार्किन्सन आदि अनेक बीमारियां हो जाती हैं।

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