आलोचना जरूर पढ़ें टॉप स्टोरी परिचर्चा अफसरों की भ्रष्ट प्रवृत्ति रोकना जरुरी March 14, 2015 by रमेश पांडेय | 2 Comments on अफसरों की भ्रष्ट प्रवृत्ति रोकना जरुरी रमेश पाण्डेय देश और दुनिया में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने को लेकर कशमकश जारी है। सामाजिक संगठन से लेकर राजनैतिक संगठनों द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आए दिन भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर आन्दोलन करते रहते हैं। योग गुरु बाबा रामदेव भी भ्रष्टाचार के मुद्दे […] Read more » anna hajare against corruption Black Money Corruption corruption in bureaucracy Corruption in India narendra modi against corruption ramdev against corruption
आलोचना बच्चों का पन्ना महत्वपूर्ण लेख शिक्षा जगत में नकल के बदलते मायने March 14, 2015 by बी.आर.कौंडल | 1 Comment on शिक्षा जगत में नकल के बदलते मायने बी.आर.कौंडल शिक्षक बच्चों के लिए मार्गदर्शक होते है | पहले से यह परंपरा रही है कि बच्चों को नैतिक मार्ग पर ले जाने के लिए माता-पिता के बाद शिक्षक ही एकमात्र ऐसा स्तंभ है जिस पर बच्चों के भविष्य की नींव रखी जाती है | यही कारण है कि शिक्षकों […] Read more » copying in education educational issues educational problem the problem in education
आलोचना ‘आप’ को ले न डूबे केजरीवाल का अहंकार March 11, 2015 / March 11, 2015 by मदन तिवारी | Leave a Comment गत फरवरी माह के 10 को आये दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत प्राप्त करते हुए 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में 67 सीटों पर कब्ज़ा किया था। चुनावी नतीजे आने के चार दिन बाद रामलीला मैदान में लाखों की भीड़ के समक्ष बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री की शपथ लेते हुए […] Read more »
आलोचना अरविंद तुम तो ऐसे ना थे… March 6, 2015 / March 6, 2015 by दीपक कुमार | 2 Comments on अरविंद तुम तो ऐसे ना थे… एक नई राजनीतिक संस्कृति के निर्माण का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी, जिसकी ओर परंपरागत राजनीतिक दलों से निराश लोग बड़ी उम्मीदों के साथ देख रहे थे, में चल रहा विवाद निराश करने वाला है। पहले योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर कार्रवाई और अब मयंक गांधी के ब्लॉग के जरिए आप पर हमले […] Read more » अरविंद
आलोचना प्रदेश में प्रशासन पस्त लेकिन समाजवादी मस्त February 27, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | 1 Comment on प्रदेश में प्रशासन पस्त लेकिन समाजवादी मस्त मृत्युंजय दीक्षित एक ओर जहां आजकल प्रदेश का कामकाज बेहद सुस्त हो गया है हर विभाग में अफसरों की लापरवाही के परिणाम सामने आ रहे हैं तथा समाजवादी सरकार की लोकलुभावन योजनाएं एक के बाद एक फेल होती जा रही हैं उस समय सैफई में जिस प्रकार से सपा मुखिया मुलायम के पोते तेज प्रताप […] Read more » प्रदेश में प्रशासन पस्त समाजवादी मस्त
आलोचना राहुल की छुट्टी या कर्तव्य से पलायन February 27, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 2 Comments on राहुल की छुट्टी या कर्तव्य से पलायन सुरेश हिन्दुस्थानी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हमेशा से ही राष्ट्रीय गतिविधियों से अलग रहने का स्वभाव रहा है। जब भी देश में कोई बड़ी घटना होती है, राहुल की तलाश की जाती है, लेकिन हमारे यह महाशय तलाश करने के बाद भी कहीं दिखाई नहीं देते हैं। बाद में कुछ सूत्र अवश्य इस बात […] Read more » कर्तव्य से पलायन राहुल की छुट्टी
आलोचना सैफई का समाजवाद : अंडर द कार्पेट February 23, 2015 / February 23, 2015 by अलकनंदा सिंह | 4 Comments on सैफई का समाजवाद : अंडर द कार्पेट देश की राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद ऐसे कई नेता हुए जिन्होंने अपने दम पर शासन का रुख बदल दिया जिनमें से एक थे राममनोहर लोहिया। राजनीतिक अधिकारों के पक्षधर रहे डॉ. लोहिया ऐसी समाजवादी व्यवस्था चाहते थे जिसमें सभी की बराबर हिस्सेदारी रहे। लोहिया कहते थे कि सार्वजनिक धन […] Read more » सैफई का समाजवाद
आलोचना कांग्रेस से जो तलछट उफन -उफ़न कर भाजपा में जा रही है -वही उसके पतन का कारण बनेगी। February 3, 2015 by श्रीराम तिवारी | 5 Comments on कांग्रेस से जो तलछट उफन -उफ़न कर भाजपा में जा रही है -वही उसके पतन का कारण बनेगी। कांग्रेस एक गई गुजरी राजनैतिक पार्टी हो चुकी है। अधिकांस कांग्रेसी नेता नाकारा हो चुके हैं ,बदनाम तो वे पहले ही बुरी तरह से हो चुके हैं।चूँकि सत्ता चली गई तो डूबती नाव के मेंढकों की मानिंद उछल-कूंद भी करने लगे हैं । जब यूपीए का नेतत्व करते हुए कांग्रेस सत्ता में हुआ करती थी तब […] Read more »
आलोचना सेंसर,बाबा और सियासत January 28, 2015 / January 28, 2015 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस धर्म, राजनीति और पैसे की तिकड़ी के खेल बड़ी तेजी से फलफूल रहा है, वैसे तो एक निराश, शोषित,परेशान और बिखरे समाज में बाबाओं का उभार कोई हैरानी की बात नहीं है लेकिन परेशानी तब पैदा होती है जब ये तथाकथित बाबा लोग बेलगाम हो जाते हैं और कुछ तो अपने आपको ईश्वर […] Read more » बाबा और सियासत सेंसर
आलोचना पहले अन्ना.. फिर केजरीवाल और अब किरण…!! January 27, 2015 / January 28, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment कहते हैं झूठी उम्मीदें जितनी जल्दी टूट जाए, अच्छी। लेकिन बात वही कि उम्मीद पर ही दुनिया भी टिकती है। पता नहीं यह हमारी आदत है या मजबूरी कि हम बार – बार निराश होते हैं, लेकिन नायकों की हमारी तलाश अनवरत लगातार जारी रहती है। चाहे क्षेत्र राजनीति का हो या किसी दूसरे क्षेत्रों […] Read more »
आलोचना इस समाजवाद को क्या नाम दूँ ? January 17, 2015 / January 17, 2015 by नीतेश राय | Leave a Comment समय के साथ – साथ भारत का विकास काफी तेजी के साथ हुआ है लेकिन उससे भी ज्यादा तेजी से राजनीतिक दलों के विचारधारा का विकास हुआ है । हो भी क्यों न भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिये जरुरी है कि भारत विकास का हर क्षेत्र में हो , चाहे वह वैचारिक […] Read more » समाजवाद
आलोचना आम आदमी की आप ? December 30, 2014 by रवि श्रीवास्तव | 11 Comments on आम आदमी की आप ? चुनाव, चुनाव, चुनाव । ऐसा लगता है, देश में चुनाव के अलावा कुछ बचा ही नही। कभी इस राज्य में तो कभी उस राज्य में। अभी हाल में दो राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हुए हैं। अब नए साल में एक नई शुरूआत दिल्ली के विधानसभा चुनाव से होगी। हालांकि दिल्ली गत वर्ष चुनाव […] Read more » आम आदमी केजरीवाल की डिनर पार्टी