कहानी जानकी का घर April 21, 2020 / April 21, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment कई वर्ष पश्चात दूरदर्शन पर धारावाहिक ‘रामायण’ के पुनः प्रसारण से कौशल्या देवी बहुत खुश थीं। सुबह के नौ बजते ही टेलीविजन के सामने हाथ जोड़ कर बैठ जाती थीं। आज रामायण देखते हुए वह अत्यंत भावविभोर हो रही थीं। सीता एवं लक्ष्मण को राम के संग वन जाते हुए देखकर कौशल्या देवी की आंखों […] Read more » जानकी का घर
कहानी आपदा और मध्यमवर्गीय परिवार का दर्द April 20, 2020 / April 20, 2020 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment देश में आपदा के हालात चल रहे है, इस स्थिति में लोग ना जाने कैसे-कैसे अपने व अपने परिवार का पेट भर रहे है, उस स्थिति पर एक बहुत ही मार्मिक कहानी प्रस्तुत है।राजू – नमस्कार जी क्या आप आपदा कंट्रोल रूम से बोल रहे हैं।ऑफिसर – हां जी बोलिए आपदा कंट्रोल रूम से ही […] Read more » corona crisis crisis to middle caste in corona Disaster and middle-class family pain middle-class family hungry in corona आपदा और मध्यमवर्गीय परिवार का दर्द
कहानी बेइंतहा प्यार April 17, 2020 / April 17, 2020 by आलोक कौशिक | 1 Comment on बेइंतहा प्यार डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और मुरझाए सौंदर्य को देखकर बेतहाशा रोए जा रही थी। ऐसा लग रहा था मानो वह आईने से कह रही हो कि तुम भी लोगों की तरह झूठे हो। आज तक मुझे […] Read more » story on immens love बेइंतहा प्यार
कहानी एक सत्य लघु कथा April 1, 2020 / April 1, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment गुरुग्राम शहर के डी एल फेस वन में एक दम्पति रहते है | जिनकी उम्र लगभग 65 तथा 70 के बीच है उनके दो पुत्र जिनके नाम अरुण व वरुण तथा एक पुत्री है जिसका नाम रेणुका है पर वे उनके पास नहीं रहते | आजकल दोनों पुत्र यु एस के कैलफोर्निया स्टेट में सेटल […] Read more » एक सत्य लघु कथा
कहानी सदमा February 25, 2020 / February 25, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment *दो महीने हो गये। शांति देवी की हालत में कुछ भी सुधार ना हुआ। पुरुषोत्तम बाबू को उनके मित्रों और रिश्तेदारों ने सुझाव दिया कि एक बार अपनी पत्नी को मनोचिकित्सक से दिखवा लें। पुरुषोत्तम बाबू को सुझाव सही लगा। अगले ही दिन अपने बड़े पुत्र सौरभ एवं पुत्रवधू संध्या के साथ अपनी पत्नी को […] Read more » सदमा
कहानी हमशक्ल January 14, 2020 / January 14, 2020 by रवि श्रीवास्तव | Leave a Comment हे ईश्वर किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। कटक के बाद जिस चेहरे को बामुश्किल से भूल पाया था, आज फिर से हूबहू मेरे सामने था। लेकिन मुझसे अंजान, क्यों कि सिर्फ चेहरा मिलता था? जिसने घाव को कुरेद दिया। मुझे उसकी बिसरी यादों की झलक दिखने लगी।वर्षों पहले लगे जख़्म भर गए थे। […] Read more » हमशक्ल
कहानी ग्रुप डी December 14, 2019 / December 14, 2019 by कुमार विमल | 4 Comments on ग्रुप डी कुमार विमल दामोदर बाबू एक किसान थे. घर में उनके अतरिक्त पत्नी और दो बच्चे थे. बड़ा लड़का ओर छोटी लड़की. किसान का परिवार था, सारा परिवार मिलकर खेती करता था, घर में अन्न की कमी न थी. खेती से पर्याप्त उत्पादन कर लेते थे,जिससे परिवार का गुजारा अच्छे से चल जाता था. एक दिन […] Read more » ग्रुप डी
कहानी अम्मा October 20, 2019 / October 20, 2019 by बीनू भटनागर | Leave a Comment अम्मा की उम्र यही होगी क़रीब 78 साल और बाबूजी होंगे 82 के। अम्मा बड़ी लगन से पूजा पाठ व्रत उपवास करती थीं उनके व्रत उपवास पूजा पाठ सब सफल हुए क्योंकि उनके दोनों बेटे बहुत लायक निकले, अच्छी बहुएं मिली, आदर सत्कार मिला और किसी को क्या चाहिये। उम्र के साथ स्वास्थ्य में गिरावट […] Read more »
कहानी मोदी की सौगन्ध May 30, 2019 / May 30, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment खाता हूँ सौगन्ध सविंधान की जो मुझे यहाँ तक लाया है |करूँगा सब के साथ समान व्यवहार जो मुझे सिखाया है || रखूँगा नहीं बदले की भावना,सबको साथ में लेकर चलूँगा मै |सब के साथ सबका विकास करूँगा,यही सौगन्ध खाऊंगा मै || मै हूँ जनता का प्रधान सेवक,सबकी सेवा करूँगा मै |जब तक मेरे शरीर […] Read more »
कहानी साहित्य एक सच्ची घटना May 21, 2019 / May 21, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी पिछले दिनों हमारे मेरठ शहर में एक प्रसिद्ध ज्योतिषी व विद्वान जो देहरादून के रहने वाले है का आगवन हुआ जिनकी भविष्यवाणी काफी सही निकलती थी | माना जाता है की उनकी वाणी में माँ सरस्वती विराजमान है जिसके कारण उनके पास भीड़ लगी रहती थी और काफी ख्याति हो गयी |उन्हें […] Read more » a true story Story true incident
कहानी साहित्य मां तुझे सलाम March 12, 2019 / March 12, 2019 by अल्का श्रीवास्तव | 1 Comment on मां तुझे सलाम र “इक़बाल भाई! ये देखो अमन की चिट्ठी आई है। ज़रा पढ़कर बताना तो, क्या लिखा है उसने? वह होली पर घर तो आ रहा है न? कहीं पिछली बार की तरह इस बार भी उसकी छुट्टियां रद्द तो नहीं हो गयीं?” कमला देवी एक साँस में बोलती चली गयीं। “अरे कमला बहन! अमन होली वाले […] Read more »
कहानी अनिका एक पहेली March 12, 2019 / March 12, 2019 by विजय हरित | Leave a Comment कभी कभी जीवन में कुछ ऐसा घटित होता है जिसका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। मैं हॉस्पिटल अपने एक परिचित को देखने गया था, परिचित को देखने के बाद मैं थोड़ी देर के लिए रिसेप्शन के सामने एक कुर्सी पर बैठ गया, तभी मुझे डॉक्टर से बात करती एक लड़की दिखाई थी, जो बेहद सिंपल […] Read more » अनिका