कविता बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !! August 31, 2020 / August 31, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | 1 Comment on बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !! — डॉo सत्यवान सौरभ, अपने प्यारे गाँव से, बस है यही सवाल !बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !! रही नहीं चौपाल में, पहले जैसी बात !नस्लें शहरी हो गई, बदल गई देहात !! जब से आई गाँव में, ये शहरी सौगात !मेड़ करें ना खेत से, आपस में अब बात !! चिठ्ठी लाई गाँव […] Read more » गई कहाँ चौपाल बूढा पीपल हैं कहाँ
कविता हे सांड़ देवता नमस्कार! August 30, 2020 / August 30, 2020 by अजय एहसास | Leave a Comment हे सांड़ देवता नमस्कार !हे सांड़ देवता नमस्कार!नित दर्शन दे करते उद्धार, हे सांड़ देवता नमस्कार! खेतों में रात भर पड़े रहे, सब लाठी लेकर खड़े रहेपत्ती सब आप ग्रास करते, भूमि में बस जड़ पड़े रहेक्यों इतना लेते हो आहार , हे सांड़ देवता नमस्कार! जब मार्ग कोई अवरुद्घ किये ,तो आप भी उसके […] Read more » सांड़ देवता
कविता मै भी हूं तन्हा,तुम भी हो तन्हा August 28, 2020 / August 28, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मैं भी हूं तन्हा,तुम भी हो तन्हा।चले उस जगह,जहा दोनों हो तन्हा।। सूरज भी है तन्हा,चांद भी है तन्हा।करते है सफर आसमां में वे तन्हा।। चलो तन्हाई को रुकसत करे हम दोनों।घर बसाए कहीं चलकर हम दोनों तन्हा।। मेरी जान भी तन्हा,तेरा जहां भी तन्हा।छोड़ कर चल देंगे,इस जहां को तन्हा।। लेकर न जाएंगे कुछ […] Read more » मै भी हूं तन्हा
कविता खबरों की भीड़ में ….!! August 27, 2020 / August 27, 2020 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा खबरों की भीड़ में ,राजनेताओं का रोग है .अभिनेताओं के टवीट्स हैं .अभिनेत्रियों का फरेब है .खिलाड़ियों का उमंग हैअमीरों की अमीरी हैं .कोरिया – चीन हैतो अमेरिका और पाकिस्तान भी है .लेकिन इस भीड़ से गायब है वो आम आदमीजो चौराहे पर हतप्रभ खड़ा है .जो कोरोना से डरा हुआ तो […] Read more » खबरों की भीड़ में
कविता मां और मौसी August 27, 2020 / August 27, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मां पर सभी कवि लिखते हैं,मौसी पर कभी नहीं लिखते है।मौसी भी तो मां जैसी है पर ,उस पर क्यो नहीं हम लिखते है ? मौसी भी तो मां के समान है,उसका भी तुम सम्मान करो।देखो उनमें कितना प्यार है,उस पर तुम अभिमान करो।। मां मरती है तो मौसी पालती है,अपने बच्चो को छोड़ तुम्हे […] Read more » मां और मौसी
कविता देश ही सर्वोच्च है। August 27, 2020 / August 27, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जिस देश में हमने जन्म लिया,उस देश पर हम बलिदान हो जाए।जो निर्बल है पिछड़े है इस देश में,उनको तारे हम पहले फिर खुद तर जाए।। रहे ध्यान निज मान मर्यादा का,उसका हनन हम कभी न होने दे।जो करे हनन हमारी मर्यादाओं का,उनको देश में कभी हम बढ़ने न दे।। करे देश की रक्षा हम […] Read more » The country is supreme. देश ही सर्वोच्च है।
कविता सावन और साजन August 25, 2020 / August 25, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment घोर घटाएं जब घिरने लगती है,तुम्हारी याद मुझे आने लगती है।रिम झिम रिम झिम जब बादल बरसे,मिलन की आस सताने लगती हैं।। साथ न हो सावन में साजन का,दिल में घुटन सी होने लगती है।बिन साजन सावन की भीगी राते,मुझको दुश्मन सी लगने लगती है।। दमकती है दामिनी जब नभ में,मुझको डर लगने लगता है।कही […] Read more » सावन और साजन
कविता बच्चों का पन्ना नगर सेठ की गाड़ी August 24, 2020 / August 24, 2020 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment दो बैल जुते इस गाड़ी में, यह नगर सेठ की गाड़ी है | लोगों का पीछा करती है, न उनसे कभी पिछड़ती है| कितना भी तेज चले जनता, यह साथ साथ में चलती है| है बिना रुके ही चढ़ जाती , […] Read more » नगर सेठ की गाड़ी
कविता विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस August 22, 2020 / August 22, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment करे सम्मान वरिष्ठ नागरिकों का,करे उनका हम सब ध्यान।मिलेगा उनका आशीष तुमको,और मिलेगा उनका तुमको ज्ञान।। धरोहर हैं वे हम सबकी,और तुम्हारी वे पहचान।एक दिन तुम भी बनोगे,उनकी अद्भुत अनोखी शान।। निवेदन है अपनी सरकार से,करे वरिष्ठ नागरिकों का ध्यानआय कर से उन्हें मुक्त करे,और करे उनका कल्याण।। एक दिन तुम भी बनोगे,करना इसका भी […] Read more » विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस
कविता गणेश चतुर्थी August 22, 2020 / August 22, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जय जग वंदन जय शिव नंदन,जय जय हो भवानी के नंदन।तुम बिन न होय कोई कार्य पूरन,अबकी बार करो कोरोना का निवारण।। आप है अष्ट सिद्धि के दाता,तुम ही हो नव निधि के दाता।तुम ही सबके क्लेश निवारण,करो तुम मेरे क्लेश निवारण।। मूषक है तुम्हारा अपना वाहन,मोदक प्रिय कहलाते गजानन।जब जब भीर पड़ी भक्तो पर,सबके […] Read more » गणेश चतुर्थी
कविता देश के हालात खराब है,क्या करोगे तुम देखकर | August 18, 2020 / August 18, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment देश के हालात खराब है,क्या करोगे तुम देखकर |कुछ लोग देश बेच रहे है,रो पड़ोगे तुम देखकर || नाम नहीं लेता हूँ मै उसका,खुद ही समझ जाओगे |दुश्मन देश में शूटिंग होगी,अपने देश को छोड़कर || देश प्रेम है केवल दिखावा,मन में उसके कुछ और है|लोगो को वह लुभाता है,”सत्यमेय विजयते”वह कहकर || चारो तरफ […] Read more » what will you see
कविता अटल जी अटल थे,अटल ही उनका गहना था। August 16, 2020 / August 16, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment अटल जी अटल थे,अटल ही उनका गहना था।विश्व के हर भू भाग पर उनका ताना बाना था।। देते थे जब वे भाषण संसद की दीवारें हिल जाती थी।हिन्दी के शब्दों के कारण सब भाषाएं हिल जाती थी।। अटल कुशल प्रशासक थे वे सारे विश्व के जननायक थे।सुना जब यू एन ओ में भाषण सब उनके […] Read more » Atal ji was Atal Atal was his jewel. अटल जी