कविता महान क्रांतिकारी अनाथ बालक ऊधम सिंह December 1, 2020 / December 1, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकवो तिथि तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस ईस्वी,गोरों के गुलाम भारत की एक मनहूस घड़ी थी! जब कायर अंग्रेज जनरल रेजीनॉल्ड ए डायर नेपंजाब गवर्नर माइकल ओ ड्वायर के आर्डर पर, रालेट एक्ट में गिरफ्तार नेताओं के समर्थन हेतुजलियांवालाबाग में बैठक करती निहत्थी भीड़ पे, अंधाधुंध सोलह सौ पचास राउंड गोलियां फायरकरके तीन […] Read more » the great revolutionary orphan boy Udham Singh अनाथ बालक ऊधम सिंह ऊधम सिंह महान क्रांतिकारी महान क्रांतिकारी अनाथ बालक ऊधम सिंह महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह
कविता हिन्दी करती सबकी शुभकामना December 1, 2020 / December 1, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकछोड़ो अंग्रेजी की बातें करनाजरा याद करो वी ओ चिदंबरम पिल्लई कोदेशी जल जहाज चलानेवाले‘कप्पलोट्टिय तमिलन’ देशभक्त थेअंग्रेजों ने कोल्हू का बैल बना पीड़ित कियाछोड़ो अंग्रेजी में काम करनादेशी शेर के लहू का अपमान सहोगे कबतक?छोड़ो भिंगी बिल्ली बननाअपनी मांद से निकलो तो, करो सिंह गर्जना,हिन्दी को समझो अपना! ऐ वीरशैव लिंगायत कर्नाटक […] Read more » poem on hindi अल्लुरी सीताराम राजू कोयपल्ली केलप्पन नय्यर रानी किट्टूर चेन्नमा वी ओ चिदंबरम पिल्लई हिन्दी
कविता वो सारे जज्बात बंट गए November 29, 2020 / November 29, 2020 by प्रभात पाण्डेय | Leave a Comment प्रभात पाण्डेय गिरी इमारत कौन मर गयाटूट गया पुल जाने कौन तर गयाहक़ मार कर किसी काये बताओ कौन बन गयाजिहादी विचारों सेईश्वर कैसे खुश हो गयाधर्म परिवर्तन करने सेये बताओ किसे क्या मिल गयाजाति ,धर्म समाज बंट गयेआकाओं में राज बट गयेआज लड़े कल गले मिलेंगेवो सारे जज्बात बंट गए || नफरतों की आग […] Read more » वो सारे जज्बात बंट गए
कविता डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान November 29, 2020 / November 29, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान,कभी न कभी होगा,इनका भी समाधान। करते नहीं थे कभी,जो भगवान को याद,आज सब कर रहे,उस भगवान को याद। हैवान बन चुका था,आज का ये इन्सान,कोरोना ने निकाल दी है उन सबकी जान। शायद ले रहा हो,भगवान ये सबका इम्तिहान,सज्जन पुरुष ही पास कर पाएंगे ये इम्तिहान। मास्क नहीं […] Read more » Corona has disrupted life डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान
कविता चलना जीवन सार !! November 29, 2020 / November 29, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment समय सिंधु में क्या पता, डूबे; उतरे पार !छोटी-सी ये ज़िंदगी, तिनके-सी लाचार !! पिंजड़े के पंछी उड़े, करते हम बस शोक !जाने वाला जायेगा, कौन सके है रोक !! पथ के शूलों से डरे, यदि राही के पाँव !कैसे पहुंचेगा भला, वह प्रियतम के गाँव !! रुको नहीं चलते रहो, जीवन है संघर्ष !नीलकंठ […] Read more » चलना जीवन सार
कविता जैनधर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ November 29, 2020 / November 29, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ जन्मे थेआठ सौ सतहत्तर ईसा पूर्व मेंनागवंशी काशीराज अश्वसेन और वामादेवी के पुत्र रूप मेंतीस वर्ष की उम्र में त्यागकर जन्मभूमि पार्श्वनाथ पहुंचे मगध महाजनपद, झारखंड क्षेत्र गिरीडीह के सम्मेद शिखरजहां पार्श्वनाथ ने चौरासी दिनों तक घोर तपस्या करचौरासी लाख योनि से मुक्ति हेतु कैवल्य ज्ञान को […] Read more » Parshvanath the 23rd Tirthankara of Jainism जैनधर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ
कविता मेरी लिखने की प्रकिया November 29, 2020 / November 29, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment लिखने से पहले,मै माँ सरस्वती को नमन करता हूँ ,जो विचार मन में आये,उसको फिर मै लिखता हूँ |देखता रहता हूँ,लोगो की क्रियाओ प्रतिकिर्याओ को ,फिर उनका मंथन कर,उनको कलम से लिखता हूँ || मंच पर चढ़ने से पहले,माँ सरस्वती को नमन करता हूँ,मंच पर बैठने से पहले,सब कवियों को नमन करता हूँ |उद्घोषणा होती […] Read more » मेरी लिखने की प्रकिया
कविता भारतान् जनान ररक्ष November 29, 2020 / November 29, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक‘भारतान् जनान ररक्ष’ ये प्रार्थना है भारतीयों के लिए‘हे ईश्वर! भारत जन की रक्षा करो’ऋग्वेद के मंत्रद्रष्टा राजर्षि आर्य विश्वामित्र कीफिर कैसे धारणा बन गई कि आर्य आक्रांता विदेशी थे! किस विदेशी आक्रांता ने विजित देश कीजनता की रक्षा में ईश्वर से ऐसा सामगान किया,अरबों, तुर्कों, मुगलों, अंग्रेजों ने भारत को लूटा,भारतीय धर्म […] Read more » भारतान् जनान ररक्ष हे ईश्वर भारत जन की रक्षा करो
कविता प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव November 28, 2020 / November 28, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजिन से बना है जैनजिन से चला है जैन धर्मजिन वही थे जिन्होंने वासना को जीताकैवल्य ज्ञान प्राप्त करजिन को कहते अरिहंत जिनेंद्र कहलातेजैन तीर्थंकर वही जो जीवन नैया कोपार लगा दे तीर्थ बनाकरचौबीस जैन तीर्थंकर जन्मे है भारत भू परभारत नाम पड़ा है आदि तीर्थंकरऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम परऋषभदेव थे […] Read more » Adinath Rishabhdev First Jain Tirthankara First Jain Tirthankara Adinath Rishabhdev आदिनाथ ऋषभदेव प्रथम जैन तीर्थंकर प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव
कविता विघ्नहरण गणपति November 27, 2020 / November 29, 2020 by शकुन्तला बहादुर | Leave a Comment अड़चन को विघ्न हम कहते हैं ,सदा उनसे डरते हैं , सदा उनसे बचते हैं ।विघ्नहरण गणपति की वन्दना हम करते हैं,विघ्नों को हरने की कामना हम करते हैं ,निर्विघ्न करने की प्रार्थना हम करते हैं ।सोचती हूँ, संघर्ष ही तो जीवन है,फिर विघ्नों से क्या अनबन है ?जब विघ्नों से टकराते हैं,तभी सामर्थ्य जाने […] Read more » ganapati vighna haran ganapati
कविता जीवन है अनमोल November 26, 2020 / November 26, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment जीवन है बडा अनमोल,इसका कोई नहीं है मोल।इसको बचा कर तुम रखिए,मास्क लगा कर तुम रखिए।। घर छोड़कर नहीं जाओ,कोरोना को नहीं बुलाओ।भले ही कितनी हो मजबूरी,दो गज की रक्खो तुम दूरी।। कोरोना है बहुत घातक,यह किसी को नहीं बख्शता।चाहे वह हो राजा व रंक,भर लेता है वह अपने अंक।। बरतो न इसमें कभी ढिलाई,चूकि […] Read more » जीवन है अनमोल
कविता जो शहीद हुए हैं वतन पे November 26, 2020 / November 26, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजो शहीद हुए हैं वतन पेउन्होंने ऐसे वतन को रख छोड़ा हैजो अभिमान है सबके! जो शहीद हुए हैं वतन पेउन्होंने ऐसे पिता से मुख मोड़ा हैजो पहचान थे उनके! जो शहीद हुए हैं वतन पेउन्होंने ऐसी माता से नाता तोड़ी हैजो दिलोजान थी उनके! जो शहीद हुए हैं वतन पेउन्होंने ऐसी पत्नी […] Read more » जो शहीद हुए हैं वतन पे