कला-संस्कृति लेख मन की थोथ भरने आता हर साल करवाचौथ October 12, 2022 / October 12, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment मगर सबसे लोकप्रिय सावित्री और सत्यवान से संबंधित है जिसमें सावित्री ने अपने पति को अपनी प्रार्थना और दृढ़ संकल्प के साथ मृत्यु के चंगुल से वापस लाया। जब भगवान यम सत्यवान की आत्मा को प्राप्त करने आए, तो सावित्री ने उन्हें जीवन प्रदान करने की भीख मांगी। जब उन्होंने मना कर दिया, तो उसने खाना-पीना बंद कर दिया और यम का पीछा किया जो उसके मृत पति को ले गया। यम ने कहा कि वह अपने पति के जीवन के अलावा कोई अन्य वरदान मांग सकती है। सावित्री ने उससे कहा कि उसे संतान की प्राप्ति हो। Read more » Karvachauth करवाचौथ
आर्थिकी लेख विकसित देशों की तुलना में भारत में तेजी से कम हो रही है गरीबी October 12, 2022 / October 12, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में संयुक्त राष्ट्र डेवलपमेंट प्रोग्राम ने मानव विकास सूचकांक (एचडीआर) प्रतिवेदन 2021-22 जारी किया है। एचडीआर की वैश्विक रैंकिंग में भारत 2020 में 130वें पायदान पर था और 2021 में 132वें पर आ गया है, ऐसा इस प्रतिवेदन में बताया गया है। Read more » Poverty is decreasing faster in India than developed countries
मनोरंजन लेख सिनेमा क्रिएटिव लिबर्टी के बहाने, आस्था पर निशाने October 10, 2022 / October 10, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment बुद्धिजीवियों और बॉलीवुड को इस बात पर मंथन करना चाहिए। भगवान् श्री राम और रामायण से हमारी आस्था जुडी हुई इसलिए उनसे जुडी हुई किसी भी चीज़ का लोकतान्त्रिक तरीके से विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। सबसे बड़ा सवाल है की अगर आने वाली पीढ़ी रामायण को इस तरह देखेंगी तो वो उसके महत्त्व […] Read more » adipurush saif ali khan as ravan
लेख विश्ववार्ता दुनिया को नहीं चाहिए हिज़ाब तो भारत में क्यों विवाद? October 10, 2022 / October 10, 2022 by डॉ राघवेंद्र शर्मा | Leave a Comment हिजाब के विरोध में जिस तीव्र गति से आंदोलन बढ़ रहे हैं, उनसे एक बात स्पष्ट हो चली है कि अब मुस्लिम महिलाओं ने भी अपने अधिकार जान लिए हैं और स्वयं को इस लायक समझने लगी हैं कि अपने दायित्वों को अब हमें खुद तय करना है। इन का निर्धारण कोई दूसरा व्यक्ति नहीं कर सकता। भविष्य के प्रति खुलेपन का भरोसा इसलिए भी आशाओं की नई उजास पैदा कर रहा है, क्योंकि अब इस आंदोलन को मुस्लिमों के अलावा दुनिया भर की सभी वर्गों की महिलाओं का समर्थन मिलना शुरू हो गया है। Read more » The world does not want hijab why hijab dispute in India? दुनिया को नहीं चाहिए हिज़ाब
पर्यावरण लेख दिल्ली हो सकती है पूरी तरह से रिन्यूबल एनेर्जी पर निर्भर, अगर… October 8, 2022 / October 8, 2022 by निशान्त | Leave a Comment रिन्यूएबल एनर्जी नामक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित एक लेख से इस बात की प्रबल संभावना जाहिर हुई है कि दिल्ली वर्ष 2050 तक जीवाश्म ईंधन से छुटकारा पाकर 100% अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता का लक्ष्य हासिल कर सकती है। अपनी तरह के इस पहले शोध में दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय महानगर में 100% अक्षय ऊर्जा प्रणालियों […] Read more »
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख महाकाल लोक : आस्था और आध्यात्म का नवीन प्रकल्प October 8, 2022 / October 8, 2022 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारमहाकाल को साक्षी बनाकर, उनके समक्ष नतमस्तक होकर सरकार जब खड़ी होती है तो महाकाल का आशीष बरसने लगता है. राज्य के विकास के विकास के रास्ते खुद ब खुद खुलने लगते हैं. महाकाल लोक भी महाकाल के आशीष से आरंभ हो रहा है. बोलचाल में जब हम एक और एक ग्यारह बोलते हैं […] Read more » Mahakal Lok
लेख 5G और गांव में नेटवर्क की समस्या October 7, 2022 / October 7, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment बबली सोरागी कपकोट, उत्तराखंड भारत भले ही आज 5G नेटवर्क की तरफ तेजी से कदम बढ़ रहा हो, लेकिन देश के कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां लोगों को मामूली नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं हो पाता है. उन्हें इंटरनेट स्पीड मिलना तो दूर की बात है, अपनों से फोन पर भी बात करने के लिए गांव से कई किमी दूर […] Read more » 5G and network problems in the village
लेख समाज पेशा अध्यापन का मनोवृत्ति राक्षसीय ? October 6, 2022 / October 6, 2022 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी स्कूली शिक्षा ग्रहण करने वाला लगभग प्रत्येक भारतवासी संत कबीर के उन दोहों से भली भांति परिचित है जो हमें गुरु के रुतबे व उनके महत्व से परिचित कराते हैं। संत कबीर का सबसे प्रसिद्ध व प्रचलित दोहा ‘गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू आपने गोविन्द दियो बताय’।। अर्थात […] Read more » Attitude of teaching profession demonic? पेशा अध्यापन का मनोवृत्ति राक्षसीय
लेख तनाव से मुक्ति का मंत्र है मुस्कान October 6, 2022 / October 6, 2022 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह दया शब्द को कई नामों से जाना जाता हैं जैसे करुणा, सहानुभूति, अनुकंपा, कृपा, रहम, आदि। परिस्थिति जन्य की गई सेवा दया कहलाती है। मनोस्थिति जन्य की गई सेवा करुणा कहलाती है। करुणा स्वभाव गत होती है। जिस इंसान में करुणा है उसके लिए बाहर की कोई भी परिस्थिति उस पर […] Read more » Smile is the mantra to get rid of stress मुस्कान राष्ट्रीय क्षमा और खुशी दिवस
लेख कमज़ोर कभी माफ नहीं कर सकते; क्षमा ताकतवर की विशेषता है October 6, 2022 / October 6, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment राष्ट्रीय क्षमा और खुशी दिवस – 7 अक्टूबर सामाजिक जीवन तभी संभव है जब हम बात करें, चर्चा करें और एक-दूसरे की छोटी-छोटी गलतियों को क्षमा करें। क्षमा के लिए एक आवश्यक मूल्य इस प्रकार प्रत्येक मनुष्य के लिए सम्मान है। आतंकवादी गतिविधियां, उग्रवाद, नक्सलवाद, सांप्रदायिक दंगे आदि खुद को बदले की कार्रवाई के रूप […] Read more » The weak can never forgive; Forgiveness is the attribute of the strong राष्ट्रीय क्षमा और खुशी दिवस
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है दशहरा October 5, 2022 / October 6, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –नवरात्रि के बाद आने वाला दशहरा का पर्व हिन्दुओं का बेहद ही खास पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन दशहरा का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है, यह पर्व देश की सांस्कृतिक चेतना […] Read more » Dussehra दशहरा
लेख पूजा पंडाल में मौत का खेल क्यों? October 3, 2022 / October 10, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल उत्तर प्रदेश के जनपद भदोही के औराई में पूजा पंडाल में रविवार की रात में लगी आग ने बहुत कुछ सवाल खड़ा किया है। निश्चित रूप से हम धर्म की आड़ में सुरक्षा और संरक्षा से आंखें मूंद लेते हैं। यह पीड़ा […] Read more » Why the game of death in the puja pandal? पूजा पंडाल में मौत