लेख शख्सियत शासकीय तंत्र में मानवीय मंत्र की स्थापना का सिद्धांत – एकात्म मानववाद September 24, 2021 / September 24, 2021 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment महान दार्शनिक प्लेटो के शिष्य व सिकंदर के गुरु अरस्तु ने कहा था – “विषमता का सबसे बुरा रूप है विषम चीजों को एक समान बनाने का प्रयत्न करना।” The worst form of inequality is to try to make unequal things equal. एकात्म मानववाद, विषमता को इससे बहुत आगे के स्तर पर जाकर हमें समझाता […] Read more » Integral Humanism Principle of establishment of human mantra in government system Principle of establishment of human mantra in government system - Integral Humanism एकात्म मानववाद पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय
लेख सार्थक पहल उम्मीद है यह पहला कदम होगा आखरी नहीं September 24, 2021 / September 24, 2021 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment 2021 में भारत को स्वराज प्राप्त हुए 74 वर्ष पूर्ण हुए और हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर देश स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालय की आधारशिला रखते हैं। भारत जैसे देश […] Read more » Raja Mahendra Pratap Singh Government University राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालय
लेख सार्थक पहल पर्यटन विकास के क्षेत्र में मंदार से जुड़ा एक और अध्याय September 23, 2021 / September 23, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment पर्यटक ऊंचाई से मंदार की वादियों का मजा ले सकेंगे।काफी लंबे अरसे से इसकी घोषणा होती रही।अब चिरलंवित सपना साकार हो रहा है।मंदार में रज्जू मार्ग का सपना बांका के पूर्व सांसद पूर्व रेल राज्य मंत्री स्वर्गीय दिग्विजय सिंह ने देखा था। जिसके लिए उन्होंने अपने स्तर से काफी प्रयास भी किया था। यही वजह […] Read more » Another chapter related to Mandar in the field of tourism development पर्यटन विकास के क्षेत्र में मंदार
लेख पंडित उपाध्याय विचार ही नहीं, व्यक्ति-क्रांति के प्रेरक September 23, 2021 / September 23, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म जयन्ती- 25 सितम्बर, 2021-ललित गर्ग- एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय बीसवीं सदी के वैचारिक युगपुरुष थे, वे अजातशत्रु थे। उन्होंने भारत के जन-मन-गण को गहराई में आत्मसात करते हुए न केवल वैचारिक क्रांति की बल्कि व्यक्ति-क्रांति के भी प्रेरक बने। उनके दर्शन में आज भारत की संस्कृति और […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay the pioneer of Integral Human Philosophy एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म जयन्ती- 25 सितम्बर
लेख भागलपुर ने दी राष्टकवि दिनकर को ख्याति September 22, 2021 / September 22, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment (जन्मदिन 23 सितम्बर पर विशेष)कुमार कृष्णनभागलपुर से ही राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर को ख्याति मिली।इसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है।उनके मुताबिक-” 1933 में सुप्रसिद्ध इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल नें भागलपुर में बिहार प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व किया था।इसके आयोजक थे पं शिवदुलारे मिश्रअपनी कविता ‘हिमालय’ ‘के प्रति’ उपकार मानता हूं। जनता में मेरा […] Read more » राष्टकवि दिनकर राष्टकवि रामधारी सिंह दिनकर जन्मदिन 23 सितम्बर
लेख विज्ञान विधि-कानून समाज श्राद्ध कर्म का विज्ञान September 21, 2021 / September 21, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव हिंदुओं में दाहक्रिया के समय कपाल क्रिया प्रचलन में है। गरुड़़ पुराण के अनुसार शवदाह के समय मृतक की खोपड़ी को घी की आहुति देकर डंडे से प्रहार करके फोड़ा जाता है। चूंकि खोपड़ी का अस्थिरूपी कवच इतना मजबूत होता है कि सामान्य आग में वह आसानी से भस्मीभूत नहीं हो पाता है। […] Read more » science of shraadh karma श्राद्ध कर्म का विज्ञान
लेख श्राद्ध पक्ष में कौओं का भोजन September 21, 2021 / September 21, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव प्रमोद भार्गव Read more » Food of crows in Shradh Paksha श्राद्ध पक्ष में कौओं का भोजन
लेख समाज श्राद्ध क्या है इसके बारे में कुछ जानकारी September 21, 2021 / September 21, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment सा कि आप सभी को पता है कि 20 सितम्बर दिन सोमवार से श्राद्ध शुरू होने वाले हैं जिसको हम आम भाषा में कनागत भी कहते है। यह हिन्दी महीने के अश्विन मास के प्रारंभ होने के यानी शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हो जाते है। वैसे तो सभी हिन्दू समाज के सभी व्यक्ति इससे परिचित […] Read more » श्राद्ध क्या है
महिला-जगत लेख नारी कब तक बेचारगी का जीवन जीयेगी? September 20, 2021 / September 20, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-हम तालिबान-अफगानिस्तान में बच्चियों एवं महिलाओं पर हो रही क्रूरता, बर्बरता शोषण की चर्चाओं में मशगूल दिखाई देते हैं लेकिन भारत में आए दिन नाबालिग बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक से होने वाली छेड़छाड़, बलात्कार, हिंसा की घटनाएं पर क्यों मौन साध लेते हैं? इस देश में जहां नवरात्र में कन्या पूजन किया […] Read more » How long will the woman live a life of helplessness? नारी बेचारगी का जीवन जीयेगी
लेख विश्व शांति को सही परिप्रेक्ष्य में समझें September 19, 2021 / September 19, 2021 by आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि | Leave a Comment विश्व शांति दिवस-21 सितम्बर, 2021 पर विशेष– आचार्य डाॅ.लोकेशमुनि-विश्व शांति दिवस प्रत्येक वर्ष ‘21 सितम्बर’ को मनाया जाता है। मुख्य रूप से पूरी पृथ्वी पर शांति और अहिंसा स्थापित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। आज जबकि दुनिया में अशांति, युद्ध एवं हिंसा की स्थितियां परिव्याप्त है, आज इंसान दिन-प्रतिदिन शांति से दूर […] Read more » विश्व शांति दिवस-21 सितम्बर
लेख बलात्कार की घटनाओं पर अंकुश लगाना जरुरी September 19, 2021 / September 19, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | 1 Comment on बलात्कार की घटनाओं पर अंकुश लगाना जरुरी डॉ. शंकर सुवन सिंह हिंदुस्तान की संस्कृति ऋग्वेद जितनी पुरानी है। ऋग्वेद की रचना ईसा मसीह के जन्म लेने के 2500 वर्ष पूर्व की है। सफल जीवन के चार सूत्र हैं-जिज्ञासा,धैर्य,नेतृत्व की क्षमता और एकाग्रता। जिज्ञासा का मतलब जानने की इक्षा। धैर्य का मतलब विषम परिस्थितयों में अपने को सम्हाले रहना। नेतृत्व की क्षमता का […] Read more » Rape incidents need to be curbed बलात्कार
लेख वैश्विक शांति का प्रतिबिम्ब है न्याय व्यवस्था September 19, 2021 / September 19, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ.शंकर सुवन सिंह समाज एक से अधिक लोगों के समुदायों से मिलकर बने एक वृहद समूह को कहते हैं, जिसमें सभी व्यक्ति मानवीय क्रिया-कलाप करते हैं। मानवीय क्रिया-कलाप में आचरण, सामाजिक सुरक्षा और निर्वाह आदि की क्रियाएं सम्मिलित होती हैं। मनुष्य सामाजिक प्राणी है। मनुष्य सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ है। अन्य प्राणियों की मानसिक शक्ति […] Read more » Justice system is a reflection of global peace वैश्विक शांति सामाजिक न्याय बनाम वैश्विक शांति